ऑनर किलिंग : बेटी को दलित युवक से हुआ प्यार,शादी से एक दिन पहले पिता ने की हत्या
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ब्रिजेश के घर में 22 मार्च को दोस्त और परिवार के सदस्य पंडाल सजा रहे थे। ब्रिजेश की शादी 23 मार्च को आथिरा के साथ होने वाली थी। इसी समय टेलीविजन पर एक न्यूज चली कि एक लड़की की हत्या कर दी गई है। उस वक्त वह घर पर नहीं था और अगले दिन उसकी शादी थी। इसलिए मंगलसूत्र और साड़ी खरीदने गया था। कुछ देर बाद जिस लड़की की हत्या की गई, उसका नाम भी टेलीवीजन स्क्रीन पर आया। नाम था आथिरा राजन। करीब आधे घंटे बाद जब वह घर आया तो उसे पता चला कि उसकी दुल्हन की हत्या कर दी गई है। जब ब्रिजेश को यह खबर पता चली तो 26 वर्षीय ब्रिजेश ने कहा कि उसे ऐसा ही कुछ होने का डर था।
आथिरा की हत्या के बाद उसके पिता पालाथिंगल वेथिल राजन ने दहेज के सामान को भी जला दिया जो आथिरा ने इकट्ठा किया था। हत्या का कारण ब्रिजेश का निची जाति का होना है। जबकि 22 साल की आथिरा उच्च जाति की थी। एजहावस केरल का सबसे बड़ा समुदाय है जो पिछड़ी जाति के हिंदु हैं। ब्रिजेश भी इसी समुदाय का था।
22 मार्च को की हत्या
शादी से ठीक एक दिन पहले 22 मार्च को राजन जो कि एक ट्रक ड्राइवर है, ने अपनी बेटी आथिरा की चाकू से हत्या कर दी। यह हत्या मल्लपुरम जिले के अरीकोड्डू स्थित आथिरा के घर पर की गई, जब वह अपने पड़ोसी के घर की तरफ भाग रही थी। तब उसके पिता ने उसे बलपूर्वक खींचा और उसकी हत्या कर दी। हालांकि अगले दिन ही पिता को गिरफ्तार कर लिया गया। पिता ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि उसने उस समय शराब पी रखी थी और उसे उसकी बेटी की वजह से लोगों की बातें भी सुननी पड़ती थीं।
यूं हुई थी मुलाकात
ब्रिजेश और आथिरा की मुलाकात लगभग तीन साल पहले हुई थी। जब वह अपनी मां को इलाज के लिए कोजीकोड के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज लाया था। आथिरा भी उसी अस्पताल में टेक्नीशियन के तौर पर काम करती थी। दोनों उसी दौरान एक दूसरे के करीब आ गए। ब्रिजेश उत्तर प्रदेश के बरेली के मद्रास इंजीनियर ग्रुप में सैनिक के तौर पर कार्यरत है।
पिता ने की थी लव मैरिज
परिवार था शादी के खिलाफ
इसके करीब एक साल बाद आथिरा ने अपने माता पिता को दोनों के रिश्ते के बारे में बताया। कयोंकि ब्रिजेश पिछड़ी जाति का था इसलिए आथिरा के परिवार के सभी लोग इस शादी के खिलाफ थे। आथिरा अपने फैसले पर अडिग रही। ब्रिजेश का कहना है कि आथिरा की मां सुनीथा दोनों के रिश्ते का समर्थन कर रही थीं लेकिन उसके पिता किसी भी हालत में दोनों को एक नहीं होने देना चाहते थे। ब्रिजेश ने आगे बताया कि राजन ने कई बार उसे फोन पर धमकी दी थी और कहा था कि वह उसे और आथिरा को एक नहीं होने देंगे। साथ ही वह आथिरा को भी घर में मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
इन्हीं धमकियों के बीच दोनों ने शादी करने का फैसला किया। 16 मार्च को ब्रिजेश 45 दिनों की छुट्टी पर आया था। उसने फैसला किया था कि शादी के बाद वह आथिरा को अपने साथ यूपी ले जाएगा। इसी बीच आथिरा ने अपने पिता के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके पिता उसे प्रताड़ित करते हैं। बिजेश ने बताया कि फिर 17 मार्च को पुलिस ने मल्लपुरम के लोकल पुलिस स्टेशन में राजन को बुलाया। जहां राजन ने लिखित स्टेटमेंट दी थी और कहा था कि वह वादा करता है कि वह 23 मार्च को होने वाली शादी में दोनों को परेशान नहीं करेगा।
पुलिस से मांगी थी मदद
आथिरा ने पुलिस को कहा था कि वह सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। इसलिए वह शादी से पहले अपने पिता के घर नहीं जाना चाहती। लेकिन पुलिस ने उसके पिता के स्टेटमेंट के आधार पर आथिरा को आश्वासन दिया। जांच अधिकारी शाइजु एनबी ने दोनों पक्षों को सुलह के लिए बुलाया भी था जिसमें राजन ने दोनों की शादी को रजामंदी दे दी थी। साथ ही आथिरा ने यह भी कहा था कि वह ब्रिजेश की सुरक्षा के लिए भी चिंतित है लेकिन उसके पिता के लिखित स्टेटमेंट के बाद पुलिस ने उसे आश्वासन दिया था कि उसके पिता कुछ नहीं करेंगे।
आथिरा के कजिन आबीश कुमार का कहना है कि परिवार ने राजन को मनाने की पूरी कोशिश की पर वह नहीं मान रहे थे। वह यह सोच नहीं सकते थे कि उनकी बेटी की शादी किसी दलित के साथ हो। जबकि आथिरा की मां और राजन की भी लव मैरिज ही हुई थी।
आथिरा की मौत के बाद ब्रिजेश पूरी तरह टूट चुका है। उसका कहना है कि क्या हम दलितों को प्यार करने का कोई हक नहीं है? क्या हम अपनी पसंद के लोगों के साथ नहीं रह सकते?