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दफ्तरों में आमने-सामने बात होना हुआ कम, रिसर्च में हुआ खुलासा
रूपायन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:09 AM IST
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काम करने वाले लोगों के बीच ज्यादा संवाद और तालमेल बढ़ाने के लिए बिना केबिन वाले दफ्तरों की शुरुआत हुई थी। लेकिन एक नए शोध से पता चला है कि खुले दफ्तरों में भी लोगों के बीच आमने-सामने बात करना बहुत कम हो गया है। ऑस्ट्रेलिया के बॉन्ड विश्वविद्यालय के बॉन्ड बिजनेस स्कूल के एक शोध में पता चला है कि खुले दफ्तरों में कर्मचारियों के बीच के संवाद कम हुआ है, जिसे समझने के लिए शोधकर्ताओ ने इलेक्ट्रॉनिक बैज और माइक्रोफोन का सहारा लिया गया।
शोध से पता चला कि लोग आमने-सामने बात करने में 73 फीसदी कम समय दे रहे हैं, जबकि ई-मेल और इलेक्ट्रॉनिक संदेश भेजना 67 फीसदी बढ़ गया है। कुछ नए शोध यह भी बताते हैं कि काम की जगह पर प्राइवेसी कम होने से लोग बचाव के रास्ते तलाशने लगते हैं और दफ्तर में सहयोगियों के साथ रिश्ते बिगड़ने लगते हैं।
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शोध से पता चला कि लोग आमने-सामने बात करने में 73 फीसदी कम समय दे रहे हैं, जबकि ई-मेल और इलेक्ट्रॉनिक संदेश भेजना 67 फीसदी बढ़ गया है। कुछ नए शोध यह भी बताते हैं कि काम की जगह पर प्राइवेसी कम होने से लोग बचाव के रास्ते तलाशने लगते हैं और दफ्तर में सहयोगियों के साथ रिश्ते बिगड़ने लगते हैं।
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