{"_id":"8a36d899fa1ae1627e8d85a4bbee6b43","slug":"girl-who-cant-eat","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इस लड़की ने पैदा होने के बाद से कुछ नहीं खाया, जानना चाहेंगे क्यों?","category":{"title":"Bizarre News Archives","title_hn":"हटके खबर आर्काइव","slug":"bizarre-news-archives"}}
इस लड़की ने पैदा होने के बाद से कुछ नहीं खाया, जानना चाहेंगे क्यों?
Updated Thu, 13 Feb 2014 03:37 PM IST
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अगर खबर का शीर्षक पढ़कर आपको ये वहम हो गया है कि ये कोई पुजारिन या साध्वी होगी तो आपको बता दें कि ये मामला अंधविश्वास का नहीं है। एक किस्म की मेडिकल कंडीशन के चलते ये लड़की कुछ भी खा नहीं सकती।
मामला भारत के हरियाणा राज्य के एक गांव सोनीपत का है।
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मामला भारत के हरियाणा राज्य के एक गांव सोनीपत का है।
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कभी कुछ खाया ही नहीं
25 साल की ये लड़की कुछ भी खा नहीं सकती। इसकी ऐसी हालत जन्म से है। आप इस लड़की की हालत का अंदाजा लगा सकते हैं, जिसने मुंह में कभी कुछ ठोस डाला ही नहीं।
बीवी को सांप के साथ सेक्स करने के लिए करता था मजबूर
मंजू धारा नाम की ये लड़की जिंदा रहने के लिए एक दिन में करीब 4 से 5 लीटर दूध, बटर मिल्क, चाय और पानी पीती है।
दरअसल, इस लड़की को एक बेहद अजीबोगरीब बीमारी एकालासिया है। जिसका सीधा मतलब ये है कि अगर इसने कुछ खाने की कोशिश की तो उसे उल्टियां होने लगेंगी।
बीवी को सांप के साथ सेक्स करने के लिए करता था मजबूर
मंजू धारा नाम की ये लड़की जिंदा रहने के लिए एक दिन में करीब 4 से 5 लीटर दूध, बटर मिल्क, चाय और पानी पीती है।
दरअसल, इस लड़की को एक बेहद अजीबोगरीब बीमारी एकालासिया है। जिसका सीधा मतलब ये है कि अगर इसने कुछ खाने की कोशिश की तो उसे उल्टियां होने लगेंगी।
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क्या कहना है मां का?
मंजू की मां का कहना है कि वो केवल तरल पदार्थ ही लेती है। ज्यादातर समय वो दूध पीती है और अगर उसने कुछ भी ठोस खा लिया तो उसके लिए मुसीबत हो जाती है।
बहुत डरावनी है ये परंपरा, जहां जिंदा शख्स बन जाता है मुर्दा
मंजू बताती हे कि खाने का सामान देखकर उसे बहुत बुरा लगता है कि वो कुछ भी खा नहीं सकती।
बहुत डरावनी है ये परंपरा, जहां जिंदा शख्स बन जाता है मुर्दा
मंजू बताती हे कि खाने का सामान देखकर उसे बहुत बुरा लगता है कि वो कुछ भी खा नहीं सकती।
देखने में स्वस्थ लगती है मंजू
मंजू को देखकर आप शायद ही ये कहें कि उसे किसी किस्म की बीमारी है। वो देखने में बेहद सामान्य लगती है लेकिन उसे पेट में दर्द की शिकायत रहती है।
एक-दूसरे को रंग में डुबोकर कीजिए सेक्स, बनाइए पेंटिंग
उनकी मां कहती है कि शुरु में उन्हें लगा कि वो शरारत कर रही है। लेकिन बाद में उन्हें पता चल गया कि वो झूठ नहीं बोल रही। मंजू एक बेहद सामान्य परिवार की हैं इसलिए उनके माता-पिता उनका किसी स्पेशलिस्ट से इलाज नहीं करा सकते। हालांकि जिन डॉक्टरों को उन्होंने दिखाया है उनका कहना है कि सर्जरी द्वारा इसका इलाज संभव है।
एक-दूसरे को रंग में डुबोकर कीजिए सेक्स, बनाइए पेंटिंग
उनकी मां कहती है कि शुरु में उन्हें लगा कि वो शरारत कर रही है। लेकिन बाद में उन्हें पता चल गया कि वो झूठ नहीं बोल रही। मंजू एक बेहद सामान्य परिवार की हैं इसलिए उनके माता-पिता उनका किसी स्पेशलिस्ट से इलाज नहीं करा सकते। हालांकि जिन डॉक्टरों को उन्होंने दिखाया है उनका कहना है कि सर्जरी द्वारा इसका इलाज संभव है।
क्या होता है इस बीमारी में?
डेली मेल के अनुसार, इस बीमारी में भोजन नली अपना काम करना बंद कर देती है और भोजन को न तो ग्रहण कर पाती है और न ही उसे पेट तक पहुंचा पाती है। खाना आहार नाल में ही फंसा रहता है और पीड़ित को उल्टी हो जाती है।
ग्रेटर नोएडा में भी एक ऐसा ही मामला
एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में भी आया था, जहां कविता नाम की लड़की भी 15 सालों से बिना कुछ खाए-पिए रहने का दावा करती थी।
कविता की उम्र 20 से 22 साल के करीब होगी लेकिन उसके घर वालों का कहना था कि वो कुछ नहीं खाती। लेकिन इसके पीछे एक कहानी है। आप इसे अंधविश्वास भी मान सकते हैं।
घरवालों का कहना था कि बचपन में वो सामान्य थी लेकिन एक बार उस पर देवी आईं और तभी से उसने खाना-पीना छोड़ दिया। घरवाले और स्थानीय लोग उसे बतौर देवी पूजते थे। उनका मानना था कि वो अपनी ऊर्जा देवी से ही लेती है।
हालांकि कुछ समय पहले वो लोग इलाका छोड़कर जा चुके हैं और किसी को भी नहीं पता कि वो अब कहां है।
कविता की उम्र 20 से 22 साल के करीब होगी लेकिन उसके घर वालों का कहना था कि वो कुछ नहीं खाती। लेकिन इसके पीछे एक कहानी है। आप इसे अंधविश्वास भी मान सकते हैं।
घरवालों का कहना था कि बचपन में वो सामान्य थी लेकिन एक बार उस पर देवी आईं और तभी से उसने खाना-पीना छोड़ दिया। घरवाले और स्थानीय लोग उसे बतौर देवी पूजते थे। उनका मानना था कि वो अपनी ऊर्जा देवी से ही लेती है।
हालांकि कुछ समय पहले वो लोग इलाका छोड़कर जा चुके हैं और किसी को भी नहीं पता कि वो अब कहां है।