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पेनकिलर में इस दवा से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 10 Sep 2018 09:37 AM IST
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आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दर्द निवारक दवाएं दिल संबंधी बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती हैं। जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। ‘बीएमजे’ में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि डाइक्लोफेनेक की बजाए पैरासिटामोल और अन्य दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
डेनमार्क स्थित आरहुस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने कहा कि डाइक्लोफेनेक इतनी हानिकारक है कि यह किसी स्टोर पर नहीं बिकनी चाहिए। यदि इसे बाजारों में उपलब्ध कराया भी जाता है, तो इसके पैकेट पर इसके इस्तेमाल से होने वाले जोखिम की जानकारी भी दी जानी चाहिए।
बता दें कि डाइक्लोफेनेक दर्द और सूजन के इलाज के लिए पारंपरिक नॉन-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवा (एनएसएआईडी) है और इसका व्यापक रूप से दुनिया भर में उपयोग किया जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि हालांकि, इससे होने वाले कार्डियोवैस्कुलर के जोखिमों के परीक्षण की कभी जांच नहीं की गई है।
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डेनमार्क स्थित आरहुस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने कहा कि डाइक्लोफेनेक इतनी हानिकारक है कि यह किसी स्टोर पर नहीं बिकनी चाहिए। यदि इसे बाजारों में उपलब्ध कराया भी जाता है, तो इसके पैकेट पर इसके इस्तेमाल से होने वाले जोखिम की जानकारी भी दी जानी चाहिए।
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बता दें कि डाइक्लोफेनेक दर्द और सूजन के इलाज के लिए पारंपरिक नॉन-स्टेरॉयड एंटी-इंफ्लैमेटरी दवा (एनएसएआईडी) है और इसका व्यापक रूप से दुनिया भर में उपयोग किया जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि हालांकि, इससे होने वाले कार्डियोवैस्कुलर के जोखिमों के परीक्षण की कभी जांच नहीं की गई है।
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