12वीं फेल छात्र को मिला डीयू में एडमिशन
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने डीयू में फर्जी कागजात से दाखिला दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें डीयू का एक छात्र भी शामिल है।
आरोपी बारहवीं में फेल होने के बावजूद फर्जी कागजात से दाखिला लेकर वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। गिरोह के सदस्य दो वर्षों में करीब तेरह छात्रों को दाखिला दिला चुके हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक चांद के अनुसार, शाखा में तैनात इंस्पेक्टर पीसी यादव को सूचना मिली थी कि डीयू में फर्जी कागजात से दाखिला दिलाने वाला शख्स फोर्ड एंडेवेर कार में द्वारका आएगा।
पुलिस टीम ने द्वारका में 25 अगस्त को घेराबंदी करके गुड़गांव निवासी अरविंद यादव (28) को पकड़ लिया। इसके कब्जे से फर्जी कागजात व सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर की फर्जी मोहर मिली।
बारहवीं में फेल होने के बावजूद साथी का भी करवाया दाखिला
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने डीयू से स्नातक करने के बाद ट्रांसपोर्ट व्यवसाय शुरू किया, लेकिन ऐश की जिंदगी जीने की इच्छाएं पूरी नहीं हुईं। इस पर उसने बुलंदशहर निवासी दयाराम के साथ मिलकर डीयू में फर्जी कागजात से दाखिला दिलाने का गिरोह बना लिया।
अरविंद ने वर्ष 2013 में फर्जी मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र व माईग्रेशन सर्टिफिकेट के आधार पर साउथ दिल्ली के कॉलेजों में तीन छात्र और साथी दौलताबाद गुड़गांव निवासी मुकेश मान (19) को भी बारहवीं में फेल होने के बावजूद वेंकटेश्वर कॉलेज में दाखिला दिला दिया।
पुलिस ने मुकेश मान व दयाराम को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने वर्ष 2014 में करीब दस छात्रों को दाखिला दिलवाया। दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा हो सकती है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पुलिस ने कॉलेजों से कागजात बरामद किए
पुलिस ने मामले की जानकारी डीयू प्रशासन को दे दी है। जिन छात्रों का फर्जी कागजात से दाखिला हुआ है, उनके कॉलेजों से कागजात बरामद कर लिए गए हैं। इनकी जांच की जा रही है। आरोेपी दाखिला प्रक्रिया के समय डीयू कॉलेजों के पास घूमते थे। इसी दौरान वह छात्रों को दाखिला दिलाने का झांसा देकर फंसा लेते थे। आरोपी फर्जी कागजात खुद ही बनाते थे।