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सील तोड़कर किसने गायब किया साढ़े तीन करोड़ का मिल्क पाउडर, विभाग भी सकते में
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:23 AM IST
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सील तोड़कर करीब साढ़े तीन करोड़ का मिल्क पाउडर गायब कर दिया गया। यह मिल्क पाउडर बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट का था। फूड सेफ्टी विभाग को जब इसकी जानकारी मिली तो वो हैरान हो गई।
घटना हापुड़ के पिलखुवा की है। खैरपुर खेराबाद गांव स्थित गोपालजी डेयरी के सील किये गये बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखे आनंदा मिल्क पाउडर के 12 हजार बोरों में से 7140 बोरे मंगलवार को फूड सेफ्टी विभाग की टीम को गायब मिले। ये मिल्क पाउडर के बोरे कमरे की सील तोड़कर निकाल लिए गए हैं।
गायब पाउडर की कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। उधर, डेयरी प्रबंधन ने मिल्क पाउडर गायब करने के आरोपों को निराधार बताया है। एक महीने पहले फूड सेफ्टी विभाग ने पिलखुवा क्षेत्र की एक डेयरी में एक्सपायरी माल की सूचना पर छापा मारा था। इस दौरान टीम ने करीब 25-25 किलो के 12 हजार बोरे बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखे पकड़े थे।
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टीम ने माल को संदिग्ध बताते हुए पाउडर को सील कर जांच के लिए सैंपल लखनऊ भेजे थे। एक माह बाद मंगलवार सुबह फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली कि मिल्क पाउडर के बोरे सील तोड़कर निकाल लिए गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम धौलाना हनुमान प्रसाद एवं फूड सेफ्टी विभाग के डीओ पवन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम डेयरी पहुंची।
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घटना हापुड़ के पिलखुवा की है। खैरपुर खेराबाद गांव स्थित गोपालजी डेयरी के सील किये गये बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखे आनंदा मिल्क पाउडर के 12 हजार बोरों में से 7140 बोरे मंगलवार को फूड सेफ्टी विभाग की टीम को गायब मिले। ये मिल्क पाउडर के बोरे कमरे की सील तोड़कर निकाल लिए गए हैं।
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गायब पाउडर की कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। उधर, डेयरी प्रबंधन ने मिल्क पाउडर गायब करने के आरोपों को निराधार बताया है। एक महीने पहले फूड सेफ्टी विभाग ने पिलखुवा क्षेत्र की एक डेयरी में एक्सपायरी माल की सूचना पर छापा मारा था। इस दौरान टीम ने करीब 25-25 किलो के 12 हजार बोरे बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखे पकड़े थे।
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टीम ने माल को संदिग्ध बताते हुए पाउडर को सील कर जांच के लिए सैंपल लखनऊ भेजे थे। एक माह बाद मंगलवार सुबह फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली कि मिल्क पाउडर के बोरे सील तोड़कर निकाल लिए गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम धौलाना हनुमान प्रसाद एवं फूड सेफ्टी विभाग के डीओ पवन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम डेयरी पहुंची।
डेयरी प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बता कार्रवाई पर किए सवाल खड़े
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यहां छापेमारी की गई तो सील हटी हुई मिली। जांच पड़ताल में कमरे में बनी तीनों अलग अलग खेपों में से बोरे कम मिले। पहली खेप में 20 बोरे कम, दूसरी खेप में 11000 बोरों में 6400 कम और तीसरी में 980 में 720 बोरे कम मिले। कुल 7140 बोरे कम मिले। जिनकी कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपये का अनुमान है। जांच पड़ताल के बाद एसडीएम की मौजूदगी में कमरे को फिर से सील कर दिया गया।
डीओ पवन कुमार ने बताया कि सील तोड़कर माल गायब किया गया है। हर हाल में डेयरी प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। रिपोर्ट दर्ज करने की अनुमति के लिए फूड सेफ्टी विभाग के कमिश्नर लखनऊ को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उधर, एसडीएम हनुमान प्रसाद ने बताया कि जांच पड़ताल में सील माल से से मिल्क पाउडर के बोरे कम मिले हैं। डेयरी प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
डेयरी प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बता कार्रवाई पर किए सवाल खड़े
डेयरी प्रबंधन ने फूड सेफ्टी विभाग द्वारा एक माह पूर्व की गई छापेमारी पर सवाल खड़े किए हैं। डेयरी के जीएम एसके जाना ने बताया कि विभाग ने जिस गोदाम को सील किया था, वह बैंक के पास गिरवी है। उक्त गोदाम को ताला तोड़कर खोला गया था और बिना गिनती किए ही 12 हजार बोरे लिख दिए गए थे। जबकि उसमें सिर्फ 4900 मिल्क पाउडर के बोरे थे। जिस कमरे में 12 हजार बोरे रखने की बात हो रही है उसमें 12 हजार बोरे आ ही नहीं सकते।
डीओ पवन कुमार ने बताया कि सील तोड़कर माल गायब किया गया है। हर हाल में डेयरी प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। रिपोर्ट दर्ज करने की अनुमति के लिए फूड सेफ्टी विभाग के कमिश्नर लखनऊ को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उधर, एसडीएम हनुमान प्रसाद ने बताया कि जांच पड़ताल में सील माल से से मिल्क पाउडर के बोरे कम मिले हैं। डेयरी प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
डेयरी प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बता कार्रवाई पर किए सवाल खड़े
डेयरी प्रबंधन ने फूड सेफ्टी विभाग द्वारा एक माह पूर्व की गई छापेमारी पर सवाल खड़े किए हैं। डेयरी के जीएम एसके जाना ने बताया कि विभाग ने जिस गोदाम को सील किया था, वह बैंक के पास गिरवी है। उक्त गोदाम को ताला तोड़कर खोला गया था और बिना गिनती किए ही 12 हजार बोरे लिख दिए गए थे। जबकि उसमें सिर्फ 4900 मिल्क पाउडर के बोरे थे। जिस कमरे में 12 हजार बोरे रखने की बात हो रही है उसमें 12 हजार बोरे आ ही नहीं सकते।