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परमाणु हमले के शिकार बौद्ध भिक्षु ने तैयार की थी पहली बुलेट ट्रेन की डिजाइन
amarujal.com, Presented By: आसिफ़ इक़बाल
Updated Thu, 14 Sep 2017 07:55 PM IST
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केंजी एकुआन
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भारत भी अब हाईस्पीड बुलेट ट्रेन वाले देशों की कतार में शामिल होने जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने बृहस्पतिवार को गुजरात के साबरमती में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की उस परियोजना की आधारशिला रख दी, जो अगले पांच साल में हाई स्पीड ट्रेन में बैठने के सपने को आकार देगी।
बुलेट ट्रेन को देखते ही ये ख्याल आता है कि सबसे पहले इसकी तस्वीर किसने उकेरी होगी। जी हां, अब आपको बताते हैं कि बुलेट ट्रेन का डिजाइन किसने तैयार किया। वैसे तो 1943 में जापान ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हाई स्पीड ट्रेन के लिए लाइन बिछाना शुरू कर दिया था, लेकिन फंड की कमी की वजह से इसे रोकना पड़ा।
1950 में वर्ल्ड बैंक की मदद से इस काम को दोबारा शुरू किया गया और 1964 में जापान ने इतिहास रचते हुए दुनिया में पहली हाई स्पीड ट्रेन शिंकानसेन 210 किमी प्रति घंटे से दौड़ाई।
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बुलेट ट्रेन को देखते ही ये ख्याल आता है कि सबसे पहले इसकी तस्वीर किसने उकेरी होगी। जी हां, अब आपको बताते हैं कि बुलेट ट्रेन का डिजाइन किसने तैयार किया। वैसे तो 1943 में जापान ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हाई स्पीड ट्रेन के लिए लाइन बिछाना शुरू कर दिया था, लेकिन फंड की कमी की वजह से इसे रोकना पड़ा।
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1950 में वर्ल्ड बैंक की मदद से इस काम को दोबारा शुरू किया गया और 1964 में जापान ने इतिहास रचते हुए दुनिया में पहली हाई स्पीड ट्रेन शिंकानसेन 210 किमी प्रति घंटे से दौड़ाई।
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कैसे शुरू हुआ बुलेट का सफर
पहली बुलेट ट्रेन
1960 के शुरुआत में जापान राष्ट्रीय रेलवे के चीफ इंजीनियर हीडियो शिमा ने टोक्यो से ओसाका शहरों के बीच पहली हाई स्पीड ट्रेन की तकनीक पर काम किया, लेकिन आगे चलकर आधुनिक हाई स्पीड ट्रेन की डिजाइन का जिम्मा केंजी इकुआन के कंधों पर आया।
बौद्ध भिक्षु से जापानी औद्योगिक डिजाइनर बने केंजी इकुआन ने मशहूर लाल ढक्कन वाली किक्कोमान सोया सॉस की बोतल तक डिजाइन की थी। केंजी ने इसके अलावा यमाहा वीमास मोटरसाइकिल, टोक्यो और उत्तरी जापान को जोड़ने वाली कोमाची बुलेट ट्रेन, द नारिता एक्सप्रेस एयरपोर्ट लाइनर समेत बहुत सारे ऑडियो उपकरण डिजाइन किया था।
16 साल की उम्र में केंजी अपने घर पर कॉलेज से एक ट्रेन का मॉडल लेकर आए थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया, जिसके रेडिएशन से उनके पिता और बहन की मौत हो गई और पूरी घर तबाह हो गया।
केंजी अपने पिता की मौत के बाद हिरोशिमा मंदिर में भिक्षु बन गए थे। इसके बाद 1955 में टोक्यो नेशनल यूनिवर्सिटी से फाइन आर्ट और संगीत में ग्रेजुएशन पूरा करने के दो साल बाद केंजी ने अपना डिजाइन स्टूडियो स्थापित किया और दुनिया को बुलेट ट्रेन का तोहफा दिया।
बौद्ध भिक्षु से जापानी औद्योगिक डिजाइनर बने केंजी इकुआन ने मशहूर लाल ढक्कन वाली किक्कोमान सोया सॉस की बोतल तक डिजाइन की थी। केंजी ने इसके अलावा यमाहा वीमास मोटरसाइकिल, टोक्यो और उत्तरी जापान को जोड़ने वाली कोमाची बुलेट ट्रेन, द नारिता एक्सप्रेस एयरपोर्ट लाइनर समेत बहुत सारे ऑडियो उपकरण डिजाइन किया था।
16 साल की उम्र में केंजी अपने घर पर कॉलेज से एक ट्रेन का मॉडल लेकर आए थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया, जिसके रेडिएशन से उनके पिता और बहन की मौत हो गई और पूरी घर तबाह हो गया।
केंजी अपने पिता की मौत के बाद हिरोशिमा मंदिर में भिक्षु बन गए थे। इसके बाद 1955 में टोक्यो नेशनल यूनिवर्सिटी से फाइन आर्ट और संगीत में ग्रेजुएशन पूरा करने के दो साल बाद केंजी ने अपना डिजाइन स्टूडियो स्थापित किया और दुनिया को बुलेट ट्रेन का तोहफा दिया।