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Krishna Janmashtami : भादो आधी रात जन्म लियो कृष्णा कन्हाई...जन्माष्टमी व्रत का पारण? जानें सही समय और विधि

Sun, 17 Aug 2025 12:49 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 17 Aug 2025 12:49 AM IST
खास बातें

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत का समापन यानी पारण सही समय और विधि से करना आवश्यक होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2025 में जन्माष्टमी व्रत का पारण कब और कैसे करना चाहिए।

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Krishna Janmashtami 2025 Live Updates Date Time Shubh Muhurat Puja Vidhi Mantra And Wishes
कृष्ण जन्माष्टमी 2025 - फोटो : Adobe Stock

लाइव अपडेट

12:47 AM, 17-Aug-2025

जन्माष्टमी व्रत का पारण का समय

जन्माष्टमी व्रत के पारण का महत्व
धार्मिक परंपराओं के अनुसार यह व्रत श्रीकृष्ण जन्म के बाद ही खोला जाता है। मान्यता है कि व्रत तभी तोड़ना उचित है जब अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र दोनों समाप्त हो चुके हों। 

पारण का शुभ समय 
कई श्रद्धालु रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव और पूजा के बाद व्रत खोल लेते हैं। यह तब उपयुक्त होता है जब अष्टमी तिथि अगले दिन सुबह तक रहती है।शास्त्रों में वर्णन है कि व्रत अष्टमी तिथि के समाप्त होने के बाद ही तोड़ना श्रेष्ठ है। 

पारण की विधि
  • व्रत खोलने से पहले भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा, भोग और आरती करें।
  • व्रत का समापन भगवान को अर्पित प्रसाद से करें। इसमें माखन-मिश्री, पंजीरी और फल शामिल हो सकते हैं।
  • पारण के बाद केवल सात्त्विक भोजन ग्रहण करें।
  • व्रत खोलने के बाद अपनी क्षमता अनुसार दान-पुण्य अवश्य करें।
  • पारण करते समय मन में लगातार कान्हा का स्मरण करते रहें।
12:37 AM, 17-Aug-2025

भगवान कृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव जारी

वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है। देशभर के मंदिरों में लगातार भजन-कीर्तन गाए जा रहे हैं। चांदी की कामधेनु गाय के दूध से भगवान कृष्ण का अभिषेक किया जा रहा है। 
 
 
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12:28 AM, 17-Aug-2025

भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद अभिषेक किया जा रहा है

12:17 AM, 17-Aug-2025

घंटा-घड़ियाल की आवाज से गूंज उठे देशभर के मंदिर

आज जन्माष्टमी पर मथुरा में प्रकट हुए भगवान श्रीकृष्ण,कान्हा के जन्म लेते ही घंटे-घड़ियाल की आवाज से गूंज उठे देशभर के मंदिर। 1008 कमल पुष्पों से और 5 क्विंटल पंचामृत से अभिषेक हुआ।
 
12:02 AM, 17-Aug-2025

भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य

जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी...भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रात्रि 12 बजे जन्म हो चुका है। भगवान श्रीकृष्ण का यह 5252वां जन्मोत्सव है। देशभर के मंदिरों में भारी संख्या में लोग जन्माष्टमी पर भजन-कीर्तन करते हुए झूम रहे हैं। कृष्ण भक्त खुशी से झूम रहे हैं और लगातार आरती और भजन-कीर्तन कर रहे हैं। 
 
11:53 PM, 16-Aug-2025

दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मंदिर में कान्हा जी का दूध-दही से अभिषेक करते हुए पुजारी

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11:49 PM, 16-Aug-2025

नोएडा के इस्कॉन मंदिर में कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां

11:37 PM, 16-Aug-2025

पश्चिम बंगाल के इस्कॉन मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी

पश्चिम बंगाल के इस्कॉन मंदिर में कान्हा के जन्म के पहले पूजा-अर्चना करते भक्त 
 
11:17 PM, 16-Aug-2025

दिल्ली के द्वारका इस्कॉन मंदिर में कान्हा जी की आरती

जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली के द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर में कान्हा के जन्म से पहले उनकी आरती उतारते हुए उन्हे भोग अर्पित किया जा रहा है। 
 
11:12 PM, 16-Aug-2025

मथुरा-वृंदावन में भक्तों की भारी भीड़ जुटी

वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। आज अर्धरात्रि को कान्हा का जन्म होगा और उनके जन्म लेते ही घंटियां बजाते हुए मंगलगीत और भजन गाया जाएगा। 
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