फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Maharashtra ›   Maharashtra Former CM Devendra Fadnavis alleged Thackeray government on DHFL kapil wadhawan case

देवेंद्र फडणवीस बोले, महाराष्ट्र में ठाकरे की सरकार है या डीएचएफएल वाले वाधवान की

Tue, 19 May 2020 03:44 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 19 May 2020 03:44 PM IST
सार

  • आईपीएस अधिकारी गुप्ता को क्लीनचिट पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत
  • अप्रैल में कपिल और धीरज वाधवान को परिवार समेत दिया था खंडाला से महाबलेश्वर जाने का पास

विज्ञापन
Maharashtra Former CM Devendra Fadnavis alleged Thackeray government on DHFL kapil wadhawan case
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस - फोटो : ANI (File)

विस्तार

कोरोना संकट में जारी लॉकडाउन के बीच दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रमोटर कपिल वाधवान को लॉकडाउन में महाबलेश्वर के लिए पास जारी करने वाले अफसर को क्लीनचिट देने और फिर बहाल किए जाने पर सूबे की राजनीति करमा गई है।

विज्ञापन


विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता को दोबारा बहाल करने पर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को फडणवीस ने सवाल किया कि राज्य में महाविकास आघाडी की सरकार है या वाधवान सरकार? इसका जवाब राज्य सरकार को देना चाहिए।
विज्ञापन


बीते अप्रैल महीने में लॉकडाउन-1 के दौरान डीएचएफएल के प्रवर्तक कपिल वाधवान और धीरज वाधवान समेत परिवार के सदस्यों को खंडाला से महाबलेश्वर जाने की अनुमति के लिए ट्रांजिट पास दिया गया था। जिस पर गुप्ता ने ही हस्ताक्षर किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना संकट में महाबलेश्वर गांव वालों ने वाधवान परिवार के वहां पहुंचने पर विरोध जताया था। इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया। राज्य सरकार ने गुप्ता को जबरन छुट्टी पर भेजकर जांच के आदेश दिए थे। पर दो दिन पहले उन्हें फिर से उसी पद पर बहाल कर दिया गया है।

किसी और के इशारे पर गुप्ता ने दिया था पत्र

फडणवीस ने कहा कि प्रदेश में लॉकडाउन के समय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपित वाधवान बंधुओं को सैर के लिए पास देने वाले गुप्ता को राज्य सरकार ने दोबारा उसी पद पर नियुक्ति किया है।

फडनवीस का कहना है कि यह मामला सामने आने के बाद ही कहा था कि इनके कोई न कोई आका हैं, जिनके इशारों पर पास दिया गया है। गुप्ता अपने मन से ऐसा नहीं कर सकते। अब जिस तेजी के साथ गुप्ता की जांच को खत्म कर दोबारा उसी पद पर नियुक्ति किया गया है उससे साफ है कि गुप्ता ने वाधवान परिवार को पत्र किसी न किसी के इशारे पर दिया था।



इसलिए हम इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं। सीबीआई इस बात की जांच करे कि किसके कहने पर गुप्ता ने पत्र दिया था।

प्रवासियों से संबंधित समिति के प्रमुख बने गुप्ता

बाधवान को ट्रांजिट पास देने वाले अमिताभ गुप्ता को प्रवासियों से संबंधित एक समिति का प्रमुख बनाया गया है। इस समिति को छात्रों, श्रमिकों को उनके मूल गांव वापस जाने के लिए अनुमति देने का अधिकार है। इस समिति में मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त विनय चौबे, सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव राहुल कुलकर्णी भी शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed