फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   assembly elections 2018: india today axis survay 2018

Assembly Elections 2018: जनता मांग रही मूलभूत सुविधाएं, नेता पिला रहे जाति-धर्म की घुट्टी

Mon, 15 Oct 2018 06:49 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 15 Oct 2018 06:49 PM IST
विज्ञापन
assembly elections 2018: india today axis survay 2018
चुनाव सामग्री
चुनाव में राजनीतिक दल लंबे-चौड़े घोषणापत्रों के साथ मैदान में उतरते हैं। आजादी से लेकर अबतक जमीन से जुड़े कई मुद्दे हैं जो आज भी बरकरार हैं। ये मुद्दे आम जनता से जुड़े होते हैं, उनकी जरूरतों से जुड़े होते हैं। चुनावी मौसम में इन मूलभूत सुविधाओं को दरकिनार करते हुए नेताओं का मंदिरों-मजारों पर जाना शुरू हो गया है।
विज्ञापन


साथ ही लोगों को उनका धर्म और जाति याद दिलाना भी बड़ा चुनावी स्टंट रहा है। इस साल नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं जो आगामी लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे। आज हम आपको इंडिया टुडे एक्सिस के चुनाव पूर्व सर्वे के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के संभावित मुद्दों की अहम जानकारी देंगे। यहां लोगों के लिए जाति-धर्म से ज्यादा दूसरे मुद्दे मायने रखती हैं...
विज्ञापन


मध्य प्रदेश में 47 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बताया। कृषि समस्या यहां दूसरा मुद्दा बनी, वहीं 45 फीसदी लोगों ने इस मुद्दे को बताया अहम तो 42 फीसदी लोगों ने पेयजल की समस्या को ज्वलंत मुद्दा बताया। 40 फीसदी लोगों ने जल निकासी और 31 फीसदी लोगों ने महंगाई के मुद्दों को चुनाव में प्रमुख माना। स्वास्थ्य का मुद्दा यहां 17 फीसदी लोगों के लिए प्रमुख रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजस्थान में जल निकासी और स्वच्छता 53 फीसदी लोगों के मुताबिक चुनावी मुद्दा बनेगा, तो वहीं 47 फीसदी लोगों ने कृषि समस्याओं पर मुहर लगाई है। बेरोजगारी को 43 फीसदी लोगों ने प्रमुख मुद्दा माना, तो 42 फीसदी लोगों के लिए महंगाई बड़ा मुद्दा थी। 35 फीसदी लोगों के लिए पेयजल और 24 फीसदी लोगों के लिए खस्ताहाल सड़कें मुद्दा बनीं।


छत्तीसगढ़ में जल निकासी और स्वच्छता 52 फीसदी लोगों के मुताबिक चुनावी मुद्दा बनेगा। 41 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को प्रमुख मुद्दा माना, तो वहीं 40 फीसदी लोगों ने कृषि समस्याओं पर मुहर लगाई। महंगाई 38 फीसदी लोगों के हिसाब से प्रमुख मुद्दा रहेगी, तो 27 फीसदी लोगों ने पेयजल समस्या को अहम मुद्दा माना।18 फीसदी लोगों की माने तो खस्ताहाल सड़कें इस बार सभी चुनावी मुद्दों पर भारी पड़ेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed