आखिर ऐसा क्या हैं इन बाइक में जो दुनिया है इनकी दीवानी
मोटरसाइकिलों को हमेशा से कुछ ख़ास वजहों से पसंद किया जाता रहा है।
जैसे कोई चीज़ रवायत का हिस्सा बन गई हो, कोई बात जो पक्की सी लगे और जो अपने आप में अनूठी हो। इन्हीं वजहों से मोटरसाइकिलों की मांग हमेशा से रही है।
बहुत से लोग पुराने दिनों को याद करते हैं, जब वे रफ्तार की रेस लगाया करते थे, कोई फ़ौज से जुड़ा था तो किसी के रोल मॉडल अमुक मॉडल की गाड़ी पर चला करते थे।
ब्रितानी मोटरसाइकिल ब्रांड ट्रायम्फ़ की कामयाबी के बाद दशकों से बंद हो चुके नाम अब फिर से सड़कों पर दौड़ते हुए दिखने लगे हैं।
मोटरसाइकिलें फिर से फ़ैशन में लौट रही हैं। लोग अपने अतीत से फिर से जुड़ रहे हैं और ये चाहत कुछ ऐसी है कि रोके नहीं रुक रही है। आगे उन नौ मोटरसाइकिलों का ज़िक्र है, जो वक्त की गराज से ज़माने भर बाद सड़कों पर वापस लौटी हैं।
'इंडियन' मूल देशः अमरीका
2013 में जब इंडियन सड़कों पर वापस उतरी थी तो दुनिया भर के लिए यह एक बड़ी ख़बर थी। वो ज़माना 1901 से 1953 का था, जब इंडियन एक जादुई अहसास दिला जाती थी।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह कंपनी लगातार लड़खड़ाती रही और इसे फिर से शुरू करने की तमाम कोशिशें उस वक्त रंग लाईं जब 2011 में पोलारिस इंडस्ट्रीज ने इसे खरीद लिया।
शौक़ीन लोग चाहें तो छह लाख रुपए से लेकर 16 लाख रुपए तक जेब ढीली कर इसे ख़रीद सकते हैं।
'एरियल मोटर' मूल देशः ब्रिटेन
इस कंपनी का इतिहास सौ साल से भी ज्यादा पुराना है। 1902 से मोटरसाइकिल बना रही एरियल मोटर 1931 आते आते अपने चरम पर पहुँच गई थी।
उसी दौरान कंपनी ने अपने इंजिन में बड़े बदलाव किए और 1959 तक हालात कुछ ऐसे बने कि उत्पादन बंद करना पड़ा।
बाद में कंपनी स्पोर्ट्स कार बनाने लगी और जून 2014 में उसने 1200 सीसी के होंडा इंजन वाली ‘एक’ मॉडल (तस्वीर में) की घोषणा की।
कंपनी की योजना अगले साल से कुछ नए मॉडल्स की लॉन्च करने की हैं जिनकी रेंज 19 लाख रुपए से शुरू होंगी।
'होरेक्स' मूल देशः जर्मनी
1923 के दौर में सिंगल सिलेंडर वाली होरेक्स-फाहर्ज़्वेगबउ की बाइक्स रखना शान की बात समझी जाती थी।
दस सालों के भीतर होरेक्स ने 800 सीसी की दोहरे इंजन वाली एस-8 मॉडल उतारी। हालांकि 500 सीसी वाली इम्प्रेटर को युद्ध के बाद के दिनों की एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जाता रहा था।
बाद में इसकी बिक्री लड़खड़ाने लगी और 1960 में डेमलर बेंज़ के द्वारा ख़रीदे जाने तक इसका उत्पादन बंद हो गया था। लेकिन पचास साल लग गए हेरोक्स के फिर से ज़िंदा होने में।
2012 से कंपनी ने फिर कुछ नए मॉडल उतारे जिनमें रोडस्टर, क्लासिक, कैफ़े रेसल प्रमुख हैं। इनकी क़ीमत 19 लाख रुपए के क़रीब थीं।
हालांकि सितंबर 2014 में कंपनी ने ख़ुद को दिवालिया घोषित करने के लिए दावा किया लेकिन ऐसी ख़बरें हैं कि कंपनी का उत्पादन अभी भी जारी है।
'नॉर्टन' मूल देशः ब्रिटेन
