फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Assembly Election 2022 in 5 Years 357 Candidates Changed Their Party to Contest Elections

Assembly Election 2022 : पांच साल में 357 प्रत्याशियों ने पार्टी बदलकर विधानसभा चुनाव लड़ा, पढ़िए इनमें से कितने जीत पाए?

Wed, 12 Jan 2022 02:45 PM IST
Himanshu Mishra हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 12 Jan 2022 02:45 PM IST
सार

Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही दल बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। फिलहाल यूपी में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। यहां योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री से लेकर कई विधायक पार्टी छोड़कर दूसरे दल की तरफ बढ़ चुके हैं। 

विज्ञापन
Assembly Election 2022 in 5 Years 357 Candidates Changed Their Party to Contest Elections
Assembly Election 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आमतौर पर नेताओं को लगता है कि पार्टी बदलने से वह चुनाव जीत जाएंगे। लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। राज्यसभा का चुनाव छोड़ दें तो लगभग हर चुनाव में दल बदलकर चुनाव लड़ने वाले कम ही प्रत्याशी जीत पाते हैं। 
विज्ञापन


एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की 2016 से 2020 के बीच की रिपोर्ट देखें तो सारी हकीकत आइने की तरह साफ दिखने लगती है। रिपोर्ट के अनुसार इन पांच साल के अंदर 357 नेताओं ने पार्टी बदलकर चुनाव लड़ा। इनमें 170 यानी 48% ही चुनाव जीत पाए। 187 नेताओं को हार का सामना करना पड़ा।  जीतने वाले भी ज्यादातर वह प्रत्याशी रहे जो दूसरी पार्टी छोड़कर भाजपा में पहुंचे थे। पार्टी ने ऐसे 67 नेताओं को टिकट दिया था, जिसमें 54 जीत गए। 
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव में यह आंकड़ा और हैरान करने वाला है। इसमें कुल 12 नेताओं ने एक पार्टी छोड़कर दूसरे के टिकट पर चुनाव लड़ा और सभी हार गए। विधानसभा उपचुनाव में दल बदलने वाले नेताओं की परफॉरमेंस अच्छी रही है। ऐसे 48 नेताओं ने चुनाव लड़ा और इसमें 39 यानी 81% को जीत मिली। 
विज्ञापन
विज्ञापन




राज्यसभा चुनाव में 100% रिजल्ट
राज्यसभा चुनाव में दल बदलकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं को 100% सफलता मिली है। इसके पीछे सदस्यों की तय संख्या का वोट करना होता है। इसमें चुनाव पब्लिक को नहीं बल्कि सदन के नेताओं को ही करना होता है। यही कारण है कि पार्टी को काफी हद तक मालूम रहता है कि अगर वह किसी प्रत्याशी को चुनाव में उतारता है तो उसके चीज की संभावना कितने प्रतिशत है?

ये भी जान लें
  • मध्य प्रदेश, मणिपुर, गोवा, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक में विधायकों के दल बदलने के चलते सरकार गिर गई थी। 
  • 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के पांच सांसदों ने अन्य दलों में जाने के लिए पार्टी छोड़ दी थी। 

दूसरे दलों के सबसे ज्यादा विधायक भाजपा में आए
पार्टी दूसरे दल के कितने विधायक आए?
भाजपा  182
कांग्रेस 38
टीआरएस 25
तृणमूल कांग्रेस 16
एनपीपी 16
जदयू 14
बसपा 11
सपा 08

सबसे ज्यादा कांग्रेस विधायकों ने छोड़ा साथ
पार्टी कितने विधायकों ने साथ छोड़ा?
कांग्रेस 170
भाजपा 18
बसपा 17
टीडीपी 17
सपा 12
(आंकड़े 2016 से 2020 तक के हैं। इस दौरान कुल 405 विधायकों ने अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी जॉइन कर ली।)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed