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अवैध हथियारों का हब बनी दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और यूपी के हथियारों से हो रहे दिल्ली में अपराध

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 07:16 PM IST
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अवैध हथियारों का हब बनी दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और यूपी के हथियारों से हो रहे दिल्ली में अपराध
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-दिल्ली में अब तक पुलिस अवैध हथियारों के 2177 मुकदमें दर्ज कर 2563 लोगों को कर चुकी है गिरफ्तार -पुलिस ने राजधानी से अब तक 2006 अवैध हथियार व 3680 कारतूस किए बरामद, बदमाश करते इन हथियारों का इस्तेमाल Illegal arms supply from UP, Bihar and West Uttar Pradesh in Delhi शुजात आलम नई दिल्ली, 08 अक्तूबर नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस के आंकड़ों में भले ही अपराध का ग्राफ थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन यह हकीकत है कि राजधानी में गंभीर अपराध बढ़े हैं। अगर यूं कहा जाए कि अपराध बढ़ने के पीछे अवैध हथियारों का बड़ा योगदान है तो वह गलत न होगा। राजधानी में इस साल 325 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई, वहीं करीब 400 लोगों पर जानलेवा हमला हुआ। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के ही मुताबिक राजधानी में हर रोज करीब 18 लोगों के साथ झपटमारी होती है। इन सब वारदातों में धड़ल्ले से जमकर अवैध हथियारों का इस्तेमाल होता है। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस वर्ष 2563 लोगों को गिरफ्तार कर उनसे करीब 2006 अवैध हथियार बरामद किए है। पुलिस की नाक के नीचे मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम उत्तर प्रदेश से लगातार अवैध हथियार दिल्ली पहुंच रहे हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2018 में पुलिस ने कुल 1540 मामले दर्ज कर 1901 लोग गिरफ्तार हुए। इन लोगों से पुलिस ने 1905 हथियार बरामद किए। हालांकि हथियार बरामदगी का यह आंकड़ा वर्ष 2019 में 3078 तक पहुंच गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अवैध हथियारों के धंधे में तीन अंग होते हैं। मांग, निर्माण और केरियर। डिमांड पर हथियार तैयार कर उसके बाद सबसे मुश्किल काम हथियारों को उनके सोर्स तक पहुंचाना होता है। अवैध हथियारों के धंधे से जुड़े शख्स पुलिस से बचते-बचाते हथियार पहुंचाते हैं। हथियारों का निर्माण करने वाला शख्स मोटी रकम का लालच देकर केरियर को हथियार लेकर दिल्ली भेजते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चुनाव में इन अवैध हथियारों की डिमांड ज्यादा बढ़ जाती है। अवैध हथियारों के लिए कारतूस का इंतजाम लाइसेंसी हथियार बेचने वाले विक्रेताओं से ही होता है। यह चोरी छिपे बदमाशों व अवैध हथियार का धंधा करने वाले लोगों को कारतूस महंगे दामों पर बेच देते हैं।
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---- बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम-उत्तर प्रदेश से आते हैं हथियार... बिहार के मुंगेर, मध्य प्रदेश के धार और खारगोन व यूपी के गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ से बड़ी संख्या में हथियार दिल्ली पहुंचते हैं। मुंगेर, धार और खारगोन के हथियार तो आर्म्स फैक्टरी में बने हथियारों को भी मात देते हैं। यहां कई गांव के लोगों को हथियार बनाने में महारत हासिल है। दिल्ली पुलिस समय-समय पर इन राज्यों के हथियार बरामद कर बदमाशों को पकड़ती रहती है। बाकी पश्चिम उत्तर-प्रदेश में तमंचे ज्यादा बनाए जाते हैं। पिछले दिनों पुलिस ने अलीगढ़ समेत कई जगहों पर अवैध हथियारों की फैक्टरी पकड़ी थी।
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---- 1500 रुपये में तमंचा और पांच से आठ हजार में पिस्टल... पश्चिम उत्तर-प्रदेश में बने कट्टों को फैक्टरी मालिक 1500 से 2000 के बीच बेचते हैं। फैक्टरी से चलक यह तीन से पांच हजार रुपये तक बिकता है। वहीं मुंगेर, धार और खारगोन में बनी पिस्टल पांच से आठ हजार रुपये में तैयार हो जाती है जो बाद में 15 से 25 हजार रुपये के बीच बिकती है। मुंगेर, धार और खारगोन से आए इन हथियारों की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है।
---- दिल्ली में अपराध के कुछ आंकड़े... . झपटमारी-4722 . लूटपाट-1200 . हत्या का प्रयास-371 . हत्या-319 . डकैती-8 (नोट-सभी आंकड़े 31 अगस्त 2020 तक के हैं। ) ---- दिल्ली में बरामद हथियार . पिस्टल और तमंचे-1981 . रिवाल्वर-25 . कारतूस-3680 ---- . अवैध हथियार के मामले दर्ज-2177 . अवैध हथियार के मामले में कुल गिरफ्तारी-2563 ---- (नोट-हथियारों की बरामदगी और गिरफ्तारी के आंकड़े पांच अक्तूबर 2020 तक के हैं।) ---- दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियारों के मामले में अब तक 2177 एफआईआर दर्ज कर 2563 लोगों को गिरफ्तार किया है, दिल्ली पुलिस लगातार ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती रहती है। आगे भी इनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अनिल मित्तल, अतिरिक्त प्रवक्ता, दिल्ली पुलिस ---- (शुुजात आलम)
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