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गठबंधन में रालोद महासचिव जयंत चौधरी होंगे सीएम पद के उम्मीदवार

Tue, 04 Oct 2016 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नितिन यादव/मदन बालियान
अमर उजाला ब्यूरो, नितिन यादव/मदन बालियान Updated Tue, 04 Oct 2016 10:04 PM IST
सार

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन जरूरी : नीतीश  
किसान मजदूर स्वाभिमान रैली के मंच से सामाजिक भाईचारे का बिगुल फूंका
देश से भाजपा को उखाड़ फेंकने का किया गया एलान

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Jayant Chaudhary, General Secretary will CM candidate
किसान मजदूर स्वाभिमान रैली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत में किसान मजदूर स्वाभिमान रैली के मंच से सामाजिक भाईचारे का बिगुल फूंका गया। भाजपा, सपा और बसपा पर निशाने साधे गए। चुनाव में रालोद, जद (यू) समेत अन्य दलों को मिलाकर महागठबंधन के संकेत दिए गए। साथ ही रालोद महासचिव जयंत चौधरी को इस गठजोड़ का सीएम का चेहरा बनाने का भी एलान किया गया। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने कहा कि बड़ौत की रैली से देश से भाजपा को उखाड़ फेंकने का काम किया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन जरूरी है। जद (यू) के राज्यसभा सदस्य शरद यादव ने भाजपा पर जुमला फेंका, सीमा पर तनाव है, मानो कहीं पर चुनाव है।
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मंगलवार को बड़ौत के जनता वैदिक डिग्री कॉलेज में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, राज्यसभा सदस्य शरद यादव, बीएस 4 के अध्यक्ष आरके चौधरी ने किया। रैली में चौधरी अजित सिंह ने कहा कि बड़ौत की धरती से देश से भाजपा को उखाड़ फेंकने का काम किया जाएगा। जो बुरा वक्त था बीत गया, अब जनता ऐसे लोगों से सावधान हो जाएं। यूपी में सत्ता परिवर्तन किया जाएगा। चौधरी चरण सिंह के अनुयायी एक मंच पर आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के लिए बुरे सपने जैसे हैं, जो उन्होंने वादे जनता से किए एक भी उनमें पूरा नहीं किया। युवाओं को रोजगार नहीं दिया और किसानों को भुगतान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री केवल भाषण देना जानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार किसानों की नहीं, मिल मालिकों के साथ खड़ी है। मेट्रो और सैफई में एयरपोर्ट के लिए सरकार के पास पैसा है, किसानों के लिए नहीं। 13 अक्तूबर को लखनऊ में रालोद इस पर आंदोलन करेगा।
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने कहा कि यूपी में सत्ता परिवर्तन जरूरी है। भाजपा और सपा ने सूबे का नुकसान किया है। यहां के भाईचारे को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। ़अब प्रदेश में भाजपा, सपा और बसपा से अलग सरकार बनेगी। जनता ने लोकसभा चुनाव में अच्छे दिन आने की भूख में वोट दिया, लेकिन ढाई साल में कुछ नहीं मिला। प्रधानमंत्री बीमा योजना में किसानों के बजाय बीमा कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। वह यूपी में भी शराब बंदी लागू कराएंगे।  
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जद (यू) के राज्यसभा सदस्य शरद यादव ने कहा कि भाजपा और सपा जाति-धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाना चाहते हैं, इससे सावधान रहें। चौधरी चरण सिंह के सपनों को पूरा करना होगा। इसके लिए सब मिलकर आगे आएं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर निशाने साधे। उन्होंने भाजपा पर जुमला फेंका, सीमा पर तनाव है, मानो कहीं पर चुनाव है। शरद यादव ने यहां तक कह दिया कि बसपा बिना महावत के हाथी जैसी है। प्रदेश से सपा सरकार को हटाने का भी आह्वान किया। 
रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा ने नफरत की आग फैलाने का काम किया। यूपी में गुंडागर्दी है। किसके नेतृत्व में यूपी चल रहा है, यही कोई नहीं जानता। केंद्र  और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते पश्चिम में किसान आत्महत्या कर रहा है। 
बीएस 4 के अध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि पिछड़ों को आगे लाना होगा। सामाजिक भाईचारे का संदेश देना होगा। राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने कहा कि भाजपा ने वेस्ट यूपी के भाईचारे को तोड़ने का काम किया है। लोग एकता के साथ रहें और गठबंधन को मजबूत करने का काम करें। रालोद प्रदेश अध्यक्ष डॉ मसूद अहमद, ठाकुर दलबीर सिंह, ताराचंद शास्त्री, त्रिलोक चंद त्यागी, छपरौली विधायक वीरपाल राठी, एमएलसी मुश्ताक चौधरी, अश्वनी तोमर, राजकुमार सांगवान, सुनील रोहटा, जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा मौजूद रहे। संचालन पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा ने किया। 
चौधरी चरण सिंह की मूर्ति का अनावरण 
जेवी कॉलेज के मैदान पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की मूर्ति का अनावरण किया गया। जद यू के राज्यसभा सांसद शरद यादव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार समेत अन्य नेताओं ने अनावरण किया। कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह लोहड्डा, किरण सिंह रमाला, योगेंद्र सिंह सोलंकी, जयवीर सिंह, अश्वनी तोमर, वरूण तोमर, प्राचार्य डॉ नरेंद्र सिंह, किरण सिंह मौजूद रहे।
प्रत्याशी लेकर पहुंचे भीड़
रालोद की रैली में टिकट के दावेदार प्रत्याशी भी भीड़ लेकर पहुंचे। बागपत के अलावा अन्य जिलों से लोग आए। बागपत विधानसभा के प्रत्याशियों ने अपनी ताकत दिखाई। काफिले के साथ रैली स्थल तक पहुंचे।

मुजफ्फरनगर दंगे का दंश कम करने की कवायद 

Jayant Chaudhary, General Secretary will CM candidate
किसान मजदूर स्वाभिमान रैली - फोटो : अमर उजाला
नई लड़ाई, नए साथी पर फार्मूला पुराना। चौ. चरणसिंह की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर बड़ौत की किसान-मजदूर स्वाभिमान रैली में सभी नेता ध्रुवीकरण की लड़ाई से बचने की कोशिश करते दिखे। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद रालोद का जाट-मुस्लिम समीकरण टूटा तो चौ. अजित सिंह अपने गढ़ को नहीं बचा पाए। उत्तर प्रदेश की 2017 की लड़ाई को लड़ने से पहले रैली में मौजूद हर दिग्गज की कोशिश रही कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में हुए ध्रुवीकरण को रोका जा सके।  
चौ. चरणसिंह के दौर के किसानों और मुस्लिमों के समीकरण को याद कर नई लड़ाई का ताना-बाना बुना गया। बिना औपचारिक  घोषणा करते हुए रालोद और जदयू ने भविष्य में साथ आने की बात  तो की ही, साथ ही कांग्रेस पर निशाना न साध कर नई संभावनाओं को भी खुला रखा है। बड़ौत के जनता वैदिक कॉलेज में हुई रैली में हर वक्ता का जोर चौ. चरणसिंह के नाम पर सहानुभूति का लाभ लेने पर रहा। रैली में संभावित गठबंधन के मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर घोषित किए गए जयंत चौधरी ने साफ कहा कि वो पश्चिम की धरती को नफरत की नर्सरी नहीं बनने देंगे। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में दंगे के बाद जाट वोटरों और खासतौर पर युवाओं के भाजपा की ओर हुए रुख को तोड़ने के लिए सभी नेता अभी से तैयारी करते दिखे। यही वजह रही कि चौ. चरणसिंह की एकता को याद दिलाते हुए कहा गया कि दंगे की असल सजा चौ. अजित सिंह और जयंत चौधरी को मिली है। केसी त्यागी, शरद यादव सहित सभी बड़े वक्ताओं ने मंच से कसम दिलाई कि उनका वोटर फिर से एकतरफा ध्रुवीकरण  से बचा रहे। दरअसल, रैली के माध्यम से पहली कोशिश जाट वोटरों को वापस लाने और फिर उसके साथ मुस्लिमों को जोड़ने की रही। दंगे के बाद जाट और मुस्लिम वोटर अभी साथ आता नहीं दिखाई दे रहा है। किसानों के नाम पर पश्चिम की दूसरी बिरादरियों को जोड़ने की मंशा तो दिखी. लेकिन असल कवायद जयंत चौधरी को भविष्य नेता दिखाकर अपने वोटरों को छिटकने से बचाने की रही। 
कांग्रेस का जिक्र नहीं, खुली रखी संभावनाएं 
किसान-मजदूर स्वाभिमान रैली में सभी वक्ताओं के निशाने पर मुख्यतौर पर भाजपा रही। इसके बाद प्रदेश सरकार को कोसा गया। बसपा पर भी कुछ नेता आक्रामक रहे। खास बात यह रही कि अच्छाई या बुराई के तौर पर किसी ने कांग्रेस का नाम नहीं लिया। ऐसे में बिहार के कांग्रेस-जद यू गठबंधन को देखते हुए यूपी में रालोद और जदयू के साथ कांग्रेस के आने के विकल्प को खुला रखा गया है। हालांकि चौ. अजित सिंह और जयंत चौधरी ने बसपा पर भी कोई हमला नहीं किया। जयंत चौधरी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना दूसरे दलों के साथ गठबंधन की रणनीति में कितना फिट बैठेगा, यह देखने वाली बात होगी। 
किसान के साथ युवाओं की चिंता 
दरअसल, रालोद पश्चिम में वोटरों के दो फ्रंटों पर घिरी हुई है। किसान बिरादरियां अब चौ. चरण सिंह के दौर की तरह एकजुट नहीं हैं तो युवा वोटर लोकसभा चुनाव में मोदी के करिश्मे के साथ रहा। सभी वक्ताओं ने अपना भाषण दोनों को ध्यान में रख कर दिया। युवाओं को दिशा दिखाने की कवायद में ही जयंत चौधरी को प्रत्याशी घोषित किया गया है। इतिहास को याद करके भविष्य बनाने की नसीहत दी गई है। केसी त्यागी ने सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा उम्मीदवार बताकर युवाओं को ही खुश करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने किसानों के गन्ना भुगतान के आंकड़े गिनाए तो रोजगार न मिलने की बात भी कही गई। पूरी रैली में नेताओं के भाषण से लगा कि लोकसभा चुनाव में मिली हार के समीकरणों को दुरुस्त करके विधानसभा की तैयारी की जा रही है। 

 

 

 

छोटे चौधरी ने साध लिए बड़े-बड़े दांव 

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किसान मजदूर स्वाभिमान रैली - फोटो : अमर उजाला
किसान मजदूर स्वाभिमान रैली में भले ही खुले तौर पर महागठबंधन का एलान न हुआ हो, लेकिन छोटे चौधरी ने बड़े-बड़े दांव साध लिए। समीकरण बना तो इसके केंद्र में वह खुद होंगे। बेटे जयंत चौधरी को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित करा दिया है। जद (यू) के शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने खुद उनके तिलक का एलान किया। साथ ही रैली में उमड़ी भारी भीड़ से अपने गढ़ में पहुंचे दूसरे  नेताओं को भी ताकत का अहसास कराया। यह भी तय हो गया कि रालोद और चौधरी चरण सिंह की विरासत को भी नए चेहरे के तौर पर जयंत चौधरी ही संभालेंगे।
बड़ौत के जेवी कॉलेज के मैदान पर उमड़ी भीड़ से मंच पर बैठे लोग गदगद थे। सबसे ज्यादा सुकून अगर कहीं दिखा तो वह चौधरी अजित सिंह के चेहरे पर था। क्योंकि सवाल भी रालोद के वजूद का है। माइक हाथ में थामते ही सबसे पहले छोटे चौधरी ने भाजपा को ही उखाड़ फेंकने का एलान किया। भविष्य के सिर्फ संकेत ही दिए गए हैं, लेकिन इतना तय है जिस सियासी गठजोड़ की तस्वीर बन रही है, उसके केंद्र में रालोद मुखिया अजित सिंह होंगे। इसका अंदाजा इस बात से लग जाता है कि ताकत दिखाकर उन्होंने साथी नेताओं से कई बातें मनवा भी ली है। जयंत चौधरी को सीएम का उम्मीदवार जद (यू) नेताओं ने ही घोषित किया। साथ ही जिस तरह केसी त्यागी से लेकर नीतिश कुमार तक जयंत चौधरी के तिलक करने की बात कही गई, उससे जाहिर है कि छोटे चौधरी ने अपने दांव चल दिए हैं। गठबंधन में उनकी भूमिका भी सबसे खास होगी। सवाल अब दलों का है। रालोद, जद (यू) और बीएस 4 जैसे दलों ने पत्ते खोल दिए हैं, लेकिन उनके साथ कौन-कौन आएंगे इस पर भी सवाल है। 
भीड़ को वोट में बदलने की ही कवायद
बड़ौत में रालोद ने ताकत का अहसास करा दिया है, लेकिन इस भीड़ को अब वोट में बदलने की कवायद करनी होगी। वेस्ट यूपी के जिलों से लोग पहुंचे। भीड़ में युवाओं की संख्या भी अच्छी खासी थी। भीड़ के उत्साह को देखकर रालोद समेत अन्य दूसरे नेता उत्साहित नजर आए। अब सवाल है इन्हें वोट में बदलने का। हालांकि नेताओं ने मंच से आह्वान किया कि वह किसी के बहकावे में न आएं। 
शीला दीक्षित या जयंत चौधरी
रालोद महासचिव जयंत चौधरी को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किए जाते ही एक और सवाल खड़ा हो गया है। जिस तरह गठजोड़ के नेता कांग्रेस पर निशाना साधने से बचते रहे, नाम तक नहीं लिया गया। उससे लगता है कि भविष्य में कांग्रेस भी इस महागठबंधन में शामिल हो सकती है। तब सवाल खड़ा होगा कि कांग्रेस की पहले से घोषित उम्मीदवार शीला दीक्षित पर भरोसा किया जाएगा, यहां फिर बड़े नेताओं ने जिस तरह जयंत का तिलक करने का एलान किया है वह अंतिम होगा। यह  सवाल भी अब जनता के बीच में है। माना जा रहा है कि चुनाव नजदीक आने पर कांग्रेस भी इस महागठबंधन की तस्वीर का हिस्सा होगा।
 

 

