West Asia Tension LIVE: तेहरान का दावा- अमेरिका ने ईरान के दरखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास किया हमला
West Asia Tension LIVE: ईरान के हमले में अपने सैनिकों की मौत से बौखलाए अमेरिका ने नए सिरे से एयर स्ट्राइक की शुरुआत की है। अमेरिकी सेना के मुताबिक ईरान को दंडित करने के लिए नए सिरे से हवाई हमले किए जा रहे हैं। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें ईरान और अमेरिका के टकराव से पश्चिम एशिया में उपजे तनाव से जुड़े तमाम अपडेट्स
लाइव अपडेट
ईरान में अस्थिरता बढ़ी, भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया
ईरान में बढ़ती अस्थिरता और संघर्ष के बीच भारतीय दूतावास ने रविवार, 20 जुलाई को भारतीय नागरिकों के लिए संशोधित परामर्श जारी किया। परामर्श में भारतीयों से ईरान यात्रा स्थगित करने और मौजूदा लोगों को अस्थायी रूप से देश छोड़ने को कहा गया है। ईरान में रहने वाले नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, अभी तक जिन नागरिकों ने पंजीकरण नहीं कराया है, ऐसे तमाम भारतीयों से तुरंत विवरण दर्ज कराने को कहा गया है।Embassy of India in Iran- The recent days have seen an increase in levels of instability and conflict in Iran. In this light, the Embassy wishes to issue the following revised advisory:
— ANI (@ANI) July 19, 2026
a) Indian nationals intending to travel to Iran for any purpose should postpone travel for… pic.twitter.com/T5WP5jrwWk
दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर से भड़कने के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है। इसके बाद ईरान ने शांति समझौते के 14 बिंदुओं को मानने से इनकार कर दिया है।
जॉर्डन ने देश पर हुए हमलों के विरोध में ईरानी राजदूत को किया तलब
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने ईरानी हमलों के खिलाफ "कड़े शब्दों में विरोध संदेश" देने के लिए अम्मान स्थित ईरान दूतावास के अधिकारी को तलब किया है। जॉर्डन की सरकारी मीडिया एजेंसी ने बताया कि मंत्रालय ने आधिकारिक ईरानी संस्थाओं द्वारा दिए गए "उत्तेजक और भड़काऊ बयानों" पर भी आपत्ति जताई है।लेबनान के प्रधानमंत्री ने की कुवैत और जॉर्डन पर ईरान के हमलों की निंदा
लेबनान के प्रधान मंत्री नवाफ सलाम ने अपने कुवैती और जॉर्डन के समकक्षों, अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा और जाफर हसन से बात की है। उन्होंने उनसे कहा कि वह उनके देशों पर जारी ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं और कहते हैं कि ये "कुवैत और जॉर्डन की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन हैं, और अरब क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा हैं"। मंत्रिपरिषद की अध्यक्षता ने एक बयान में कहा कि सलाम ने लेबनान की ओर से "उनकी संप्रभुता को खतरे में डालने वाली हर चीज का सामना करने में उनके साथ दृढ़ रुख" का संदेश दिया।इस्राइल का दावा- ईरान ने किया जॉर्डन पर हमला
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल का कहना है कि ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागी हैं और चेतावनी दी है कि यह आग उसकी सीमाओं तक भी फैल सकती है।ईरान का दावा- अमेरिका ने किया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला
ईरान की परमाणु एजेंसी का कहना है कि अमेरिका ने दरखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थल पर हमला किया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा है कि खुजेस्तान प्रांत में निर्माणाधीन दरखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थल पर कई मिसाइलें गिरीं। एजेंसी ने स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 3:39 बजे हुए अमेरिकी हमले की निंदा की। इस संयंत्र का निर्माण कार्य 2022 में शुरू हुआ था।ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से किया हमला: कुवैत
कुवैत ने रविवार को कहा कि ईरान ने उस पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। कुवैत की सेना ने एक बयान में कहा कि ईरान के हमले के बाद देश की वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब एक सप्ताह से अधिक समय से ईरान और अमेरिका एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। अंतरिम संघर्ष विराम समझौता टूटने के बाद ईरान ने खाड़ी के अरब देशों पर हमले किए हैं, जबकि अमेरिका ने भी ईरान पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं।अमेरिका ने रविवार को इससे पहले ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच संघर्ष और बढ़ गया है।
कुवैत युद्ध के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित खाड़ी देशों में रहा है। यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के अलावा हवाई अड्डे, समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र और बिजली संयंत्र जैसे अहम ढांचे भी हमलों का निशाना बने हैं।
'अगर अमेरिका अपनी खैर चाहता है, तो तुरंत भाग जाए': ईरानी नेता की चेतावनी
ईरान के एक बड़े नेता इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक उनके सुप्रीम लीडर के तेवरों को समझ लें, तो वे एक सेकंड गंवाए बिना वहां से भाग खड़े होंगे। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ समझौता टूट गया है। इसके बाद से दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की है, तो ईरान समर्थित गुटों ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अमेरिका को 'महाशैतान' कहते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत को पूरी तरह रद्दी बताया है। खामेनेई का कहना है कि अमेरिका कभी अपनी बात पर नहीं टिकता और हमेशा धोखेबाजी करता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान और उसके साथी देश अमेरिका को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा।
पश्चिम एशिया में अब तक क्या हुआ? पढ़िए पांच बड़े अपडेट
अमेरिका का लगातार आठवें दिन हमलाअमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन में हुए उस हमले के जवाब में की जा रही है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैनिकों की मौत दुखद है, लेकिन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।
ईरान का पलटवार
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनके हस्ताक्षर की कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर हाल में हुए समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया।
कुवैत ने भी लगाया आरोप
कुवैत का कहना है कि ईरान के हवाई हमले में उसकी सरकारी तेल कंपनी की एक इकाई को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले भी बिजली और पानी के एक संयंत्र पर हमले का आरोप लगाया गया था।
इराक में बढ़ी सुरक्षा
इराक के एरबिल शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश हुई। इसके बाद वहां हवाई सुरक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय कर दी गई।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी कंपनी HKN ने इराक में रोका तेल का काम
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। इसी कारण अमेरिकी ऊर्जा कंपनी HKN एनर्जी ने इराक के कुर्दिश क्षेत्र में अपना काम पूरी तरह रोक दिया है। यह फैसला कंपनी द्वारा इराक के तेल मंत्रालय के साथ हमरिन तेल क्षेत्र को विकसित करने का समझौता करने के ठीक कुछ दिन बाद आया है। इस समझौते का लक्ष्य रोजाना 1.40 लाख बैरल तेल और 40 मिलियन घन फीट गैस का उत्पादन करना था। क्षेत्र में लगातार हो रहे ड्रोन हमलों और सुरक्षा खतरों को देखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाया है। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी दाना गैस ने भी सुरक्षा कारणों से यहाँ अपना परिचालन बंद किया था।