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राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग कर फर्जी मानवाधिकार कार्यालय चला रहे आरोपी पकड़े गए
Tue, 23 Jul 2019 02:50 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
Published by: अजय सिंह
Updated Tue, 23 Jul 2019 02:50 PM IST
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एनएचआरसी (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
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महाराष्ट्र में ठाणे पुलिस ने लेटरहेड और विजिटिंग कार्ड पर राष्ट्रीय चिह्न का कथित तौर पर दुरुपयोग करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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पुलिस की एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि आरोपी लालमन पांडे ने अपने लेटरहेड एवं विजिटिंग कार्ड पर राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग कर खुद को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का एक अधिकारी बताया।
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नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग भारत का राष्ट्रचिह्न (अनुचित प्रयोग की मनाही) कानून 2005 के प्रावधानों के तहत ही किया जा सकता है और किसी भी तरह का अनधिकृत प्रयोग कानून के तहत दंडनीय है।
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प्रवक्ता ने बताया कि एनएचआरसी से मिली शिकायत के आधार पर शहर पुलिस ने जांच की और पाया का पांडे ने राष्ट्रीय चिह्न मुद्रित फर्जी लेटरहेड एवं विजिटिंग कार्ड के जरिए खुद को सरकार के हिंदी परामर्श बोर्ड का सदस्य भी बताया।
उन्होंने बताया कि पांडे का दावा है कि नयी दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में गुलाम अली खान ने उससे मुलाकात कर 22 जनवरी 2019 को उसे एनएचआरसी का नियुक्ति पत्र और विजिटिंग कार्ड दिया जिसके बाद आरोपी यहां कल्याण कस्बे में मानवाधिकार संगठन का एक कार्यालय चलाने लगे।
पुलिस ने जांच के बाद सोमवार को पांडे और खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 465, 468 और 471 तथा प्रतीक एवं नाम कानून में मामला दर्ज किया।