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वामदलों ने पूछा, मोहन भागवत बताएं संघ का आजादी में क्या था योगदान

Tue, 18 Sep 2018 08:15 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 18 Sep 2018 08:15 PM IST
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left parties asked, Bhagwat should tell role of RSS in independence
atul anjan
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के दिल्ली में चल रहे तीन दिवसीय शिविर में बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा था कि कांग्रेस के कई नेताओं ने देश की आजादी में लड़ाई में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने आजादी के बाद भी कई कांग्रेस नेताओं के योगदान की सराहना की थी। 
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भागवत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीआई नेता अतुल अंजान ने कहा कि सरसंघचालक मोहन भागवत को इसी शिविर में यह भी बताना चाहिए कि आजादी के आंदोलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की क्या भूमिका थी और उसके कितने नेता देश की आजादी की लड़ाई में जेल गए।
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आरएसएस ने किया था आजादी का विरोध : अतुल अंजान

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव अतुल अंजान ने कहा कि देश इस बात से भली भांति वाकिफ है कि जब हिंदुस्तान की आजादी की लड़ाई चल रही थी, तब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लोग अंग्रेजी हुकूमत के साथ खड़े थे। एक समय में वे देश की आजादी का भी विरोध कर रहे थे। ऐसा करने वालों में आरएसएस के प्रमुख आदर्श गोलवलकर भी शामिल थे। यहां तक कि देश की आजादी के बाद वे लोग देश के संविधान को भी मानने से इनकार कर रहे थे। ऐसे लोग आज दिल्ली में खड़े होकर पूरे देश को राष्ट्रवाद का लेक्चर दे रहे हैं। यह बेहद गलत है। अंजान ने कहा कि सरसंघचालक को बताना चाहिए कि क्या वे अब गोलवलकर की थ्योरी से खुद को अलग करते हैं या अभी भी वे उनकी बातों को आदर्श मानते हैं।

वामपंथी दल लगाते रहे हैं आरएसएस पर आरोप

वामपंथी दलों ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की आजादी में भूमिका पर हमेशा सवाल उठाए हैं। यहां तक कि वे संघ के ऊपर हमेशा इस बात का आरोप लगाते रहे कि आरएसएस के मुख्यालय नागपुर में देश की आजादी के अवसर पर भी कभी तिरंगा नहीं फहराया जाता। हालांकि आरएसएस ने इसे हमेशा अपने विरोधियों की तंग मानसिकता बताया। संघ ने कई बार अपने नेताओं की तिरंगा लहराते हुए तस्वीरें जारी कीं और यह बताने की कोशिश की कि देश के प्रतीकों के सम्मान में वह किसी से पीछे नहीं है।
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