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बेचारे को कहां पता था, मौत की सवारी कर रहा है वो...

Thu, 06 Mar 2014 12:18 PM IST
Updated Thu, 06 Mar 2014 12:18 PM IST
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frog vs croc
पंचतंत्र की बंदर और घड़ियाल वाली कहानी याद है आपको? अरे, वही कहानी जिसमें घड़ियाल अपने दोस्त बंदर का कलेजा मांगता है। लेकिन समझदार बंदर समय रहते उसकी साजिश समझ जाता है और अपनी जान बचाने में सफल हो जाता है।
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हे भगवान! इस लड़की के कान को ये क्या हो गया?
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पर ये कहानी बंदर और घड़ियाल की नहीं है। ये कहानी है, घड़ियाल और मेंढक की।

मौत के मुंह पर सवारी

frog vs croc
इस मेंढक को शायद पता भी नहीं होगा कि वो मौत की सवारी कर रहा है। वरना क्या कोई शिकार खुद शिकारी के मुंह पर जाकर बैठता है?

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ये तस्वीर इंडोनेशिया के जकार्ता की है। जहां एक मेंढक, भूखे घड़ियाल की सवारी कर रहा है और वो ‌भी बिना किसी डर के।

निगाहें शिकार पर टिकी हैं

frog vs croc
ऐसा नहीं है कि घड़ियाल को पता नहीं है कि उसके मुंह पर मेंढक बैठा है। पहली तस्वीर में तो देखकर लगता है कि वो उसे खा सकता है लेकिन दूसरी तस्वीर देखने से पता चलता है कि वो उसे खा ही नहीं सकता।
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आगे बढ़ता गया मेंढक

frog vs croc
पहले तो ये मेंढक घड़ियाल के सिर पर बैठा था लेकिन धीरे-धीरे खिसकते-खिसकते वो आगे आ गया। हालांकि उसकी जान तो बच गई लेकिन ये मौत की सवारी से कम नहीं था।

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फोटोग्राफर का कहना है कि घड़ियाल को देखकर लग रहा था कि उसका पेट भरा हुआ है और उसे मेंढक को खाने में कोई रूचि नहीं है।

फिसल गया मेंढक

frog vs croc
हालांकि मेंढक की जान तो बच गई पर इसे पूरी तरह से घड़ियाल की मेहरबानी ही थी, जिसने मेंढक को अपना शिकार नहीं बनाया।
डेली मेल के अनुसार, मेंढक बीच रास्ते फिसल तो गया और अगर घड़ियाल चाहता तो उसे आसानी से पचा जाता।
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