नाबालिग बेटी का यौन शोषण करती थी सौतेली मां, एफआईआर दर्ज
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मुंबई की एक पाक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट) अदालत ने एक महिला को नाबालिग बेटी का यौन शोषण में अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया। महिला के खिलाफ बेटी के पिता की ओर से यौन शोषण और छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया गया था जिसके लिए महिला ने अदालत को अर्जी देकर अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी।
मुंबई की कला चौकी के एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि महिला के खिलाफ 17 वर्षीय लड़की से छेड़छाड़ करने मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले को पुलिस अदालत में मुकदमा दर्ज कराएगी लेकिन इससे पहले महिला को मुंबई उच्च न्यायालय से राहत मिल गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पीड़िता किशोरी ने बताया कि वह अपनी सौतेली मां, भाई और पिता के साथ रह रही थी। 2013 में उसकी मां ने पहली बार उसे गलत तरीके से छुआ था। लेकिन इस बार उसकी सौतेली मां ने उसके साथ जो किया वह बर्दाश्त करने लायक नहीं था।
'बाथरूम से न्यूड खींचकर की अश्लीलता'
किशोरी ने पुलिस को बताया कि 2013 में गलत तरीके से छूने के बाद उसकी मां ने इस साल फरवरी में उसके साथ बहुत ही गंदी हरकत की।
पीड़िता के मुताबिक, जब वह नहा रही थी तो उसकी सौतेली मां ने जबरन बाथरूम का दरवाजा खुलवाया और निर्वस्त्र अवस्था में उसे बाथरूम से बाहर खींच लिया। इसके बाद महिला ने उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकत की।
इसके बाद फिर पीड़िता ने अपने सौतेले पिता के साथ जाकर निकट की पुलिस चौकी में शिकायत दी। वहीं आरोपी मलिला ने भी पुलिस में शिकायत देकर अपने पति पर घरेलू हिंसा/मार पीट करने का मामला दर्ज कराया है। बेटी के यौन शोषण के मामले में आरोपी महिला ने कहा है कि उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं।