झारखंड: विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के पूर्व विधायक JMM में शामिल, लुईस मरांडी और कुणाल षाड़ंगी के नाम शामिल
झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान 13 और 20 नवंबर को कराए जाने हैं। चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। पूर्व भाजपा विधायकों ने सत्ताधारी दल- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का दामन थाम लिया है।
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जय झारखण्ड!
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) October 21, 2024
जय जय झारखण्ड!
जीतेगा झारखण्ड!🏹🏹 pic.twitter.com/4E4eogs9Dn
कई और नेता भी थाम चुके हैं झामुमो का दामन
पूर्व विधायकों के झामुमो में शामिल होने का ताजा घटनाक्रम तीन बार के भाजपा विधायक केदार हाजरा और आजसू पार्टी के उमाकांत रजक के झामुमो में शामिल होने के बमुश्किल दो दिन बाद ही सामने आया है। भाजपा के पूर्व प्रवक्ता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा, 'हम आज झामुमो में शामिल हो गए।'
“चंद लम्हों की है रातों की हुकूमत,
— Kunal Sarangi 🇮🇳 (@KunalSarangi) October 21, 2024
मंज़िल की उस ओर सवेरा खड़ा है”
~परिवर्तन~
Quote Courtesy : @nisha_singhmarr
आपका ही था, हूँ और रहूंगा। आपको बहुत मिस किया @HemantSorenJMM भैया
जब तक है जिस्म में जान.. नहीं छोडूंगा तीर कमान 🏹
#हेमंत_ही_तो_हिम्मत_है #जय_झारखंड… pic.twitter.com/DlbvOdrTRg
क्या हैं सियासी समीकरण
झामुमो में शामिल होने वाली पूर्व भाजपा विधायक लुईस मरांडी ने 2014 में दुमका से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 5,262 मतों के अंतर से हराया था। 2019 में सोरेन ने इस सीट से 13,188 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि, उन्होंने अपनी सीट छोड़ दी और बरहेट निर्वाचन क्षेत्र से विधायकी बरकरार रखी। उनके भाई बसंत सोरेन ने उपचुनाव में झामुमो के गढ़ दुमका में मरांडी को 6,842 से अधिक मतों से हराया था।
VIDEO | "...I have just done the right thing. Everyone should come back to their home after they have realised what's wrong with the world. I am very happy to be back with my elder brother Hemant Soren. Whatever recognition I have in politics, the credit entirely goes to him,"… pic.twitter.com/IzfAf8bLEU
— Press Trust of India (@PTI_News) October 21, 2024
भाजपा के उदासीन दृष्टिकोण से निराशा
षाड़ंगी ने भाजपा की झारखंड इकाई के प्रवक्ता के पद से हटने के करीब डेढ़ महीने बाद जुलाई में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम जिले में विभिन्न संगठनात्मक और जन-उन्मुख मुद्दों का हवाला देते हुए भाजपा झारखंड इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को अपना इस्तीफा भेजा था। उन्होंने महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करने के अपने प्रयासों के बावजूद पार्टी नेतृत्व के 'उदासीन दृष्टिकोण' पर भी निराशा व्यक्त की थी।
झारखंड की गठबंधन सरकार (47 विधायकों का समर्थन) में कितने दल शामिल हैं:
| दल का नाम | सीटों की संख्या |
|---|---|
| झामुमो | 27 |
| कांग्रेस | 18 |
| भाकपा माले | 1 |
| राजद | 1 |
झारखंड विधानसभा में विपक्षी दलों का हाल:
| दल का नाम | सीटों की संख्या |
|---|---|
| भाजपा | 24 |
| आजसू | 3 |
| राकपा (अप) | 1 |
| निर्दलीय | 2 |
झारखंड में भाजपा प्रमुख विपक्षी दल, कांग्रेस तीसरे नंबर पर
गौरतलब है कि झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल 27 विधायकों वाला झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सबसे बड़ा दल है। 24 विधायकों के साथ भाजपा प्रमुख विपक्षी दल है। इसके अलावा 18 विधायकों वाली कांग्रेस संख्याबल के लिहाज से तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। 81 विधायकों वाली विधानसभा में चार सीटें खाली हैं।