टीटीई का बेटा लगा रहा था आईपीएल में सट्टा, 5 और धरे गए
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क्राइम ब्रांच की टीम और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने रेलवे के ओबीसी एसोसिएशन कार्यालय में क्रिकेट के सट्टे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रेलवे में टीटीई और एसोसिएशन के सचिव दीनानाथ के बेटे रवि कुमार, गोविंदा पुत्र इंद्रपाल, मोनू राघव पुत्र राकेश सिंह निवासी रेलवे कालोनी, प्रदीप पुत्र थान सिंह, अरुण पुत्र विक्रम सिंह, विक्रम पुत्र कल्यानदास निवासी संभल गेट को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने सात मोबाइल, एक एलईडी टीवी, सट्टा लिखा एक रजिस्टर बरामद किया है। प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चालान किया गया। क्रिकेट सट्टे का रैकेट चलाने वाले कुछ और गुर्गों के बारे में अहम सुराग मिले हैं। पुलिस छानबीन में जुटी है। साक्ष्य मिलते ही दबिश देकर गिरफ्तार किया जाएगा।
ऐसे होता है क्रिकेट पर सट्टे का कारोबार
मैच शुरू होने के बाद पहले ओवर की दो गेंदों, बाद के 10 ओवर का सेशन खोला जाता है। 10 ओवर की आखिरी गेंद तक सट्टा लगाया जाता है। इसके बाद 20 ओवर का सेशन खोला जाता है। दूसरी टीम की बल्लेबाजी के क्रम के शुरू होने पर सीमित छह ओवर में सट्टा खिलाया जाता है।
लंगड़ा और फेवरेट टीम पर सटोरिए आजमाते हैं किस्मत
पूरे मैच में हार जीत पर सट्टा खुला रहता है। हार जीत में लंगड़ा और फेवरेट टीम होती है। लंगड़ा टीम पर दांव लगाने के बाद खिलाड़ी को दो पैसे के भाव पर दो हजार के जोखिम पर एक लाख रुपए मिलते हैं। फेवरेट पर दो पैसे का भाव होता है तो एक लाख रुपए के जोखिम के बाद दो हजार रुपए मिलेंगे। सेशन खेलने पर खिलाड़ी को जीतने पर एक हजार के दांव पर 1030 और हारने पर 970 रुपये देने पड़ते हैं।
बहजोई में भी करोड़ों का काला कारोबार
बहजोई और चंदौसी में करीब पांच करोड़ का काला कारोबार होता है। बहजोई में पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी भी बैठते हैं लेकिन यहां भी कारोबार को स्थानीय पुलिस लगाम नहीं लगा पा रही है। चंदौसी में करीब छोटे बड़े करीब 25 सट्टे के कारोबारी हैं। इसमें से करीब 15 बड़े कारोबारी हैं। बहजोई में करीब पांच बड़े कारोबारियों में समेत 15 से अधिक करोबारी सट्टे का काला कारोबार करते हैं।
स्थानीय स्तर पर सट्टे के काले कारोबार का संचालन दिल्ली और मेरठ से होता है। सट्टा कारोबारी स्थानीय स्तर पर सट्टा लिखने के बाद इसका उतार मेरठ और दिल्ली के बड़े कारोबारियों पर कराते हैं। इसके लिए स्थानीय कारोबारियों को मोटी रकम जमानत के रूप में जमा करनी होती है।
शहरों के अलावा कस्बों तक पहुंचा सट्टे का अभिशाप
बहजोई, चंदौसी के अलावा नरौली, जनेटा, जरगांव, मौलागढ़ के विकास नगर में सटोरिए सक्रिय हैं। काले कारोबार पर एक बुकी तीन घंटे के मैच में 15-25 लाख रुपये का लेनदेन करता है। क्षेत्र में 50 से अधिक बुकी सक्रिय हैं।