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राजनीतिक असहिष्णुता के बावजूद मोदी सरकार में समावेशी विकास जारी: नकवी

Mon, 01 Oct 2018 02:41 PM IST
भाषा, जयपुर
भाषा, जयपुर Updated Mon, 01 Oct 2018 02:41 PM IST
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In spite of political intolerance, the Modi government's inclusive development continues nakvi
मुख्तार अब्बास नकवी

 केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कांग्रेस एवं दूसरे विरोधी दलों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि “राजनीतिक असहिष्णुता” के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में "समावेशी विकास" का सिलसिला नहीं थमा और विकास की यह यात्रा आगे ऐसे ही बढ़ती रहेगी।

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राजस्थान के अलवर में अल्पसंख्यक मंत्रालय के सहयोग से बनाये जा रहे पहले विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थान के शिलान्यास के मौके पर नकवी ने कहा, "बिना भेदभाव, सर्व-स्पर्शी सशक्तिकरण को पूरा करने में प्रधानमंत्री मोदी ने "विकास के मसौदे" को "वोट के सौदे" से प्रभावित नहीं होने दिया। विरासत में मिली नाकामियों और भ्रष्टाचार की दीमक की सफाई करते हुए तरक्की की राह बनाना बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती पर मजबूत विकासवादी इच्छाशक्ति से विजय हासिल करते हुए, यह सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा,'मोदी सरकार ने अल्पसंख्यकों सहित सभी कमजोर, गरीब एवं पिछड़ों को सस्ती सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए युद्धस्तर पर काम किया है। अल्पसंख्यकों सहित सभी जरूरतमंदों को बेहतर शिक्षा मुहैया करने के संकल्प के साथ काम किया गया जिसका जमीनी स्तर पर परिणाम दिख रहा है। 'नकवी ने कहा कि अलवर में बनने वाला यह शैक्षिक संस्थान अल्पसंख्यकों, गरीबों, कमजोर तबकों की शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस शैक्षणिक संस्थान की शुरुआत वर्ष 2020 तक हो जाएगी।
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केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा, "इस संस्थान में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कौशल विकास केंद्र, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद जैसी आधुनिक सुविधाएं तैयार की जायेंगी। इस संस्थान में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है।' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के, "बिना तुष्टीकरण के सशक्तिकरण" के संकल्प का नतीजा है कि पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में विभिन्न छात्रवृति योजनाओं से गरीब, कमजोर, अल्पसंख्यक समाज के रिकॉर्ड लगभग 3 करोड़ विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं जिनमे लगभग 1 करोड़ 63 लाख छात्राएं शामिल हैं। नकवी ने कहा, कि सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि मुस्लिम लड़कियों की, पढ़ाई अधूरी छोड़ देने की दर 70-72 प्रतिशत से घट कर लगभग 35-40 प्रतिशत रह गयी है। हम इसे जीरो प्रतिशत करेंगे। इस काम में सरल-सुलभ स्कॉलरशिप व्यवस्था ने बड़ी भूमिका निभाई है।' 
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उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्कॉलरशिप के लिए मोबाइल एप्प "नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल मोबाइल एप्प" (एनएसपीमोबाइल एप्प) भी शुरू किया गया है जिससे छात्र आसानी से छात्रवृति के लिए आवेदन कर सकते हैं। नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने "3E - एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, एम्पावरमेंट" के संकल्प के साथ काम किया है। पिछले लगभग एक वर्ष में देश भर में मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों शैक्षिक संस्थानों को 3टी (टीचर, टिफ़िन, टॉयलेट) से जोड़ कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सीखो ओर कमाओ, उस्ताद, गरीब नवाजकौशल विकास, नई मन्जिल आदि रोजगारपरक कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से 5 लाख 43 हजार युवाओं को कौशल विकास तथा रोजगार के अवसर मुहैया कराये गए हैं। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि "हुनर हाट" के माध्यम से पिछले 1 वर्ष में 1 लाख 18 हजार से ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय के दस्तकारों / शिल्पकारों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिले हैं।

 

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