कोई बताए, किसके नेतृत्व में चल रही यूपी सरकार : जयंत

Jayant Chaudhary, General Secretary will CM candidate
किसान मजदूर स्वाभिमान रैली - फोटो : अमर उजाला
रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर से लेकर लाल किले की रैली तक में गन्ना भुगतान के गलत आंकड़े पेश किए। वह किसानों से झूठ बोलते हैं। यूपी में किसके नेतृत्व में सरकार चल रही है, यह कोई भी नहीं जानता। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार भी गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया। एलान किया वह कहीं भी दंगा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं एकसुर होकर आगे बढने का आह्वान किया। किसान मजदूर स्वाभिमान रैली के मंच से जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों और जवानों को इंसाफ नहीं मिलता। बकाया भुगतान अब तक नहीं मिला, यह किसानों के लिए बुरे दिन हैं। इतने बुरे दिन तो पिछले दो दशक में भी नहीं थे। अगर उनके नेतृत्व में सरकार बनीं तो शहीद स्मृति ग्राम विकास योजना चलाई जाएगी। ब्याजमाफी गलत है, यह किसानों का शोषण है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंच पर बैठे लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस गठबंधन को बनाना है, तभी यूपी का विकास होगा। यूपी की पुलिस चोरों के साथ खड़ी है। यहां खनन, तबादला उद्योग चल रहे हैं। भैंस चोर मजे लूट रहे हैं। जब उनकी सरकार बनेंगी तो यूपी में भ्रष्टाचार के लिए जगह नहीं होगी। हिंदु-मुस्लिम  भाईचारे और गठजोड़ को बनाने का आह्वान किया। युवाओं से आह्वान किया कि वह अपने-अपने गांवों में पहरेदार बनें। गलत बातों को कभी आगे न बढने दें। अब दंगा नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा शहीदों का सम्मान नहीं करती। हरियाणा की भाजपा सरकार ने भगत सिंह के बजाए एयरपोर्ट का नाम आरएसएस के मंगलसेन के नाम पर रखने का प्रस्ताव किया है। अंबेडकर, चरण सिंह, लोहिया की नीतियों को अपनाने पर जोर दिया।

 

सीमा पर तनाव है, लगता है चुनाव है : शरद यादव

Jayant Chaudhary, General Secretary will CM candidate
किसान मजदूर स्वाभिमान रैली - फोटो : अमर उजाला
एलओसी पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बने माहौल में भाजपा की तरफ घूमते राजनीतिक समीकरण पर जद (यू) के राज्यसभा सदस्य शरद यादव ने जुमला फेंका। भाजपा को घेरने की कोशिश करते हुए कहा कि सीमा पर तनाव है, लगता है चुनाव है। लव जेहाद, घर वापसी के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा पर तंज कसे। साथ ही युवाओं से आह्वान कि वह नेक इंसान बनें, सामाजिक एकता को बढ़ावा दें और किसी के बहकावे में न आएं। बसपा को कहा कि वह बिना महावत के हाथी जैसी है। किसान मजदूर स्वाभिमान रैली में शरद यादव ने मंच से वर्ष 1978 में बिहार और वेस्ट यूपी के लोगों की वोट क्लब पर साझा रैली को याद दिलाया। युवाओं को सामाजिक एकता का पाठ पढ़ाया। चौधरी चरणसिंह की नीतियों को अपनाने का आह्वान किया। भाजपा को खरी खोटी सुनाई। महागठबंधन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अगर यूपी में कामयाब हुए, तो जनता के दर्द दूर कर देंगे। चेताया कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं अब दंगे जैसा माहौल बनाया जाएगा। एकता को खंडित नहीं होने दिया जाएगा। युवाओं से आह्वान किया कि आला इंसान बनकर सर्वसमाज के पहरेदार बनें। अपने-अपने क्षेत्र में शांति और भाईचारा रखें। जो लोग भाईचारा खत्म करना चाहते हैं उन पर निगाह रखें। यूपी तबाह हो रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधा गया। साइकिल को भी लोग आजमा चुके हैं। लोग इस बार इतने बटन दबाएं कि महागठबंधन की सरकार बनें।
फिसल गई शरद यादव की जबान
जदय नेता शरद यादव ने झगड़ों की याद दिलाते हुए 1947 के बजाए 1857 बोल दिया। हालांकि इस पर किसी ने अधिक ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को मिल जुलकर रहना चाहिए।
 

 

मोदी सरकार ने तोड़ दिए सबके सपने : नीतीश 

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किसान मजदूर स्वाभिमान रैली - फोटो : अमर उजाला
बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने एलान किया कि जनता ताकत दे, यूपी में भी वह शराबबंदी लागू कराएंगे। केंद्र की भाजपा सरकार ने लोगों को दिखाए सारे सपने तोड़ दिए हैं। चौधरी चरणसिंह की विचारधारा के लोगों को आगे आकर सामाजिक एकता का संदेश देना होगा। दंगे फसाद कराने वालों से सावधान रहें। भाईचारा सबसे जरूरी है। यूपी में गठबंधन राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर देगा। मंगलवार को जेवी कॉलेज के मैदान पर आहूत किसान मजदूर स्वाभिमान रैली में नीतीश कुमार ने कहा कि यूपी की जनता परिवर्तन चाहती है। पिछले चुनावों का इतिहास यह रहा है कि कभी सपा तो कभी बसपा की सरकार बनीं, लेकिन इस बार जनता भाजपा, सपा और बसपा किसी की सरकार नहीं बनाएगी। लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भुलावे में रही, उम्मीद से ज्यादा सीटें भाजपा को मिली। खुद भाजपा भी इस पर हैरान थी। जनता को अब अपने ठगे जाने का अहसास हो गया है। जिस तरह से बिहार में महागठबंधन में सबको चौंकाते हुए सरकार बनाई, उसी तरह यूपी में भी चौंकाने वाले नतीजे आएंगे। गांधी, लोहिया, अंबेडकर और चौधरी चरण सिंह के अनुयायी मिलकर यूपी को नई दिशा देंगे। गठबंधन पर साफ कहा कि कुछ महीने पहले चौधरी अजित सिंह से बातें हुई थी, लेकिन तब बात नहीं बनी। अब दोबारा से इसकी शुरूआत हो गई है। 
 

मोदी, मुलायम और मायावती से सावधान रहना होगा : अजित सिंह

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किसान मजदूर स्वाभिमान रैली - फोटो : अमर उजाला
रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने किसान स्वाभिमान रैली में पहुंचे लोगों से कहा कि इस बार नरेंद्र मोदी का बुरा सपना मत देखना, इस बार दोबारा से चौधरी चरण सिंह का सपना देखना है। मुलायम सिंह यादव ने जनता से किए हर वादे का तोड़ दिया है। गायत्री प्रजापति ने रुपये किसे दिए, सब जानते हैं। यादव सिंह के रुपयों का बंटवारा कहां-कहां हुआ यह भी किसी से छिपा नहीं है। ब्याज माफी से साफ हो गया कि सरकार और मिल मालिक एक हैं। मलकपुर मिल को जब्त किया जाना चाहिए। किसान-मजदूर स्वाभिमान रैली में पहुंची भीड़ से गदगद चौधरी अजित सिंह ने देश से भाजपा को उखाड़ फेंकने का एलान किया। लोकसभा चुनाव में हार पर उन्होंने कहा कि वेस्ट यूपी की जनता के सपने में चुनाव से पहली रात में चौधरी चरण सिंह आते थे, तब रालोद को वोट डाला जाता था। इस बार गलती से सपने में नरेंद्र मोदी आ गए। बुरा सपना था, इसकी मार भी अब जनता पर ही पड़ रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिला, किसानों को भुगतान नहीं मिला। मजदूरों को काम नहीं मिला। यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुलायम सिंह ने जनता से किया हर वादा तोड़ा है। सैफई में एयरपोर्ट के लिए पांच सौ करोड़ से ज्यादा खर्च किए जाते हैं, लेकिन किसानों का भुगतान नहीं कराया जाता. जिस तरह  ब्याज माफी की गई, उससे साफ है कि सरकार और मिल मालिक मिले हुए हैं। गायत्री प्रजापति ने रुपये किसे-किसे दिए होंगे, यह सब जानते हैं और यही कहानी यादव सिंह की थी। एलान किया कि मोदी, मुलायम और मायावती से फिर सावधान रहना होगा। देश में बेरोजगारी का प्रतिशत बढ़ा है। 
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन जरूरी : नीतीश   किसान मजदूर स्वाभिमान रैली के मंच से सामाजिक भाईचारे का बिगुल फूंका देश से भाजपा को उखाड़ फेंकने का किया गया एलान
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