Election 2026 Live Updates: AIADMK ने टीवीके को समर्थन देने से इनकार किया; राज्यपाल ने 16वीं विधानसभा भंग की
Election 2026 Live Updates Hindi: टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया और 112 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। राज्यपाल अभी संतुष्ट नहीं हैं। इसी बीच 16वीं तमिलनाडु विधानसभा को 5 मई 2026 से भंग करने का निर्णय लिया गया। एआईएडीएमके ने टीवीके को समर्थन से इनकार किया है, जबकि पश्चिम बंगाल भाजपा ने टीएमसी पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। चुनावी राज्य में नई सरकार के गठन से जुड़े सभी अपडेट के लिए इस पेज पर बने रहें...
लाइव अपडेट
टीएमसी ने विधायकों की गैरहाजिरी पर दिया स्पष्टीकरण
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि आज हुई बैठक में कुछ विधायक शामिल नहीं हुए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस (AITC) के आधिकारिक सूत्रों ने स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी के अनुसार, बैठक में अनुपस्थित सभी विधायकों ने पहले ही अपनी गैरमौजूदगी की सूचना दे दी थी। कुछ विधायकों को स्वयं पार्टी की ओर से बैठक में शामिल न होने के लिए कहा गया था, खासकर उत्तर बंगाल क्षेत्र से जुड़े नेताओं को। सूत्रों ने यह भी बताया कि सागरदिघी के विधायक पारिवारिक मेडिकल इमरजेंसी के कारण बैठक में नहीं आ सके।वहीं, बीरभूम के काजल शेख को पार्टी ने निर्देश दिया था कि वे क्षेत्र में ही रहकर उन परिवारों की मदद करें जो चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित हुए हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह कोई अनुशासनहीनता या अंदरूनी मतभेद का मामला नहीं है, बल्कि सभी निर्णय पहले से तय और समन्वित थे।
टीएमसी के कथित 'गुंडा वाहिनी' पर भाजपा का आरोप, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पश्चिम बंगाल भाजपा ने एक बयान जारी कर कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि तृणमूल कांग्रेस के कथित 'गुंडा वाहिनी' से जुड़े कुछ लोग भाजपा कार्यकर्ताओं की नकल कर लोगों को गुमराह करने और राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने साफ कहा है कि वह इस तरह की किसी भी धोखाधड़ी या गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी।पार्टी के अनुसार जो भी व्यक्ति किसी का रूप धारण कर जनता को भ्रमित करने, डराने-धमकाने या कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भाजपा ने यह भी कहा कि ऐसे सभी असामाजिक तत्वों पर कानून के तहत पूरी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। पार्टी ने दावा किया कि आने वाली सरकार कानून के शासन को मजबूत करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और हर नागरिक की सुरक्षा बिना किसी भेदभाव के करने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसी भी परिस्थिति में TVK को समर्थन नहीं दिया जाएगा- AIADMK
AIADMK के उप समन्वयक के.पी. मुनुसामी ने स्पष्ट बयान देते हुए कहा है कि पार्टी किसी भी परिस्थिति में टीवीके का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक हालात चाहे जैसे भी हों, AIADMK अपने रुख पर अडिग रहेगी और टीवीके के साथ कोई सहयोग नहीं करेगी।TVK के पास सरकार गठन के क्या विकल्प
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों में विजय की टीवीके 234 सीटों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन वह 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से 10-11 सीटें पीछे है। इसकी वजह यह है कि विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते थे, जिसके कारण उन्हें एक सीट छोड़नी होगी।विजय एक अल्पमत सरकार भी बना सकते हैं जो सशर्त या मुद्दे-आधारित समर्थन पर निर्भर हो। इस परिस्थिति के तहत विधानसभा में बहुमत साबित करने (फ्लोर टेस्ट) के दौरान सदन में उपस्थित विधायकों के आधार पर ही गिनती होती है। अगर फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्षी दलों के कुछ विधायक अनुपस्थित हो जाते हैं, तो बहुमत का आंकड़ा कम हो जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर 21 विधायक वोटिंग से दूर रहते हैं, तो बहुमत का आंकड़ा गिरकर 106 हो जाएगा, जिसे टीवीके अकेले ही साबित कर लेगी। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें...
राज्यपाल ने 16वीं विधानसभा को किया भंग
तमिलनाडु में राज्यपाल ने 16वीं तमिलनाडु विधानसभा को 5 मई 2026 से प्रभावी रूप से भंग करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी लोक भवन की ओर से दी गई है।सरकार गठन में फंसा पेच!
टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के अनुसार, विजय ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन का जो पत्र सौंपा है, उसमें 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, राज्यपाल अभी तक टीवीके के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पार्टी के पास बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं।
कांग्रेस ने किया टीवीके का समर्थन, भविष्य के चुनावों में भी साथ लड़ने का एलान
तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला। अपने पुराने सहयोगी दल द्रमुक से वर्षों पुराना नाता तोड़ते हुए कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक तौर पर टीवीके का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस अब राज्य में नई सरकार बनाने के लिए अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके का पूरा साथ देगी। इसके साथ ही कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि टीवीके के साथ उनका यह नया राजनीतिक गठबंधन केवल मौजूदा सरकार गठन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में भी दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर मैदान में उतरेंगी।टीवीके-कांग्रेस के नए गठबंधन पर भाजपा का करारा तंज
तमिलनाडु में द्रमुक का साथ छोड़कर टीवीके को समर्थन देने पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि चुनाव नतीजे आते ही 'INDIA' गठबंधन ताश के पत्तों की तरह ढह गया है। उन्होंने इसे गठबंधन का 'अंतिम संस्कार' बताते हुए कहा कि सहयोगियों को धोखा देना कांग्रेस का पुराना इतिहास है। पूनावाला ने चेतावनी दी कि जो द्रमुक के साथ हुआ, वह भविष्य में सपा के साथ भी हो सकता है। वहीं, द्रमुक ने भी कांग्रेस के इस कदम को पीठ में छुरा घोंपना बताया है। गौरतलब है कि 234 सीटों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतने वाली टीवीके को सरकार बनाने के लिए 10 और विधायकों की जरूरत है।
क्या कांग्रेस के समर्थन से टीवीके बना लेगी सरकार? समझें सीटों का गणित
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों (बहुमत) की जरूरत होती है। चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं और अब 5 विधायकों वाली कांग्रेस ने भी उन्हें अपना समर्थन दे दिया है। इन दोनों पार्टियों को मिलाने पर कुल आंकड़ा 113 (108+5) पहुंचता है। इसका सीधा मतलब है कि सिर्फ कांग्रेस के समर्थन भर से टीवीके पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बना सकती है। बहुमत के जादुई आंकड़े (118) तक पहुंचने के लिए टीवीके को अभी भी कम से कम 5 और विधायकों की जरूरत है।बहुमत साबित करने और सरकार बनाने के लिए टीवीके को अब अन्य दलों की मदद लेनी होगी। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा तेज है कि अन्नाद्रमुक टीवीके को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दे सकती है। इसके अलावा द्रमुक नेता कनिमोझी ने भी यह दावा किया है कि अन्नाद्रमुक के 21 विधायक टूटकर सीधे टीवीके में शामिल हो सकते हैं। अगर अन्नाद्रमुक का समर्थन मिलता है या कुछ अन्य छोटे दल और निर्दलीय विधायक टीवीके के पाले में आते हैं, तो विजय आसानी से बहुमत का यह आंकड़ा पार कर लेंगे और राज्य के मुख्यमंत्री बन जाएंगे।