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बॉस से ताल-मेल बैठाने का ये नुस्खा है आसान

Tue, 28 Mar 2017 05:16 PM IST
amarujala.com- Presented By: पवनप्रीत कौर
amarujala.com- Presented By: पवनप्रीत कौर Updated Tue, 28 Mar 2017 05:16 PM IST
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how to coordinate with boss in office
बॉस से ताल-मेल

हम में से बहुत से लोगों को दफ्तर में तालमेल बिठाने में दिक्कत होती है। नए-नए लोगों से सामना होता है तो हर बार अपनी पसंद-नापसंद को समझाना पड़ता है। दूसरे की पसंद-नापसंद जानने की जरूरत होती है। खास तौर से दफ्तर में अपने सीनियर्स की आदतों को जानना जरूरी होता है। आखिर इस चुनौती से कैसे निपटा जा सकता है?

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पश्चिमी देशों में आजकल इस चुनौती से निपटने के लिए यूजर मैनुअल बनाने का चलन बढ़ रहा है। जैसे हम कोई नया फोन या सामान खरीदते हैं, तो उसके साथ यूजर मैनुअल मिलती है, जिसमें उस चीज की खूबियां बताई जाती हैं। ये भी लिखा होता है कि आप उस फोन या किसी और सामान का बेहतर इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।
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ठीक इसी तरह, आजकल पश्चिमी देशों में बहुत से लोग अपने-अपने यूजर मैनुअल यानी पसंद-नापसंद और आदतों की फेहरिस्त बनाने लगे हैं। जिससे उनके साथ काम करने वाले उन्हें आसानी से समझ सकें। सब लोग साथ मिलकर बेहतर ढंग से काम कर सकें। कामकाजी लोगों के यूजर मैनुअल का ख्याल सबसे पहले अमरीका के बोस्टन की एक कंपनी स्टाइबेल, पीबॉडी ऐंड एसोसिएट्स के संस्थापक लैरी स्टाइबेल को आया था।
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बात 2003 की है। लैरी स्टाइबेल एक मीटिंग के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। खाली वक्त में वो अपने नए फोन का यूजर मैनुअल पढ़ने लगे। वहीं से उन्हें अपनी कंपनी के कर्मचारियों का यूजर मैनुअल तैयार करने का ख्याल आया। लैरी ने इसकी शुरुआत खुद के बारे में एक सूची तैयार करने से की।

एक-दूसरे से मिलने में होने लगी सहूलियत

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बॉस से ताल-मेल

इसमें उन्होंने अपने काम करने के तरीके, पसंद-नापसंद के बारे में छोटा सा ब्यौरा तैयार किया। इसके बाद लैरी ने अपनी कंपनी के सभी कर्मचारियों को ऐसा करने को कहा। कुछ वक्त के बाद लैरी को लगा कि उनका ये नुस्खा बेहद काम आया है। लोगों को एक दूसरे को समझने और साथ मिलकर काम करने में इस यूजर मैनुअल से काफी सहूलियत होने लगी।

मातहतों को भी अपने सीनियर्स के साथ काम करने में आसानी हुई। कई और कंपनियों और लोगों ने भी यूजर मैनुअल का लैरी का नुस्खा आजमाया। नॉर्वे के रहने वाले इवार क्रोघुर्द ऐसे ही लोगों में से एक हैं।

नॉर्वे की अनिवार्य सैन्य सेवा के दौरान इवार को कई लोगों के साथ काम करने का मौका मिला था। मगर, उन्हें तालमेल में दिक्कत नहीं आई। लेकिन जब उन्होंने साल 2000 में अपनी डेटा कंपनी क्वेस्टबैक की शुरुआत की, तो अपने साथियों के साथ काम करने में ही उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

दस साल में उनकी कंपनी में तीन सौ से ज्यादा कर्मचारी हो गए थे। मगर इवार को इनमें से कई लोगों के तो नाम ही नहीं मालूम थे। फिर इवार ने यूजर मैनुअल बनाने के नुस्खे पर अमल किया। उन्होंने अपने मातहत काम करने वालों को अपनी आदतों और खामियों के बारे में बताया। मसलन खुद उन्हें नहीं पता था कि कई बार कर्मचारी उनसे तुरंत फैसले की उम्मीद करते थे और इवोर बात को टालते रहते थे।

कई लोगों को लगता है झूठ का पुलिंदा

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बॉस से ताल-मेल

जब साथियों ने उनके यूजर मैनुअल के जरिए इस आदत को जाना तो उन्हें टोकने लगे। इससे इवार को भी जल्दी फैसले लेने की आदत हुई। इसी तरह एक सीईओ अक्सर मीटिंग में जंग की कहानियां सुनाने लगते थे। कर्मचारियों को यूजर मैनुअल के जरिए उनकी इस आदत का पता चला, तो मीटिंग में लोग उन्हें टोकने लगे और मीटिंग जल्दी खत्म होने लगीं।

एक प्रोफेसर साहब ने अपने यूजर मैनुअल में लिखा कि लोग उनसे अपॉइंटमेंट लेकर मिलें। उनके टहलने के वक्त में अचानक आकर बात न करें क्योंकि वह वक्त वो सोच-विचार में लगाते हैं। इन दिनों पश्चिमी देशों की कई कंपनियों में कर्मचारियों से यूजर मैनुअल लिखवाया जाता है। कई लोग इसे अच्छी बात मानते हैं।

वहीं कई लोगों को ये झूठ का पुलिंदा लगता है। इसके विरोधी कहते हैं कि लोग अक्सर अपनी बुरी आदतें छुपा ले जाते हैं। यूजर मैनुअल की अपनी खामियां हैं। इसकी शुरुआत करने वाले लैरी सलाह देते हैं कि किसी भी कंपनी में यूजर मैनुअल लिखना अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए।

साथ ही वो सलाह देते हैं कि कंपनी के अधिकारियों को इसकी शुरुआत खुद का यूजर मैनुअल बनाकर करनी चाहिए। फिर उनके मातहतों को उनकी मिसाल मानने में आसानी होगी। जानकार कहते हैं कि दूर-दूर रहकर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ये नुस्खा बेहद कारगर होगा क्योंकि वो एक-दूसरे से मिल नहीं पाते। ऐसे में उन लोगों को एक दूसरे की पसंद और आदतों की जानकारी नहीं होती।

यूजर मैनुअल के नुकसान

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यूजर मैनुअल इस काम में उनका मददगार साबित होता है। यूजर मैनुअल के नुकसान भी हैं। मसलन आपके बॉस ये कहें कि उन्हें चुनौतियां पसंद हैं लेकिन जब आप उनकी बातों को चुनौती देते हैं, तो वो आपको इसके लिए सजा भी दे सकते हैं। ऐसे में यूजर मैनुअल का कोई फायदा नहीं होगा। अब अगर आप अपने बारे में ज्यादा निजी जानकारियां साझा करते हैं, तो इसके भी नुकसान हो सकते हैं।

जैसे आप ये लिखते हैं कि आपको सुबह उठना पसंद नहीं। तो, हो सकता है कि आपके बॉस ये कहें कि आपको ये आदत बदलनी चाहिए। यानी आपका अपनी आदत उजागर करना भारी भी पड़ सकता है। पर सावधानी के साथ इस्तेमाल करने पर ये नुस्खा दफ्तर में कर्मचारियों के बीच, बॉस और मातहत के बीच तालमेल बेहतर करने में काफी कारगर हो सकता है।

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