हाईकोर्ट में पलटी रेप के मामले की कहानी, जज भी रह गए दंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात हाईकोर्ट में रेप का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। रेप का मामला दर्ज तो किया गया, लेकिन जज के सामने पूरी कहानी ही पलट गई। दरअसल, पीड़िता ने अपने 27 साल के गर्भ को गिराने की अपील की थी, जिसकी सुनवाई के दौरान यह सब हुआ।
बताया जा रहा है कि उसने ये याचिका अपने परिवार के दबाव में आकर दर्ज करवाई। उसकी ओर से याचिका में कहा गया कि रेप का शिकार होने की वजह से वह गर्भवती हो गई, लेकिन वह इस बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती। क्योंकि बच्चे को जन्म देने की वजह से वह सामाजिक प्रताड़ना नहीं झेलना चाहती, इसलिए उसे गर्भपात करने दिया जाए।
कोर्ट के जज जे.बी. परडीवाला ने जब पीड़िता से एक कैबिन में बातचीत की, लेकिन उसने जो खुलासा वह जान कर वे दंग रह गए। पीड़िता ने कहा जेल में सजा काट रहे आरोपी से वो प्यार करती है। साथ ही वो इस बच्चे को जन्म भी देना चाहती है। पीड़िता ने जज से यह कहा कि वह आरोपी के साथ उसके घर में रहना चाहती है, जिसकी उसे इजाजत दी जाए।
युवती की देखभाल आरोपी के माता-पिता को सौंपी
दोनों पक्षों की सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जब पीड़िता बच्चे को जन्म देती है, तो ये केस यहीं खत्म होता है। सबसे बड़ी बात ये थी कि कोर्ट ने आरोपी के माता-पिता के आदेश दिए कि वो पीड़िता का ख्याल रखे। इसके लिए कोर्ट ने सोशल वेलफेयर ऑफिसर को आदेश भी दिया कि वो नियमित तौर पर देखें की युवती को कोई दिक्कत नहीं आ रही हो।
कोर्ट ने एक अधिकारी को निर्देश दिए कि वो पीड़िता को आरोपी युवक के माता-पिता के पास छोड़ आए। बालासिनौर की मेडिकल अथॉरिटी को निर्देश जारी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि युवती के स्वास्थय का पूरा ध्यान रखा जाए और सुरक्षित डिलेवरी कराई जाए। साथ ही कोर्ट ने प्रशासन को एक साल तक बच्चे की देखभाल का जिम्मा सौंपा है।