1902 मे नॉर्टन ने अपनी बेमिसाल मोटरसाइकिलों का निर्माण शुरू किया। पूरे यूरोप में इसके कई दीवाने थे लेकिन 1930 के दौरान नॉर्टन का जहाज़ आहिस्ता आहिस्ता डूबने लगा।
पचास के दशक में इसकी चेसिस में बदलाव किए गए और साठ के दशक में इसके कमांडो मॉडल ने रफ्तार पकड़ ली।
लेकिन ब्रितानी उद्योग जगत की हलचलों में यह सितारा एक बार फिर डूब गया। लेकिन 2010 में नए निवेश की वजह से कमांडो-961 ने नॉर्टन को ब्रिटेन और यूरोप की सड़कों पर एक बार फिर से ला दिया।
'माइडुअल' मूल देशः फ्रांस
माइडुअल टाइप वन मोटरसाइकिलों में फ्रांसीसी आर्ट डेको कारों की छवि देखी जा सकती थी। इसके पीछे विश्व युद्ध के बाद की ब्रितानी कंपनी डगलस मोटर्स और स्विस घड़ियां बनाने वाली कंपनियां थीं।
बाद में डगलस मोटर को फिर से शुरू करने की तमाम कोशिशों के नाकाम होने के बाद ओलिवियर माइडी और उनकी टीम ने अपना जोर माइडुअल टाइप वन मोटरसाइकिलों पर लगाया।
इसके प्रोटोटाइप तीन सितंबर को लंदन में नुमाइश के लिए पेश किए गए। कंपनी का इरादा 2016 में 35 मोटरसाइकिलें बेचने का है जिनकी कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा होंगी।
'मैचलेस' मूल देशः ब्रिटेन
कभी लंदन के प्लमस्टीड रोड पर 1901 में मैचलेस ने मोटरसाइकिलें बनानी शुरू की थीं और 1929 में आई मॉडल-एक्स ने सड़कों पर लंबे अर्से तक राज किया।
हालांकि 1966 में सिलसिला रुक गया। कंपनी इसे फिर से सड़कों पर उतारने जा रही है और 1916 सीसी वाले डबल इंजन की क़ीमत अभी ज़ाहिर नहीं की गई है।
'बुल्टाको' मूल देशः स्पेन
एक वक्त था जब बुल्टाको तेज रफ्तार वाली गाड़ियां बनाती थीं लेकिन 1983 आते आते बार्सिलोना में इसका उत्पादन बंद हो गया।
नई बुल्टाको की घोषणा 2014 की शुरुआत में की गई। मैड्रिड के एक कारख़ाने से 2000 बुल्टाको मोटरसाइकिलें 2015 के आख़िर तक सड़कों पर उतरेंगी।
बुल्टाको डेढ़ साल से ऊपर के बच्चों के लिए भी छोटी मोटरसाइकिलें बना रहा है।
'क्रॉकर मोटरसाइकिल' मूल देशः अमरीका
महान मंदी के दिनों में क्रॉकर ने सिंगल सिलेंडर वाली मोटरसाइकिलें लॉन्च की थीं। 1936 में क्रॉकर ने डबल इंजन वाली 1500 सीसी की क्रॉकर ट्विन मॉडल लॉन्च की।
इसकी रफ्तार 110 मील प्रतिघंटा तक जा सकती थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसकी रफ्तार थम गई और उस वक्त केवल 100 क्रॉकर मोटरसाइकिलें ही बनाई जा सकीं।
2012 में क्रॉकर मोटरसाइकिल कंपनी ने लॉस एंजिलिस से इसका उत्पादन दोबारा शुरू किया।
90 लाख रुपए से ज्यादा की प्राइस टैग वाले इस मोटर साइकिल को हाथ से बनाया जाता है।
'ब्रो सुपीरियर' मूल देशः ब्रिटेन
कहते हैं कि 1921 में जब ब्रो सुपीरियर बाइक्स का निर्माण शुरू किया गया था तो उस वक्त इसे मोटरसाइकिलों की रॉल्स रॉयस कहा गया था।
20 साल बाद जब नॉटिंघम में इसका बनना बंद हो गया तो दुनिया भर में तीन हज़ार मोटरसाइकिलें बिकीं थीं।
2013 में कंपनी के नए मालिक ने इसे दोबारा से लॉन्च किया है। 997 सीसी वाले इंजन की इस बाइक क़ीमत 49 लाख के क़रीब है।