'पागलपन में बुजुर्ग के गले के आर-पार कर दिया त्रिशूल'
- त्रिशूल घोंपकर रिटायर्ड रेल कर्मचारी की हत्या के मामले में आया नया मोड़
- पागलपन के चलते हत्यारोपी ने मंदिर से त्रिशूल उखाड़ा और बुजुर्ग को मार दिया
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गोरखपुर के तारामंडल के सिद्धार्थ इन्क्लेव में सोमवार की सुबह त्रिशूल घोंपकर की गई रिटायर्ड रेल कर्मचारी की हत्या से हड़कंप मचा है। स्थानीय लोगों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था। अब पुलिस बता रही है कि हत्या को अंजाम देने वाला शख्स पेशे से ठेलेवाला है और मानसिक तौर पर अस्वस्थ है।
पुलिस की मानें तो आरोपी का नाम काशी है, वह बिहार के छपरा के एक गांव का रहने वाला है। आरोपी गोरखपुर काफी समय से जीडीए कॉंप्लेक्स के पास रह रहा था और ठेला चलाकर गुजर-बसर कर रहा था। आरोपी की पत्नी उर्मिला के अलावा दो बच्चे भी हैं, जो गांव में रहते हैं।
पुलिस की मानें पागलपन के चलते आरोपी ने पास के मंदिर का त्रिशूल उखाड़ा और आते-जाते राहगीरों और कॉलोनी के लोगों पर हमला करने की कोशिश करने लगा।
इसी बीच पागल शख्स के निशाने पर जब दो महिलाएं आईं तो पौधों को पानी दे रहे रामधारी मौर्या की नजर उन पर पड़ गई और उन्होंने महिलाओं के बचाने के लिए जोर से आवाज लगाई।
पागल ठेलेवाले ने आव देखा न ताव और त्रिशूल लेकर रामधारी की तरफ लपका। इससे पहले कि रामधारी कुछ समझपाते काशी ने त्रिशूल से उनके गले पर प्रहार कर दिया। त्रिशूल गले के आर-पार हो गया और मौके पर ही बुजुर्ग की मौत हो गई।
लोगों ने रात भर ठेलेवाले को रस्सी से बांधकर रखा था-चश्मदीद
स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत के बाद हत्यारोपी को दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। मृतक के बेटे अरुण की तहरीर पर ठेलेवाले के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
इससे पहले चश्मदीदों ने इस सनसनीखेज वारदात के पीछे कुछ और ही वजह बताई थी। चश्मदीदों के मुताबिक ठेला चालक रविवार की रात जीडीए कॉंप्लेक्स के पास हंगामा शुरू कर दिया था।
चश्मदीदों ने आरोपी के अपनी बीवी से झगड़ने की बात बताई थी। शोरशराबे से परेशान लोगों ने उसे रस्सी से बांध दिया था। भोर में जब वह रस्सी खोलने में कामयाब हुआ तो इंतकाम लेने के लिए पास के मंदिर कात् त्रिशूल उखाड़ा और सबसे पहले उसके हमले का शिकार रिटायर्ड रेल कर्मचारी रामधारी मौर्या बन गए।