मजदूरी कर डीएसपी बनने वाले पर लगा अपहरण आरोप, की ख्ाुदकुशी
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कर्नाटक के बेलागवी जिले के एक होनहार डीएसपी ने आत्महत्या करके सनसनी फैला दी है। डीएसपी कलप्पा हंदीबाग ने सोमवार को अपनी ससुराल में छत के पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार को उनके कमरे से शव बरामद हुआ।
35 वर्षीय कलप्पा और चार अन्य के खिलाफ सोमवार को अपहरण और उगाही की एफआईआर दर्ज हुई तब से वह लापता थे। वह सोमवार से ड्यूटी नहीं गए थे। उन पर जिले के एक व्यापारी से उगाही और अपहरण करने का आरोप था।
वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो माना जा रहा था कि वह कार्यस्थल से करीब 45 किली दूर अपनी ससुराल मुरुगड गए होंगे। ससुराल में मंगलवार की सुबह जब उन्होंने कई बार दरवाजा खटकाने के बाद गेट नहीं खोला उनकी पत्नी ने विंडो से झांककर देखा तो पता चला कि पंखे से उनका शरीर लटका हुआ है।
एसपी की अनदेखी की वजह से दी जान?
कलप्पा को पंखे लटका देखकर ससुराल वालों को हाथपांव फूल गए। उन्होंने दरवाजा तोड़कर कलप्पा को रस्सी काटकर नीचे उतारा। इस दौरान की उसकी सांस चल रही थी। घर वालों ने उसे तुरंत नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां से उन्हें जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने कलप्पा को मृत घोषित कर दिया। मामले पर एसपी बीआर रविकांत गोडा ने कहा कि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों के सबूत छिपाने के लिए आत्महत्या की है। लेकिन कलप्पा के साथ के कुछ अधिकारियों ने जो बयान दिया है उससे एसपी के कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कलप्पा के साथियों ने बताया है कि कलप्पा अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर एसपी से बात करना चाहते थे, लेकिन एसपी ने उन्हें बात करने का मौका नहीं दिया। इसके बाद कलप्पा ने ऑफिस में आना बंद कर दिया था।
बेहद गरीब परिवार से थे डीएसपी कलप्पा
डीएसपी कलप्पा के बारे में बताया जा रहा है कि वह एक बेहद गरीब और किसान परिवार से थे। कलप्पा अपने गांव हंदीगुड का गर्व और पहचान थे। उन्होंने दूसरे के खेतों में मजदूरी करके प़ढ़ाई की थी। वह छुट्टी के दिनों में मजदूरी करते थे ताकि पढ़ाई के लिए कुछ पैसे मिल सके।
कलप्पा ने डीएड करके 2010 में स्कूल टीचर बने थे और फिर 2012 में राज्य की सिविल सेवा पास कर सेक्शन ऑफिसर बने। 2012 में ही उन्होंने कर्नाटक राज्य पुलिस सेवा परीक्षा पास की और डीएसपी के पद तैनात हुए थे।
एक साल पहले ही उनका तबादला बेलागवी जिले में किया गया था। कलप्पा के पिता एक शारीरिक विक्लांग थे जो एक सरकारी स्कूल में एक छोटी से नौकरी करते थे। उनका एक छोटा भाई है जो अभी पुलिस में है।