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LIVE: 'पानी की 100 मीटर ऊंची लहर लाई तबाही' प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- भयावह था मंजर; अब तक 162 की मौत
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Thu, 27 Aug 2026 10:31 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 27 Aug 2026 10:31 AM IST
खास बातें
नेपाल में बुधवार को आई भयंकर त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा 150 के पार पहुंच गया है। तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ अपने रास्ते में सबकुछ बहाकर ले गई। इस बाढ़ में कई पुल, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए। एक हजार के करीब लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं।
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नेपाल बाढ़।
- फोटो : पीटीआई
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लाइव अपडेट
10:27 AM, 27-Aug-2026
कस्टम अधिकारी ने बताया- पानी की 100 मीटर ऊंची लहर ने सबकुछ किया तबाह
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, रसुवा में मुख्य कस्टम अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि जब वे बाहर भागे, तो उन्होंने पानी की एक दीवार देखी जो ऊपर की तरफ से तिमुरे बाजार की ओर तेजी से बढ़ रही थी और उसके पीछे धुएं का गुबार जैसा कुछ दिख रहा था। ढुंगाना ने नेपाली मीडिया को बताया, 'यह बाढ़ थी, जो लगभग 100 मीटर ऊंची लहर की तरह उठ रही थी और उसने बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पल में बाजार खत्म हो गया।'10:15 AM, 27-Aug-2026
नेपाल सरकार ने बयान जारी कर दी जानकारी
- नेपाल सरकार ने एक बयान जारी कर बताया है कि अब तक 162 शव मिल चुके हैं। इनमें से 27 शव धाडिंग में, 12 नुवाकोट में, दो शव रसुवा में, 20 गोरखा में, 26 नवालपारासी पूर्व में, 9 तानाहुन में, 64 चितवन में और 5 शव नवालपारासी पश्चिम से बरामद हुए हैं।
- विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में लापता लोगों के आंकड़ों में अंतर है। करीब सात सौ लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना के 44 जवान, नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सशस्त्र बल के 12 जवान भी लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग ने बताया है कि 579 पर्यटक लापता हैं, जिनमें से 466 विदेशी और 113 नेपाली पर्यटक शामिल हैं।
- नेपाल सरकार ने बताया है कि 132 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें 111 नेपाली नागरिक और 21 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
- भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से 14 सस्पेंशन पुल, 25 परिवहन पुल और 40 किलोमीटर लंबाई की सड़क तबाह हो गई है। बाढ़ की चपेट में आकर 63 लोग घायल हुए हैं।
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09:37 AM, 27-Aug-2026
ईशा फाउंडेशन के तीर्थयात्री फंसे, नहीं हो पा रहा उनसे संपर्क
नेपाल में आई बाढ़ में ईशा फाउंडेशन के कई तीर्थयात्री भी फंसे हुए हैं। फाउंडेशन की समन्वयक मां गंभीरी ने बताया कि अभी तक ईशा फाउंडेशन के तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों से कुछ जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ पता चला जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले हमारे 21 समूह हैं। कई समूह अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर चुके हैं, जबकि अन्य रास्ते में हैं। वहीं कुछ शुरू करने वाले हैं।09:30 AM, 27-Aug-2026
नेपाल के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज, सेना-पुलिस की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटीं
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने गुरुवार को जानकारी कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने सुबह से ही तटीय और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'बुधवार को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने आज सुबह से ही तटीय और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं। नेपाली सेना ने बुधवार रात ही प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद नागरिकों की मदद के लिए खाने-पीने की जरूरी चीजें, टेंट और दवाइयां जैसी राहत सामग्री पहुंचा दी थी।'पोस्ट में कहा गया, 'सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर भी बचाव और खोज अभियानों में काफी मदद और सहयोग कर रहा है। बुधवार को जैसे ही बाढ़ आई, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीमों के साथ-साथ सेना और प्राइवेट सेक्टर के हेलीकॉप्टरों को लगाकर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। सेना की टीम ने पूरी रात लगातार बचाव अभियान चलाया।'
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और नदी के किनारे वाले इलाकों में नेपाली सेना और प्राइवेट सेक्टर के हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ पैदल टीमों को और अधिक सक्रिय करके फंसे हुए लोगों को बचाने और लापता लोगों की खोज का काम तेज कर दिया गया है। सरकार ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है और अपना पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित किया है।
नेपाल में मची इस तबाही में अब तक 162 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल पुलिस के अनुसार, रसुवा में 2, नुवाकोट में 12, धादिंग में 27, चितवन में 64, गोरखा में 20, तनहुं में 9, एनपी पूर्व में 26 और एनपी पश्चिम में 2 लोगों के शव मिले हैं। अभी सैकड़ों पर्यटक, मजदूर और अन्य लोग लापता हैं। रसुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में सबसे अधिक तबाही हुई। बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ इलाकों में आवाजाही ठप हो गई। बताया गया कि यह पानी तिब्बत की तरफ से आया था।
09:13 AM, 27-Aug-2026
नेपाल की बाढ़ का पानी बिहार में गंडक बैराज पहुंचा, स्थिति सामान्य
नेपाल में आई बाढ़ का पानी बुधवार देर रात गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे तक बैराज में जलश्राव में लगभग 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान है कि रात 11 बजे तक जलश्राव अपने चरम पर पहुंच सकता है, जिसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो जाएगी। विभाग ने बताया कि गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव करीब दो लाख क्यूसेक रहने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे सामान्य रहने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद विभाग की ओर से बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्षों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।जल संसाधन विभाग के मुताबिक, इस वर्ष 14 जुलाई को गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव 2,24,000 क्यूसेक दर्ज किया गया था। वहीं, वर्ष 2024 में 28 सितंबर को गंडक में जलश्राव 5,62,500 क्यूसेक तक पहुंच गया था। इन आंकड़ों की तुलना में इस बार संभावित अधिकतम जलश्राव काफी कम रहने का अनुमान है।
विभाग ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है। गंडक बैराज पर अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ नियंत्रण कक्षों से भी नदी के जलस्तर और जलश्राव की लगातार जानकारी ली जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि घबराएं नहीं, सतर्क रहें।
बता दें कि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के बीच बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह को लेकर जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।
08:42 AM, 27-Aug-2026
तिब्बत में भी 500 से ज्यादा लोग लापता
चीन के सरकारी मीडिया ने बताया है कि तिब्बत में बाढ़ के बाद से 558 लोग लापता है। नेपाल में भी सैंकड़ों लोग लापता है। वहीं नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 162 हो गया है।
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08:10 AM, 27-Aug-2026
नेपाल के भोटेकोशी बाढ़ में बैंक की 9 शाखाए बहीं, 26 कर्मचारियों से संपर्क नहीं
नेपाल के भोटेकोशी बाढ़ की चपेट में आने से विभिन्न कमर्शियल बैंक की नौ शाखाएं बह गईं। नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने ये भी बताया कि रसुवा में इन शाखाओं में काम करने वाले लगभग 26 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। एसोसिएशन का कहना है कि टेलीफोन लाइनें खराब होने और बिजली न होने के कारण संपर्क करने में दिक्कतें आ रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार, रसुवा में माछापुछ्रे, नबिल, सनिमा, लक्ष्मी सनराइज, हिमालयन, प्रभु, ग्लोबल आईएमई, इन्वेस्टमेंट मेगा और एनएमएबी बैंक की शाखाएं थीं। कान्तिपुर टाइम्स ने बताया कि बैंकर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कोइराला ने जानकारी दी कि इन शाखाओं में काम करने वाले 26 कर्मचारियों से अभी तक संपर्क नहीं हो सका है।बुधवार तड़के अचानक नेपाल की भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ा और उसने बाढ़ का रूप ले लिया। देखते ही देखते कई पुल, प्रोजेक्ट्स और इमारतें भरभरा कर गिरने लगीं। पुलिस अलग-अलग जिलों में बाढ़ की चपेट में आने वाले घरों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है, विभिन्न एजेंसियों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर ज़रूरी बचाव और खोज अभियान चला रही है, और कई जगहों पर रास्ते की रुकावटें हटा रही है।
रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य के लिए काठमांडू हवाई अड्डे से 49 बचाव उड़ानें भरी गईं। काठमांडू हवाई अड्डे पर स्थित आरसीसी कार्यालय के अनुसार, बुधवार शाम 5:20 बजे तक निजी और सरकारी हेलीकॉप्टरों ने धुंचे, तिमुरे, स्याफ्रुबेसी, मैलुंग, त्रिशूली और धाडिंग इलाकों में बचाव और राहत पहुंचाने के लिए उड़ान भरी। वहीं, इस विपत्ति में भारत ने पड़ोसी देश की हर मुमकिन मदद का आश्वासन दिया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली समकक्ष बालेंद्र शाह से फोन पर बात की और कहा, 'इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।'
07:25 AM, 27-Aug-2026
भारत ने भेजी मदद सामग्री
भारत ने नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह सहायता संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खडका राज पौडेल को सौंपी। भारतीय दूतावास ने कहा कि यह मदद बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में काम आएगी। भारत ने दोहराया कि वह मुश्किल समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।06:33 AM, 27-Aug-2026
अमेरिका नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है: सर्जियो गोर
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में अमेरिका नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है।06:09 AM, 27-Aug-2026
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने संवेदना जताई
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। कई लोग लापता हैं। बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। गुटेरेस ने 'एक्स' पर लिखा कि वह बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।गुटेरेस ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में मदद कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी सामान और कर्मचारियों को जुटा रहे हैं।