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West Asia Crisis LIVE: हंदाला का सऊदी पर साइबर अटैक, ईरान ने अमेरिकी नाकाबंदी की कड़ी आलोचना की

Mon, 13 Apr 2026 09:51 PM IST
Jyoti Bhaskar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: Jyoti Bhaskar Updated Mon, 13 Apr 2026 09:51 PM IST
खास बातें

West Asia Crisis Live Updates: पश्चिम एशिया में करीब दो महीने से अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति के बाद वार्ता की जो विफल रही। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...

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पश्चिम एशिया में संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

लाइव अपडेट

09:45 PM, 13-Apr-2026

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नाकाबंदी की आलोचना की

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिका की ओर से लगाए गए समुद्री नाकाबंदी (ब्लॉकेड) की कड़ी आलोचना की है।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या एक गैरकानूनी युद्ध को दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर जीता जा सकता है? उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि क्या खुद को नुकसान पहुंचाकर किसी और को सबक सिखाना सही है?

08:03 PM, 13-Apr-2026

फलस्तीन समर्थक हैकर समूह का सऊदी की इंडस्ट्री पर साइबर हमला

फलस्तीन समर्थक हैकर समूह हंदाला ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब की औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) संरचनाओं पर बड़े साइबर हमले शुरू किए हैं। समूह का कहना है कि यह हमला एक तरह की चेतावनी और रोकथाम के तौर पर किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य सऊदी अरब की महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रणालियों को निशाना बनाना है।

 

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06:40 PM, 13-Apr-2026

अमेरिका के समुद्री नाकेबंदी के समर्थन में इस्राइल

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर नेवल ब्लॉकेड (समुद्री नाकाबंदी) के फैसले का समर्थन करता है। नेतन्याहू ने कैबिनेट बैठक में कहा कि ईरान ने नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए ट्रंप ने यह सख्त कदम उठाया। उन्होंने कहा कि इस्राइल इस फैसले के साथ पूरी तरह खड़ा है और इस मामले में अमेरिका के साथ लगातार संपर्क और समन्वय में है।

03:22 PM, 13-Apr-2026

इस्राइल तुर्किये को नया दुश्मन बना सकता है- तुर्की विदेश मंत्री

तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस्राइल भविष्य में तुर्किये को नया दुश्मन घोषित कर सकता है। उनका कहना है कि इस्राइल अपनी राजनीति को बनाए रखने के लिए हमेशा किसी न किसी दुश्मन की तलाश में रहता है। फिदान ने यह भी बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई बातचीत में भले ही कोई समझौता नहीं हो पाया, लेकिन दोनों पक्ष युद्धविराम को लेकर ईमानदार नजर आते हैं। यह बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई थी।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर परमाणु मुद्दे पर सब कुछ या कुछ नहीं जैसी स्थिति बनती है, खासकर यूरेनियम संवर्धन को लेकर, तो आगे गंभीर बाधाएं आ सकती हैं। इस बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस्राइल और तुर्किये के रिश्ते बिगड़ते हैं, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की राजनीति और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
 
03:13 PM, 13-Apr-2026

ईरान में 45 दिन से इंटरनेट लगभग बंद, लोगों की जिंदगी प्रभावित

ईरान में पिछले 45 दिनों से इंटरनेट सेवाएं लगभग ठप बनी हुई हैं। साइबर निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, सरकार ने देश की अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्टिविटी को 1,056 घंटे से ज्यादा समय से सीमित कर रखा है। इसका मतलब यह है कि लोग न तो ठीक से सोशल मीडिया चला पा रहे हैं और न ही बाहरी दुनिया से संपर्क कर पा रहे हैं। इस लंबे इंटरनेट ब्लैकआउट का असर आम नागरिकों, कारोबार और छात्रों पर साफ दिखाई दे रहा है। ऑनलाइन काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनका काम पूरी तरह इंटरनेट पर निर्भर है। वहीं, परिवारों को भी विदेश में रह रहे अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने में दिक्कत हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का लंबा इंटरनेट प्रतिबंध किसी देश की अर्थव्यवस्था और सूचना प्रवाह पर बड़ा असर डाल सकता है। हालांकि ईरानी सरकार ने इस मुद्दे पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। लेकिन यह स्थिति लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है, क्योंकि इतनी लंबी अवधि तक इंटरनेट बंद रहना बेहद असामान्य माना जाता है।
02:57 PM, 13-Apr-2026

तेहरान में मलबे से करीब 1000 लोगों को बचाया गया

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने जानकारी दी है कि राजधानी तेहरान में हुए अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमलों के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। अब तक करीब 960 लोगों को मलबे के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। सरकारी एजेंसी आईआरएनएके अनुसार, इन हमलों में देशभर में 1.25 लाख से ज्यादा नागरिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इनमें लगभग 1 लाख घर और करीब 24 हजार व्यापारिक इमारतें शामिल हैं। राहत टीमों का कहना है कि कई जगहों पर अभी भी लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए अभियान जारी है। इस घटना ने इलाके में भारी तबाही और मानवीय संकट की स्थिति पैदा कर दी है।
 
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02:52 PM, 13-Apr-2026

ब्रिटेन ने होर्मुज नाकेबंदी से बनाई दूरी 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि उनका देश ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई या होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी दबाव क्यों न हो, ब्रिटेन युद्ध में शामिल नहीं होगा। स्टार्मर ने जोर देकर कहा कि इस अहम जलमार्ग को खुला रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और व्यापार जुड़ा है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन लगातार कूटनीतिक कोशिश कर रहा है ताकि तनाव कम हो और हालात बिगड़ने से रोका जा सके। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की ओर से नाकेबंदी की चर्चा तेज है।
02:46 PM, 13-Apr-2026

जर्मनी में दो महीने के लिए पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा

जर्मनी की सरकार ने आम लोगों और कारोबारियों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। देश के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने घोषणा की है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला टैक्स अगले दो महीनों के लिए कम किया जाएगा। इस फैसले के तहत ईंधन की कीमत में करीब 17 यूरो सेंट (लगभग 17-18 रुपये) प्रति लीटर की कमी आएगी। सरकार का कहना है कि युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतों में तेजी आई है, जिससे लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। ऐसे में यह कदम राहत देने के लिए उठाया गया है। इस फैसले से ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री और आम जनता को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह राहत केवल अस्थायी है और आगे हालात के अनुसार नए फैसले लिए जा सकते हैं।
 
02:38 PM, 13-Apr-2026

चीन और ब्रिटेन ने भी तनाव कम करने की अपील की

चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की धमकी पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने को कहा है। चीन का कहना है कि यह जलमार्ग पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है और इसे सुरक्षित रखना सबकी जिम्मेदारी है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने साफ कर दिया कि उनका देश इस नाकेबंदी का समर्थन नहीं करेगा और युद्ध में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य इस रास्ते को पूरी तरह खुला रखना है ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
02:36 PM, 13-Apr-2026

जापान ने अभी नहीं लिया होर्मुज में सेना भेजने का फैसला

जापान ने साफ किया है कि उसने अभी तक होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन हटाने के लिए अपनी सेल्फ-डिफेंस फोर्स भेजने पर कोई फैसला नहीं लिया है। सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने कहा कि सबसे जरूरी चीज तनाव कम करना और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। जापान लगातार दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में युद्ध की स्थिति के कारण तेल आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर खतरा बढ़ गया है।
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