बिहार में दिमागी बुखार का कहर: अबतक 60 बच्चों की हो चुकी मौत, पसोपेश में नीतीश सरकार
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उत्तर बिहार के बच्चों पर दिमागी बुखार का कहर जारी है। मंगलवार तक केवल मुजफ्फरपुर में 30 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि बीते 11 दिनों में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 60 हो गई है। नए भर्ती बच्चों को मिलकर 154 पीड़ित सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बिहार के 12 जिलों के 222 प्रखंड दिमागी बुखार से प्रभावित बताए गए हैं। मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, शिवहर और पूर्वी चंपारण में इसका ज्यादा प्रकोप देखा जा रहा है।
मुजफ्फरपुर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल कुमार के अनुसार, श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अबतक 23, जबकि केजरीवाल अस्पताल में सात बच्चों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बच्चों की हो रही मौतों पर दुख जताया है। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में एक कार्यक्रम में पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सात सदस्यीय टीम का गठन कर मुजफ्फरपुर भेजा गया है। टीम इस बीमारी का अध्ययन करेगी।
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स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने बताए मौत के अन्य कारण
मौतों के पीछे के कारणों के बारे में पूछे जाने पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि ज्यादातर मौतें गरीब परिवारों के बच्चों और कुपोषण का शिकार बच्चों की हो रही हैं। भीषण गर्मी, शरीर में पानी की कमी, ब्लड में ग्लूकोज लेवल और खाली पेट सोने के कारण भी मौतें हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के लिए ओआरएस के पैकेट बांटे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पतालों से मदद लेने की अपील की है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हाई लेवल टीम ने लिया जायजा
पीड़ितों की बढ़ रही संख्या के मद्देनजर पटना मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ. आरडी रंजन, राज्य वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी डॉ. एमपी शर्मा और राज्य जेई-एईएस के नोडल समन्वयक संजय कुमार ने एसकेएमसीएच पहुंच पूरी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने दो राउंड चारों पीआईसीयू का निरीक्षण किया। इसके बाद विभाग की टीम केजरीवाल अस्पताल भी पहुंची।अधिकारियों ने सुव्यवस्थित तरीके से डाटा अपडेट करने पर भी जोर दिया है।