World Nature Conservation Day 2021: जानिए क्या है इस दिन का इतिहास और महत्व, ऐसे करें प्रकृति की सुरक्षा
मनुष्य और प्रकृति का रिश्ता दिन प्रतिदिन टूटते जा रहा है। तीव्र औद्योगिक विकास ने हमारी पृथ्वी के बहुमूल्य संसाधनों को नष्ट किया है। औद्योगिक क्रांति के बाद से अब तक के इस दौर में हमने ना जाने कितने पेड़ों को काटा है। उद्योग धंधों को स्थापित करने के लिए हमने हजारों जंगलों को साफ कर दिया। उद्योगों का सारा कचरा आज नदियों में समा रहा है।
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विस्तार
बड़े बड़े उद्योग धंधे असीमित मात्रा में कार्बन का उत्सर्जन वायुमंडल में कर रहे हैं। इससे मनुष्य का सांस लेना दूभर हो गया है। भारी मात्रा में सूर्य की हानिकारक किरणों से हमारी रक्षा करने वाली ओजोन परत में क्षति पहुंची है। विगत सौ डेढ़ सौ सालों में हमने प्रकृति को जो नुकसान पहुंचाया है, उसने हमें एक ऐसे मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अगर अब कुछ नहीं किया जाएगा तो हो सकता है इसके हमें बहुत भारी परिणाम भविष्य में भुगतने पड़ेंगे। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के इस मौके पर हमें इस बात पर गौर जरूर करना चाहिए कि स्वस्थ पर्यावरण एक स्थिर और स्वस्थ मानव समाज की बुनियाद है। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस को हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है।
इतिहास
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का इतिहास और इसकी उत्पत्ति कब हुई इसके बारे में कुछ ज्ञात नहीं है। हालांकि इसे हर वर्ष 28 जुलाई के दिन मनाया जाता है। इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य मानव प्रजाति के रूप में हमें इस बात पर आत्मनिरीक्षण करना है कि मनुष्य किस प्रकार से प्रकृति के संसाधनों का दोहन और उसका शोषण करता आ रहा है?प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण ग्लोबल वार्मिंग, प्राकृतिक आपदाएं, बढ़ता हुआ तापमान आदि विभिन्न विनाशकारी समस्याओं का सामना हमें करना पड़ रहा है। आज स्थिति ऐसी हो गई है कि विश्व के कई ऐसी जगहों पर गर्मी पड़ रही है, जहां अमूमन ठंडा माहौल रहता था।
महत्व
हमारी पृथ्वी पर संसाधनों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। जल, वायु, नदियां, पहाड़, मिट्टी, ऊर्जा, वनस्पति, खनिज आदि का हमारे जीवन में काफी महत्व है। इनके बिना हम एक पल भी नहीं जी सकते। आज इनका तीव्र मात्रा में दोहन किया जा रहा है। इस कारण मनुष्य जाति को जीवन में कई संकटों का सामना करना पड़ रहा है। इन प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करके पृथ्वी की प्राकृतिक सुंदरता को फिर से संतुलित किया जा सकता है।
इन संसाधनों का मनुष्यों के साथ-साथ बाकी जीवों के लिए भी महत्व है। हम इन संसाधनों का अपनी लालच के लिए अकेले ही दोहन नहीं कर सकते। हमें सह अस्तित्व पर जीना सीखना चाहिए। इन संसाधनों का हमारे जीवन में काफी महत्व है। इनका उपयोग संतुलित ढंग से किया जाना चाहिए।