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क्या बंद हो जाएंगे हरियाणा के 1300 प्राईवेट स्कूल?

Wed, 29 Jan 2014 01:06 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 29 Jan 2014 01:06 PM IST
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1300 private school future haging

हरियाणा बोर्ड से संबद्ध प्रदेश के 1,300 निजी स्कूलों के भविष्य का फैसला बुधवार को हो सकता है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में निजी स्कूलों की ओर से गैर व अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के विरोध में अपील डाली थी।  इसे लेकर हरियाणा निजी स्कूल संचालकों में हलचल की स्थिति है।

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हरियाणा सरकार ने हरियाणा एजूकेशन एक्ट-2003 के नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। ये वह स्कूल हैं जो 10 अप्रैल, 2007 के बाद अस्तित्व में आए हैं।
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गुड़गांव के 100 स्कूल भी शामिल
सरकार ने प्रदेश में ऐसे 1300 स्कूलों की पहचान कर उन्हें नोटिस दिया था। इसमें गुड़गांव के सौ स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों को सेशन के बीच में ही बंद कराने का निर्णय लिया गया था। इसके खिलाफ निजी स्कूलों की ओर से भोडसी के यश कुमार राघव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यशपाल यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार है। कोर्ट का जो भी फैसला होगा उसका सम्मान करेंगे। मगर सरकार को स्कूल बंद नहीं करने देंगे।

उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से मांग की है कि पॉलिसी बनाकर इन स्कूलों को स्थाई मान्यता प्रदान की जाए। अगर इन स्कूलों को बंद कराने का निर्णय सरकार ने लिया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।


30 हजार विद्यार्थी होंगे प्रभावित
गुड़गांव के गैर और अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल बंद हुए तो अकेले गुड़गांव के 30 हजार विद्यार्थियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। उन्हें स्कूल बदलना पड़ेगा। वहीं, 1500 से अधिक शिक्षक और अन्य स्टॉफ के बेरोजगार होने का भी खतरा मंडरा रहा है।

ऑल हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी सतवीर सिंह ने कहा कि सरकार को नीति बनाकर इन स्कूलों को मान्यता दे देनी चाहिए।

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