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'ऐ जिंदगी तुझसे मन भर गया' लिखकर फंदे पर लटका पीएसी जवान
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:12 PM IST
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खुदकुशी
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आठवीं वाहनी पीएसी के जवान का शव उसके सरकारी आवास के कमरे में फंदे पर लटकता हुआ मिला। शनिवार देर रात कैंट थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाया, जिसमें खुदकशी की पुष्टि हुई। वहीं कमरे से एक डायरी बरामद हुई, जिसमें जवान ने अपने प्रेम संबंधों को उजागर करते हुए जिक्र किया कि वह दबाव में नौकरी कर रहा था। रविवार सुबह कानपुर से जवान का परिवार पहुंच गया, जिन्हें शव सुपुर्दगी में दे दिया गया। परिवार कानपुर लौट गया।
कानपुर के बिल्लौर थाना क्षेत्र के अलीपुर निवासी शत्रुघन तिवारी के बेटे गौरव तिवारी (24) वर्ष 2016 में पीएसी में भर्ती हुआ था। शत्रुघन खुद भी 27 वीं पीएसी वाहिनी सीतापुर में तैनात हैं। पांच महीने पहले गौरव की तैनाती बरेली आठवीं वाहनी में हुई थी। वाहिनी में उसका कभी किसी से विवाद नहीं हुआ था। शनिवार रात मेस में 8.30 बजे भोजन करने के बाद वह अपने कमरे में चला गया था। उसके साथियों के मुताबिक गौरव इतनी जल्दी कमरे पर नहीं जाता था, इसलिए उसको खोजते हुए देर रात में उसके साथी कमरे पर पहुंचे।
चादर से बनाया था फंदा
कमरे में पंखे के कुंडे से गौरव तिवारी का शव लटकता हुआ मिला। चादर का फंदा बनाकर खुदकुशी की गई थी। जवानों से पीएसी के आलाधिकारियों को खबर लगने के बाद कैंट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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ऐ जिंदगी तुझसे मन भर गया
पुलिस को कमरे की तलाशी से एक डायरी मिली है। डायरी को पढ़कर नकटिया चौकी इंचार्ज उमेश कुमार ने बताया कि गौरव तिवारी बरेली की आठवीं वाहिनी में नौकरी करने नहीं आना चाहता था। उसकी अगले महीने शादी होनी थी। जिसका जिक्र उसने डायरी में किया है। गौरव दबाव में नौकरी के लिए आया था। डायरी के आखिरी पन्नों पर लिखा मिला कि ये जिंदगी से तूझसे मन भर गया। गौरव के किसी महिला से प्रेम संबंध भी बताये जा रहे हैं। इन्हीं कारणों के चलते उसने खुदकशी की।
तीन मोबाइल के मैसेज और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे
कैंट थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह पवार के मुताबिक गौरव तीन मोबाइल इस्तेमाल करता था। उन्हें पुलिस ने अपनी छानबीन के लिए जब्त किया है। मोबाइल के कई मैसेज और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। गौरव ने शनिवार रात में आखिरी फोन अपनी मां मधू को किया था। इस बातचीत में गौरव सामान्य था। वह तनाव में नहीं लग रहा था।
पीएसी के जवान ने खुदकशी की थी। शव को कानपुर के परिवार के सुपुर्द किया गया है। उसकी डायरी से खुदकशी के कारण भी सामने आ गए हैं। पुलिस अपनी जांच कर रही है।
- रोहित सिंह सचवाण, एसपी सिटी
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कानपुर के बिल्लौर थाना क्षेत्र के अलीपुर निवासी शत्रुघन तिवारी के बेटे गौरव तिवारी (24) वर्ष 2016 में पीएसी में भर्ती हुआ था। शत्रुघन खुद भी 27 वीं पीएसी वाहिनी सीतापुर में तैनात हैं। पांच महीने पहले गौरव की तैनाती बरेली आठवीं वाहनी में हुई थी। वाहिनी में उसका कभी किसी से विवाद नहीं हुआ था। शनिवार रात मेस में 8.30 बजे भोजन करने के बाद वह अपने कमरे में चला गया था। उसके साथियों के मुताबिक गौरव इतनी जल्दी कमरे पर नहीं जाता था, इसलिए उसको खोजते हुए देर रात में उसके साथी कमरे पर पहुंचे।
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चादर से बनाया था फंदा
कमरे में पंखे के कुंडे से गौरव तिवारी का शव लटकता हुआ मिला। चादर का फंदा बनाकर खुदकुशी की गई थी। जवानों से पीएसी के आलाधिकारियों को खबर लगने के बाद कैंट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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ऐ जिंदगी तुझसे मन भर गया
पुलिस को कमरे की तलाशी से एक डायरी मिली है। डायरी को पढ़कर नकटिया चौकी इंचार्ज उमेश कुमार ने बताया कि गौरव तिवारी बरेली की आठवीं वाहिनी में नौकरी करने नहीं आना चाहता था। उसकी अगले महीने शादी होनी थी। जिसका जिक्र उसने डायरी में किया है। गौरव दबाव में नौकरी के लिए आया था। डायरी के आखिरी पन्नों पर लिखा मिला कि ये जिंदगी से तूझसे मन भर गया। गौरव के किसी महिला से प्रेम संबंध भी बताये जा रहे हैं। इन्हीं कारणों के चलते उसने खुदकशी की।
तीन मोबाइल के मैसेज और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे
कैंट थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह पवार के मुताबिक गौरव तीन मोबाइल इस्तेमाल करता था। उन्हें पुलिस ने अपनी छानबीन के लिए जब्त किया है। मोबाइल के कई मैसेज और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। गौरव ने शनिवार रात में आखिरी फोन अपनी मां मधू को किया था। इस बातचीत में गौरव सामान्य था। वह तनाव में नहीं लग रहा था।
पीएसी के जवान ने खुदकशी की थी। शव को कानपुर के परिवार के सुपुर्द किया गया है। उसकी डायरी से खुदकशी के कारण भी सामने आ गए हैं। पुलिस अपनी जांच कर रही है।
- रोहित सिंह सचवाण, एसपी सिटी