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जयपुर: ख्यात गांधीवादी विचारक डॉ. एस. एन सुब्बराव की हालत नाजुक, वेंटिलेटर पर
Tue, 26 Oct 2021 10:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी
सप्रेस, जयपुर
सप्रेस, जयपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 26 Oct 2021 10:30 PM IST
सार
डॉ. एस.एन सुब्बराव उन लोगों में से हैं, जो 1942 के भारत छोड़ा आंदोलन में शामिल हुए और जेल भी गए थे।
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dr sn subbaraos condition is critical
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन के सहभागी रहे स्वतंत्रता सेनानी व प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं विचारक पद्मश्री डॉ. एसएन सुब्बराव बीते कुछ दिनों से बीमार हैं। उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को हृदयाघात के बाद उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को सवाई मानसिंह चिकित्सालय जाकर डॉ. सुब्बराव से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी थी। 92 वर्षीय भाई जी देश के युवाओं से जुड़े हुए हैं। लगातार युवा शिविरों के माध्यम से वे युवाओं को रचनात्मक कार्य में जोड़ते रहे। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में करीब 60 साल तक शिविर आयोजित किए।
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भारत छोड़ो आंदोलन में शरीक हुए थे
गांधीवादी विचारक के रूप में माने जाने वाले एस.एन सुब्बराव उन लोगों में से हैं, जो 1942 के भारत छोड़ा आंदोलन में शामिल हुए और जेल भी गए थे। सुब्बराव ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और के.कामराज जैसे दिग्गज नेताओं के साथ भी काम किया।
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600 से अधिक डकैतों का समर्पण कराया
1954 में उन्होंने पहला गांधी आश्रम डाकुओं के लिए कुख्यात चंबल के जौरा गांव में चलाया। इसी आश्रम के माध्यम से उन्होंने 1972 में कुख्यात डकैत मोहन सिंह, माधो सिंह सहित 600 से अधिक नामचीन डकैतों का आत्मसमर्पण करवाया।