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सरकार की नाकामी का ठीकरा उद्धव पर फोड़ना चाहते हैं राहुल: फडणवीस
Tue, 26 May 2020 11:24 PM IST
मुकेश कुमार झा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Tue, 26 May 2020 11:24 PM IST
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देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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महाराष्ट्र की सत्ता में साझीदार होकर भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर पल्ला झाड़ने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। मंगलवार को विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने राहुल गांधी के बयान पर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि राहुल गांधी कोरोना संकट में महाराष्ट्र सरकार की नाकामी का ठीकरा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर फोड़ना चाहते हैं।
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फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार में साझीदार है। इसलिए राहुल गांधी राज्य सरकार की नाकामी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। पहले पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रहे हैं कि यह कांग्रेस की सरकार नहीं शिवसेना की सरकार है। उसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार में कांग्रेस शामिल जरूर है लेकिन निर्णय प्रक्रिया में हम शमिल नहीं हैं। हम केवल सरकार की मदद कर रहे हैं प्रमुख भूमिका में नहीं हैं।
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ठाकरे सरकार में समन्वय का अभाव
फडणवीस ने कहा कि राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार में समन्वय का अभाव है। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अलग बैठक करती है जिसमें कांग्रेस के नेताओं को नहीं बुलाया जाता। फिर भी कांग्रेस यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती कि यह शिवसेना की सरकार है और सरकार में अहम भूमिका नहीं है।
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महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में प्रवासी श्रमिकों का योगदान
देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि प्रवासी श्रमिक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का हिस्सा रहे हैं। इसलिए राज्य की अर्थव्यवस्था में प्रवासी श्रमिकों का बड़ा योगदान है। महाराष्ट्र की सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराष्ट्र सरकार की ओर से उनके योगदान को नजरंदाज किए जाने से दुखी हैं।
इसलिए उन्होंने कहा कि माइग्रेशन कमीशन बनाएंगे और जो श्रमिकों को आमंत्रित करना चाहेगा उसे राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी। जबकि राज ठाकरे ने इसको लेकर राजनीति की है। फडणवीस ने कहा कि जो सालों से यहां काम कर रहे हैं उनका स्थान इतनी जल्दी कोई नहीं ले सकता। स्किल तैयार होने में समय लगता है। इसलिए प्रवासी श्रमिकों के नहीं आने से राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।