बच्चादानी से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने के लिए प्रतिदिन करें इस आसन का अभ्यास
महिलाएं अपने जीवनकाल में कई सारी ऐसी समस्याओं से जूझती हैं जिनके बारे में वे जिक्र करने से भी घबराती हैं। ऐसे में योग उनके लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है। पश्चिमोत्तानासन करने से महिलाओं की कई सारी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
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पश्चिमोत्तानासन को बैठकर किया जाता है। योग में इस आसन का खास महत्व है। छोटी उम्र से ही बच्चों को इस आसन को करने की सलाह दी जाती है। जो व्यक्ति बचपन से या नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करता है, बढ़ती उम्र के साथ भी उसे किसी तरह की समस्याएं नहीं होती हैं। वजन कम करने के लिए ये बेहद लाभकारी है। महिलाओं को आसन के नियमित अभ्यास से बच्चादानी एवं मासिक धर्म संबंधी समस्याओं से भी राहत मिलती है। इस आसन को करने से अनिद्रा की समस्या भी दूर हो जाती है। आइए जानते हैं पश्चिमोत्तासन करने का तरीका एवं इसके अन्य लाभ।
विधि-
पश्चिमोत्तानासन करने के लिए सबसे पहले बैठ जाइए। अब दोनों पैरों को आगे की ओर लंबा फैलाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके पैर कहीं से भी मुड़े हुए न हो। अब अपने हाथों को ऊपर की तरफ बिना मोड़े खोलें और उनसे अपने पैरों के अंगूठों को पकड़ने का प्रयास करें। अंगूठों को पकड़ते वक्त इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपकी छाती आपके घुटनों को छू रही हो। इस मुद्रा में आने के बाद 20 से 30 सेकंड तक लंबी-गहरी श्वास लेते हुए ऐसे ही रहने का प्रयास करें।
लाभ-
पश्चिमोत्तानासन का नियमित अभ्यास शारीरिक और मानसिक, दोनों प्रकार की समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। यह मन को शांत करता है और तनाव से भी छुटकारा दिलाता है। पाचन तंत्र में सुधार के लिए भी आप इस आसन को प्रतिदिन कर सकते हैं। इस आसन से उच्च रक्तचाप, अनिद्रा और बांझपन का भी उपचार किया जा सकता है। पेट और कूल्हों की चर्बी को कम करने के लिए यह आसन बेहद लाभकारी है। बच्चादानी से जुड़ी समस्याओं में भी योग चिकित्सक से परामर्श लेकर आप इसका अभ्यास कर सकते हैं। यह बहुत लाभकारी साबित होता है।
सावधानी-
यदि आपको अस्थमा, दस्त या पीठ में दर्द है तो इस आसन को करने से बचें। गर्भवती महिलाएं इसे न करें ।