Parliament Session: राज्यसभा-लोकसभा मंगलवार तक के लिए स्थगित; कल रद्द हो सकता है विपक्षी सांसदों का निलंबन
Parliament Session in Hindi: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का सोमवार को छठा दिन है और सदन में एक बार फिर तीखी राजनीतिक टकराव की संभावना है। विपक्ष LPG संकट, बढ़ती महंगाई, ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संघर्ष में भारत की भूमिका को लेकर लगातार सवाल पूछ रहा है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार भी आरोप-प्रत्यारोप के साथ करारा जवाब दे रहा है।
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के दौरान 20 अफवाहों के मामले सामने आए
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की चल रही 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान करीब 20 बार फर्जी जानकारी और अफवाह फैलाने की कोशिश की गई। शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में यह जानकारी दी। सरकार ने बताया कि ऐसे वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे थे, जिन्हें तुरंत हटाने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म से कहा गया। सीबीएसई की एक विशेष टीम इंटरनेट पर लगातार निगरानी कर रही है ताकि परीक्षा से जुड़ी किसी भी अफवाह या गलत जानकारी को तुरंत रोका जा सके।इच्छा मृत्यु के लिए विधेयक लाने की मांग
गाजियाबाद के हरीश राणा को इच्छा मृत्यु दिए जाने के मामले की गूंज राज्यसभा में भी हुई। दरअसल, केरल से आईयूएमएल सांसद हारिस बीरन ने उच्च सदन में सोमवार को शून्यकाल के दौरान गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए इच्छा मृत्यु पर संसद में विधेयक लाने की मांग की। बीरन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई निर्देशों और कानून आयोग की सिफारिशों के बावजूद संसद की इस पर चुप्पी समझ से परे हैं।
बीरन ने इस मुद्दे को हाल ही में 31 वर्ष के हरीश राणा के माता-पिता की इच्छा मृत्यु याचिका सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार किए जाने के संदर्भ में विधेयक की आवश्यकता को लेकर उठाया। हरीश राणा 13 साल से कोमा में थे। सुप्रीम कोर्ट ने उनको इच्छा मृत्यु की अनुमति सख्त शर्तों के साथ दी है। इसमें एम्स में डॉक्टरों की टीम ने उनका लाइफ सपोर्ट सिस्टम दो दिन पूर्व हटाया है। सांसद ने सदन से अंतिम चरण के रोगियों के लिए चिकित्सा उपचार विधेयक लाने का आग्रह किया। बीरन ने कहा, देश में स्वास्थ्य देखभाल का 65 फीसदी से अधिक खर्च लोग अपनी जेब से करते हैं। भारत में निष्क्रिय इच्छा मृत्यु के लिए दिशा-निर्देश हैं, पर कोई केंद्रीय कानून नहीं है। हर जिला अस्पताल व प्राथमिक सेवा केंद्र में ऐसे लाइलाज संवेदनशील रोगियों के लिए अनिवार्य व्यवस्था हो ताकि उनका सम्मानजनक व मानवीय तरीके से उपचार हो सके। परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
2026 में कर्ज वसूली मामलों के लिए चार विशेष लोक अदालतें होंगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2026 में कर्ज वसूली से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए चार विशेष लोक अदालतें आयोजित की जाएंगी। इन मामलों की सुनवाई ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) औरऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण (डीआरएटी) में होती है। सरकार का कहना है कि इन अदालतों में लंबित अधिकांश मामले 100 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि वाले हैं। ऐसे मामलों के जल्दी निपटारे के लिए विशेष अदालतें और वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) जैसे लोक अदालतों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एससी-एसटी और महिला उद्यमियों के लिए नई स्टैंड-अप भारत योजना जल्द आएगी
केंद्र सरकार जल्द ही स्टैंड-अप भारत योजना का नया और संशोधित संस्करण लाने जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि इस योजना का मकसद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को अपना नया कारोबार शुरू करने में मदद देना है। उन्होंने कहा कि पहले चल चुकी योजना से मिले अनुभव और नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर नई योजना तैयार की जा रही है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।स्टैंड-अप भारत योजना पहली बार 2016 में शुरू हुई थी और इसके तहत 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का बैंक लोन दिया जाता था। इस लोन को सात साल में चुकाने की सुविधा होती थी और शुरुआत में 18 महीने तक की मोहलत भी मिलती थी। यह योजना 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई थी। सरकार अब इसमें कुछ बदलाव करके इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रही है।
लोक सभा की कार्यवाही रात 8 बजे तक चलेगी
लोकसभा में इस वक्त रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा की जा रही है। वहीं चर्चा को देखते हुए पीठासीन अध्यक्ष ने लोकसभा का समय रात आठ बजे तक के लिए बढ़ा दिया है।लोक सभा की कार्यवाही रात 8 बजे तक चलेगी.#LokSabha #BudgetSession pic.twitter.com/xXnVgFfFvp
— SansadTV (@sansad_tv) March 16, 2026
राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित हुई।#RajyaSabha की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित.#BudgetSession pic.twitter.com/IdwM3QD56E
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देशभर के केंद्रीय विद्यालय और नवोदय स्कूलों में 13 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली
केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि देशभर के केंद्रीय विद्यालय (केवी) और जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) में 13,000 से अधिक शिक्षक पद खाली पड़े हैं। शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में 8,618 और नवोदय विद्यालयों में 5,083 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। मंत्री के अनुसार नए स्कूल खुलने, कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने, तबादले, पदोन्नति और इस्तीफे जैसी वजहों से समय-समय पर रिक्तियां पैदा होती रहती हैं।सरकार का कहना है कि इन पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और भर्ती नियमों के अनुसार जल्द से जल्द नियुक्तियां करने की कोशिश की जाती है। जब तक नियमित शिक्षक नियुक्त नहीं हो जाते, तब तक स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए अस्थायी आधार पर अनुबंधित शिक्षकों को भी रखा जाता है। मंत्री ने यह भी कहा कि इन स्कूलों के विद्यार्थियों के परिणाम लगातार अच्छे रहे हैं, जिससे स्पष्ट है कि शिक्षण व्यवस्था और पढ़ाई का स्तर बनाए रखने की पूरी कोशिश की जा रही है।
ट्रेन किराए में वरिष्ठ नागरिकों की छूट बहाल करने की मांग तेज
लोकसभा में सोमवार को कई सांसदों ने सरकार से वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों को ट्रेन किराए में मिलने वाली रियायत फिर से शुरू करने की मांग की। यह रियायत कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में बंद कर दी गई थी। कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि इस फैसले से खासकर बुजुर्ग यात्रियों को काफी निराशा हुई है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायत कब फिर से लागू की जाएगी। तृणमूल कांग्रेस की सांसद जून मालिया ने भी यही मांग उठाई और कहा कि ये रियायत समाज के लिए योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।कोविड से पहले रेलवे वरिष्ठ पुरुष यात्रियों को 40 प्रतिशत और महिला वरिष्ठ नागरिकों को 50 प्रतिशत तक किराया छूट देता था। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी 50 प्रतिशत तक रियायत मिलती थी। बहस के दौरान कुछ सांसदों ने रेलवे की सुरक्षा, ट्रैक सुधार और स्टेशनों के आधुनिकीकरण जैसे मुद्दे भी उठाए। वहीं भाजपा सांसद गणेश सिंह ने सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि नई तकनीकों और वंदे भारत जैसी ट्रेनों से रेलवे में बड़ा बदलाव आया है।
भारत में विमान निर्माण बढ़ाने के लिए सरकार कर रही बड़े प्रयास
केंद्र सरकार देश में तेजी से बढ़ रहे एयरोस्पेस और विमानन निर्माण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। सोमवार को राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि भारतीय कंपनियां विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर विमान निर्माण की नई सुविधाएं स्थापित कर रही हैं।मंत्री ने बताया कि ब्राजील की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर ने भारत की एक कंपनी के साथ संयुक्त उद्यम किया है। इसके तहत जल्द ही भारत में क्षेत्रीय जेट विमानों के लिए एक फाइनल असेंबली लाइन शुरू की जाएगी। इससे देश में विमान निर्माण से जुड़ा पूरा औद्योगिक तंत्र मजबूत होगा और नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा रूस की सुखोई कंपनी ने भी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ समझौता किया है। इस समझौते के तहत भारत में एसजे-100 सुपर जेट विमान बनाने की योजना है, जो लगभग 100 यात्रियों की क्षमता वाला विमान होगा। यह क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद करेगा। मंत्री ने कहा कि विमान निर्माण एक बेहद जटिल और तकनीकी क्षेत्र है, जिसमें बहुत कम देश सफल हुए हैं। लेकिन सरकार को भरोसा है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश के जरिए भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
राज्यसभा में विनियोग विधेयक पेश
केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में विनियोग विधेयक, 2026 पेश किया।#BudgetSession2026
— SansadTV (@sansad_tv) March 16, 2026
Union Minister @nsitharaman moves The Appropriation Bill, 2026 in #RajyaSabha.@nsitharamanoffc @FinMinIndia pic.twitter.com/4lhVyX5NBo
भाजपा सांसद के लक्ष्मण ने तेलंगाना और आंध्र के OBC जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल करने की मांग की
राज्यसभा में भाजपा सांसद के लक्ष्मण ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि तेलंगाना के 27 और आंध्र प्रदेश के 5 ओबीसी जातियों को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल किया जाए। इसके जरिए ये समुदाय सरकारी नौकरी, शिक्षा और अन्य लाभों का हकदार बन सकेंगे। लक्ष्मण ने बताया कि NCBC ने पहले ही इन जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल करने की सिफारिश की है।
IUML सांसद हरीश बीरन ने एंड-ऑफ-लाइफ केयर कानून लाने का आग्रह किया
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) हरीश बीरन ने राज्यसभा में सरकार से अपील की कि वे टर्मिनली बीमार मरीजों के लिए एंड-ऑफ-लाइफ केयर कानून लाएं। उन्होंने कहा कि संसद ने पिछले दो दशकों में इस मुद्दे पर कई रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट निर्देशों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की है। बीरन ने पल्लिएटिव केयर को हर जिले के अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अनिवार्य करने की भी मांग की।