थायराइड की समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए प्रतिदिन करें इस आसन का अभ्यास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धनुरासन एक ऐसा आसन है, जिसको करने पर शरीर की मुद्रा धनुष के समान दिखाई देती है इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है। धनुरासन दो प्रकार के होते हैं, पूर्ण धनुरासन और अर्ध धनुरासन। पूर्ण धनुरासन करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है लेकिन नियमित अभ्यास से इसे किया जा सकता है। अर्ध धनुरासन सभी के लिए करना आसान है। धनुरासन महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी है। आइए जानते हैं अशोक सिंह सैंगर, आदर्श योग सेंटर, इंदौर से धनुरासन करने का सही तरीका और उससे होने वाले लाभ।
धनुरासन करने का तरीका
धनुरासन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़ते हुए कमर के पास ले आएं और अपने हाथ से दोनों टखनों को पकड़ें। अब अपने सिर, छाती और जांघ को ऊपर की ओर उठाएं। अपने शरीर के भार को पेट के निचले हिस्से पर लेने का प्रयास करें। पैरों को पकड़कर आगे की ओर शरीर को खींचने की कोशिश करें। अपनी क्षमतानुसार लगभग 15-20 सेकेंड तक इस आसन को करें।
धनुरासन के लाभ
धनुरासन को नियमित करने से थायराइड की समस्या में बहुत लाभ मिलता है। इस आसन को करने से पेट पर जोर पड़ता है जिससे कि पाचनतंत्र बेहतर होता है। पाचनतंत्र ठीक होने के साथ ही अपच, अजीर्ण और पेट के विकार भी दूर होते हैं। पेट का मोटापा कम करने के लिए भी यह आसन बहुत अच्छा है। जिन लोगों को ज्यादा भूख लगती है या भूख ही नहीं लगती है, उन्हें भी इस आसन के अभ्यास से फायदा पहुंचता है। महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता दूर होती है। इसको करके रीढ़ की हड्डियों की मजबूत किया जा सकता है।
ये लोग धनुरासन न करें
जिन लोगों को कमर में दर्द है, पेट में दर्द और छाले हो, माइग्रेन अथवा सिरदर्द होने पर , उच्च और निम्न रक्तचाप की समस्या में इस आसन को करने से परहेज करें। गर्भवती महिलाएं भी इस आसन का अभ्यास न करें।