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स्टूडेंट फंड से वेतन देने के दिल्ली सरकार के आदेश से कैंपस का माहौल गरमाया
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स्टूडेंट फंड से वेतन देने के दिल्ली सरकार के आदेश से कैंपस का माहौल गरमाया
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नई दिल्ली,
दिल्ली विश्विद्यालय से संबद्ध दिल्ली सरकार से 100 फीसदी वित् पोषित कॉलेजो में स्टूडेंट फंड से वेतन देने के दिल्ली सरकार के आदेश से कैंपस का माहौल गरमा गया है। इसके विरोध में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने आर्ट्स फैकल्टी गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले को लेकर 70 से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने राष्ट्रपति व डीयू विज़िटर को पत्र लिखा है। प्रदर्शन का नेतृत्व एनडीटीएफ के अध्यक्ष डॉ ए के भागी ने किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार बारह पूर्ण वित्तपोषित कॉलेजों की पुरानी व्यवस्था को नष्ट करने पर तुली हुई है ।दिल्ली सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन ,पेंशन और अन्य भत्तों को जारी करने की है।
एनडीटीएफ महासचिव डॉ वी एस नेगी ने बताया कि सत्तर से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने विजिटर व राष्ट्रपति को पत्र लिख कर इन कॉलेजों में व्याप्त आर्थिक संकट,वेतन औऱ ग्रांट की समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। पत्र में कहा गया है कि दिल्ली सरकार सभी स्थापित कायदे कानूनों का उल्लंघन कर इन कॉलेजों को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल कर रही है।
एनडी टीएफ ने पत्र में मांग की है कि दिल्ली विश्वविद्यालय को इन कॉलेजों को अपने अंतर्गत ले लेना चाहिए।डॉ नेगी ने कहा कि स्टूडेंट फंड से शिक्षक कर्मचारियों का वेतन देकर दिल्ली सरकार शिक्षा के निजीकरण के दरवाजे खोल रही है। दिल्ली सरकार न तो पर्याप्त फंड जारी कर रही है और न ही अकादमिक संरचना मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
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रश्मि शर्मा