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आरुषि-हेमराज मर्डर केस: दोषी तलवार दंपति पर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Thu, 07 Sep 2017 06:51 PM IST
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आरुषि-हेमराज
- फोटो : फाइल फोटो
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आरुषि हेमराज हत्याकांड में फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुतबिक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया। मामले में अब अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।
उल्लेखनीय है कि साल 2008 के आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट बच्ची के माता-पिता, नूपुर और राजेश तलवार को दोषी करार दे चुकी है लेकिन कई लोगों के लिए अब भी हत्या का रहस्य बरकरार है। 16 मई 2008 को दिल्ली से सटे नोएडा के एक घर में 14 साल की आरुषि का शव मिला था। अगले दिन घर में काम करने वाले हेमराज का शव घर की छत पर मिला।
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शुरुआत में उत्तर प्रदेश पुलिस ने केस सुलझाने का दावा किया और राजेश तलवार के नौकरों को संदिग्ध माना। इसके बाद पुलिस ने कहा कि राजेश तलवार ने कथित तौर पर आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा और गुस्से में दोनो की हत्या कर दी। मामला सीबीआई के पास पहुंचा। 26 नवंबर 2013 को सीबीआई की अदालत ने तलवार दंपति को दोषी करार दिया। तलवार दंपति सभी आरोपों से इनकार करते हैं।
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Arushi-Hemraj Murder Case: Allahabad High Court reserves verdict after completion of arguments. Matter posted for 12 October.
— ANI UP (@ANINewsUP) September 7, 2017विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि साल 2008 के आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट बच्ची के माता-पिता, नूपुर और राजेश तलवार को दोषी करार दे चुकी है लेकिन कई लोगों के लिए अब भी हत्या का रहस्य बरकरार है। 16 मई 2008 को दिल्ली से सटे नोएडा के एक घर में 14 साल की आरुषि का शव मिला था। अगले दिन घर में काम करने वाले हेमराज का शव घर की छत पर मिला।
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शुरुआत में उत्तर प्रदेश पुलिस ने केस सुलझाने का दावा किया और राजेश तलवार के नौकरों को संदिग्ध माना। इसके बाद पुलिस ने कहा कि राजेश तलवार ने कथित तौर पर आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा और गुस्से में दोनो की हत्या कर दी। मामला सीबीआई के पास पहुंचा। 26 नवंबर 2013 को सीबीआई की अदालत ने तलवार दंपति को दोषी करार दिया। तलवार दंपति सभी आरोपों से इनकार करते हैं।