बीए, बीएससी वाले भी कर सकेंगे आईआईटी में पढ़ाई
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डिग्री कॉलेजों से बीए, बीएससी सेकेंड ईयर की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट अब आईआईटी कानपुर के रिसर्च प्रोजेक्ट का प्रशिक्षण ले सकते हैं।
इसके लिए अंडर द समर अंडरग्रेजुएट रिसर्च एंड ग्रेजुएट एक्सीलेंस (एसयूआरजीई) 2016 का शार्ट टर्म कोर्स लॉन्च किया गया। इसके लिए 29 फरवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होंगे। इस कोर्स को लांच करने का मकसद स्टूडेंटों की बौद्धिक क्षमता का उपयोग क्लास रूम के बाहर करना और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
सरकारी, गैर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक, बीई, बी. आर्किटेक्चर और बीएस की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट भी रिसर्च प्रोजेक्ट का प्रशिक्षण ले सकते हैं। रिसर्च और प्रोजेक्ट वर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी कानपुर ने एसयूआरजीई कोर्स लांच किया। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। मई से जुलाई के बीच कक्षाएं लगेंगी।
पहली बार डिग्री कॉलेज के स्टूडेंट को मिलेगा मौका
ऐसा पहली बार है कि आईआईटी कानपुर ने अपने साथ ही बाहरी डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेजों के स्टूडेंटों को भी एडमिशन का विकल्प दिया है। आईआईटी के स्टूडेंट विदेशी विश्वविद्यालयों में जाकर रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।
इसके लिए यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न और मेलबर्न स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग से समझौता भी हुआ है। बाहरी इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेजों के स्टूडेंटों से 100 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस ली जाएगी।
1500 रुपये एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज भी वसूला जाएगा। आईआईटी के स्टूडेंटों को 2500-2500 रुपये एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज देना होगा।
29 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
आठ सप्ताह का कोर्स 16 मई से 14 जुलाई तक चलेगा। रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए 29 फरवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना है। इसका ब्योरा वेबसाइट www.iitk.ac.in के होम पेज पर बने लिंक (surge 2016) पर उपलब्ध है।
नेपाल और भूटान के भी स्टूडेंट
इस कोर्स की 300 सीटें हैं। चार सीटें भूटान और नेपाल के अंडर ग्रेजुएट (यूजी) स्टूडेंटों के लिए आरक्षित हैं। टॉप 60 सीटों पर एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटों की फीस सहित तमाम खर्च आईआईटी कानपुर उठाएगा।
240 स्टूडेंटों का खर्च उनका संस्थान, स्टूडेंट या फिर इंडस्ट्री या आईआईटी कानपुर मिलकर उठा सकते हैं। इस पर काम चल रहा है।
शहर की इंडस्ट्री पर करेंगे काम
एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटों को मेंटर (रिसर्च प्रोजेक्ट इंचार्ज) चुनने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद स्टूडेंट और मेंटर कानपुर की औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करेंगे।
समस्याओं का अध्ययन करेंगे, समाधान और उपाय की रिपोर्ट बनाकर देंगे। इससे स्टूडेंटों के सोचने, समझने का स्तर बढ़ेगा। रिसर्च प्रोजेक्ट या प्रोजेक्ट वर्क पर अच्छा काम कर सकेंगे। इससे औद्योगिक इकाई और उद्यमियों की समस्याएं दूर होंगी।
शैक्षिक अर्हता बाहरी स्टूडेंट (डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज)
- बीटेक, बीई, बीआर्किटेक्चर और बीएस थर्ड ईयर की परीक्षा पास।
- पांच ईयर प्रोग्राम के स्टूडेंटों की पढ़ाई तीन साल पूरी होनी जरूरी।
- बीएससी और बीए सेकेंड ईयर पास ही भरेंगे फार्म।
आईआईटियंस
- बीटेक, बीएस सेकेंड ईयर की परीक्षा उत्तीर्ण।
- एमएससी फर्स्ट ईयर में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट भरें फार्म।
- डुवल डिग्री प्रोग्राम की अर्हता सेेकेंड, थर्ड और फोर्थ ईयर है।