पूर्णिमा के अंधविश्वास से डरा पति, गर्भवती पत्नी की लात-घूसों से की पिटाई

क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 17 Apr 2018 05:20 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
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पुणे के थेरगांव जिले से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां अंधविश्वास के चलते एक शख्स ने अपनी गर्भवती पत्नी को बेरहमी से इतना पीटा है कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा मरते- मरते बचा है। 
ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंधविश्वास में अंधे इस 28 वर्षीय युवक ने अपनी पत्नी को इसलिए इतना पीटा क्योंकि उसे किसी ने बताया था कि अगर कोई महिला पूर्णिमा की रात को गर्भधारण करती है तो उसे बेटी पैदा होती है। 

इस घटना के बाद जब पुलिस महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले गई तो डॉक्टरों ने बताया कि महिला के गर्भ में पल रहा बच्चा मरते-मरते बचा है। पीड़ित महिला ने इस घटना की शिकायत रविवार को थेरगांव जिले के वाकड़ पुलिस थाने में दर्ज कराई है। 

महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने महिला के पति, सास, ससुर और दो ननदों को अरेस्ट किया है। पुलिस का कहना है कि महिला के ससुराल वाले महिला के गर्भवती होने के बाद से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे।  

पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की (IPC) धारा-315 (शिशु को जीवित पैदा होने से रोकने) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बता दें कि पीड़ित महिला की शादी पिछले साल नंवबर में हुई थी। 

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