मुंबई : ट्रेन में गार्ड ने की लड़की से छेड़छाड़, शिकायत के बावजूद नहीं किया गया गिरफ्तार
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रेलवे की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाने के बावजूद भी ट्रेनों में छेड़छाड़ की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। चाहे बात दिल्ली की करें या मुंबई की, महिलाएं खुद को कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। अब ऐसा ही एक मामला मुंबई से भी आया है। मुंबई में लोकल ट्रेन के गार्ड पर 19 वर्षीय लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को इसलिए टाल दिया था क्योंकि इससे यात्रियों को असुविधा हो सकती थी। पुलिस उसकी ड्यूटी खत्म होने के बाद उसे पकड़ने ही वाली थी कि वो फरार हो गया।
कर रहा था अश्लील इशारे
यह घटना घनसोली रेलवे स्टेशन पर मंगलवार दोपहर हुई। जब लड़की ने अपने घर वापस जाने के लिए ट्रेन ली। पीड़िता पनवेल के एक कॉलेज की फर्स्ट ईयर की छात्रा है। उसने थाणे से शाम 4:14 पर कोपरखैणे जाने के लिए ट्रेन ली। जहां वह अपने माता पिता के साथ रहती है।
वह ट्रेन के सेकेंड कंपार्टमेंट में चढ़ी जो कि गार्ड के केबिन के ही पास था। वह कोपरखैणे पर किसी कारणवश नहीं उतर पाई और घंसोली स्टेशन पर उतरी। जब वह ट्रेन से उतरने वाली थी तब गार्ड के केबिन से गुजरी। केबिन से गुजरते वक्त उसने एक आवाज सुनी थी। सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) को दिए गए अपने बयान में लड़की ने कहा कि गार्ड, एके सिन्हा अपनी तरफ उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए आवाज कर रहा था। फिर जब उसने गार्ड की तरफ देखा तो वह उसकी ओर अश्लील इशारे करने लगा।
लड़की ने आगे बताया कि उसके बाद वह चिल्लाई तो वहां मौजूद अन्य यात्री उसकी सहायता के लिए आ गए। लेकिन ट्रेन स्टेशन से आगे निकल चुकी थी। फिर उसने पुलिस को प्लैटफॉर्म नंबर दो पर आने को कहा। साथ ही उसने बताया कि उसने करीब एक महीने पहले भी गार्ड को ऐसे इशारे करते हुए देखा था।
इसके बाद जीआरपी और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) कर्मियों ने प्लैटफॉर्म नंबर एक पर इंतजार करने का फैसला किया। वह थाणे से आने वाली गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। शाम के 5:37 पर जब ट्रेन लौटी तो लड़की ने पुलिस को आरोपी को पकड़ने को कहा। लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ने से मना कर दिया। इसके बाद सिन्हा अपना मुंह छिपाने की कोशिश करने लगा।
इसलिए नहीं पकड़ा पुलिस ने
पुलिस ने उसे उसकी शिफ्ट खत्म करने के बाद पकड़ने का फैसला लिया और ड्यूटी पूरी करने के लिए जाने दिया। सरकारी रेलवे पुलिस के डिप्टी कमीश्नर समाधान पवार का कहना है कि उन्होंने गार्ड को उसी समय इसलिए गिरफ्तार नहीं किया क्योंकि ऐसा करने से ट्रेन की सेवाओं में विलंब आ सकता था। लेकिन उसकी पहचान की जा चुकी थी। साथ ही उसके खिलाफ आीपीसी की धारा 354 (ए) (यौन उत्पीड़न) का मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी हुआ फरार
इसके बाद मंगलवार को ही जब अधिकारी सिन्हा के घर पहुंचे तो उसके घर में ताला लगा हुआ था। जिसके बाद वह फरार हो गया और पुलिस उसे नहीं पकड़ पाई।