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राहत : हरियाणा ने 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा, दिल्ली ने बताई अपनी जीत
Wed, 14 Jul 2021 06:32 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 14 Jul 2021 06:32 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी नेता राघव चड्ढा ने कहा कि लगातार संघर्ष करने के बाद आज दिल्ली की जीत हुई है और हरियाणा सरकार दिल्ली के हिस्से का पानी छोड़ने के लिए मजबूर हुई है। चड्ढा ने इसे दिल्ली के लोगों की जीत बताया है...
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हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़ा गया जल
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
दिल्ली में गहराते जल संकट के बीच हरियाणा ने हथिनी कुंड पर 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। यह पानी अगले तीन दिन में दिल्ली के जलशोधन संयंत्र तक पहुंच जाएगा। इससे दिल्ली में पानी के संकट को कम करने में सहूलियत होगी। आम आदमी पार्टी इसके लिए मांग कर रही थी और इसी मुद्दे पर वह सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गई थी। आम आदमी पार्टी ने इसे अपनी जीत बताया है। कथित तौर पर हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली के हक का 120 एमजीडी पानी रोक लेने से दिल्ली में जल संकट की स्थिति पैदा हो गई थी।
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आम आदमी पार्टी नेता राघव चड्ढा ने कहा कि लगातार संघर्ष करने के बाद आज दिल्ली की जीत हुई है और हरियाणा सरकार दिल्ली के हिस्से का पानी छोड़ने के लिए मजबूर हुई है। अगर वह बिना सर्वोच्च न्यायालय के डर के अपनी जिम्मेदारी समझकर पानी दे देती तो ज्यादा बेहतर होता। चड्ढा ने इसे दिल्ली के लोगों की जीत बताया है।
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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में हरियाणा-दिल्ली के बीच पानी का बंटवारा किया था, लेकिन आरोप है कि हरियाणा 120 एमजीडी प्रतिदिन दिल्ली को कम पानी दे रहा था। इससे पानी प्लांटों की क्षमता 40 से 50 फीसदी तक कम हो गई थी। वजीराबाद पर यमुना का स्तर 674.5 फीट होना चाहिए, जबकि अब जलस्तर घटकर 667 फीट पर आ गया था। चंद्रवाल उपचार जल संयंत्र की क्षमता 90 एमजीडी से घटकर 55 एमजीडी, वजीराबाद प्लांट की 135 एमजीडी के घटकर 80 एमजीडी और ओखला प्लांट की 20 एमजीडी से घटकर 12 एमजीडी रह गई थी।
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