क्या खुद से कम उम्र लड़कों के साथ खुश रहती हैं महिलाएं
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''ना उम्र की सीमा हो, ना जन्म का हो बंधन...
जब प्यार करे कोई, तो देखे केवल मन...''
प्यार के आगे उम्र की सीमा और जन्म के बंधनों को तोड़ने की बात करती जगजीत सिंह की गाई यह गजल सालों से कई महफिलों को गुलजार करती रही है। प्यार में उम्र की सीमाएं तोड़ती ऐसी ही एक तस्वीर कुछ दिन पहले देखने को मिली, जब खबरें आईं कि बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने खुद से 10 साल छोटे अमरीकी गायक और अपने दोस्त निक जोनास के साथ सगाई कर ली है। इस खबर के सामने आने के बाद दोनों सेलिब्रिटियों को तमाम जगहों से बधाई संदेश मिलने लगे। हालांकि प्रियंका और निक ने खुद अपनी सगाई की पुष्टि नहीं की लेकिन उन्होंने सगाई की खबरों पर मिल रहे बधाई संदेशों को नकारा भी नहीं। इन बधाई संदेशों के साथ-साथ एक और मुद्दे पर बहस होने लगी कि किसी संबंध में उम्र का फासला कितना मायने रखता है। साथ ही शादी के लिए लड़की का लड़के से उम्र में बड़ा होना सामाजिक ताने-बाने के विपरीत तो नहीं है।
जब बड़ी होती है लड़की
फोर्टिस और आईबीएस हॉस्पिटल में मैरिज काउंसिलर के तौर पर काम करने वाली मनोवैज्ञानिक शिवानी मिसरी साढू ने बताया कि, वो कहती हैं कि बड़ी उम्र की महिलाओं का कम उम्र के युवकों के साथ संबंध बनाना या शादी करना, उनके पुराने अनुभवों के आधार पर होता है। शिवानी इन संबंधों को समझाते हुए कहती हैं, ''कोई बड़ी उम्र की महिला अपने पुराने अनुभवों से सबक लेते हुए आगे बढ़ती है, वह अपने जीवन में काफी कुछ सीख चुकी होती है और उम्र के एक पड़ाव पर आने के बाद उसे लगता है कि अब उसके जीवन में जुड़ने वाला व्यक्ति उस पर अपना प्रभुत्व ना जमाए, ऐसे में वो कम उम्र के लड़कों के साथ सहज होती हैं।''
समाज का नज़रिया
फिल्म 'दिल चाहता है' में अक्षय खन्ना ने जिस लड़के का किरदार निभाया है, उसे खुद से उम्र में बड़ी महिला से प्यार हो जाता है। यह बात वह अपने सबसे जिगरी दो दोस्तों को बताते हैं, लेकिन उनके दोस्त उनके प्यार की गहराई को समझने की जगह उनका मजाक बनाने लगते हैं। इस फिल्म में दिखाए गए मजाकिया सीन दरअसल इस तरह के रिश्तों की हकीकत बयान करते हैं।
दिल्ली के उत्तम नगर में रहने वाली मानसी भी अपने पति से पांच साल बड़ी हैं, उनकी शादी साल 2012 में हुई थी। पति-पत्नी के बीच आपसी समझ बेहद अच्छी है लेकिन कभी-कभी मानसी की सहेलियां उन्हें ये कहते हुए जरूर चिढाती हैं कि तुमने बच्चे से शादी कर ली। मानसी यह बात भले ही हसंते हुए बताती हैं लेकिन इस तरह के मजाक कई दफा गंभीर परिणामों में बदल जाते हैं।
मैरिज काउंसिलर शिवानी इन परिणामों के बारे में बताती हैं, ''मेरे पास बहुत से ऐसे क्लाइंट आते हैं जिनके बीच अनबन की वजह दोस्तों का मजाक या रिश्तेदारों के ताने होते हैं। उम्र में फ़ासला होने की वजह से ये अनबन और ज़्यादा हो सकती है।''
उम्र में फ़ासले के परिणाम
अगर दो लोग एक उम्र के नहीं हैं तो उन्हें आपस में तालमेल बैठाने की समस्या का सामना करना पड़ता है।एक रिपोर्ट के अनुसार कम उम्र के व्यक्ति के सोचने का तरीका अलग होता है जबकि अधिक उम्र वाले व्यक्ति की सोच अलग। ऐसे में कई बार सोच-समझ में मतभेद हो जाते हैं।
हालांकि आपसी तालमेल की ये बातें उम्र के अलग-अलग पड़ाव के अनुसार बदल जाती हैं। इस बात को शिवानी विस्तार से समझाती हैं, ''मान लीजिए एक जोड़ा 20 साल और 30 साल का है तो उनके बीच आपसी मतभेद दिख सकते हैं लेकिन दूसरा जोड़ा 50 साल और 60 साल का है तो उनके बीच उन्हीं समान मुद्दों पर सहमति देखने को मिलती हैं। हालांकि दोनों ही उदाहरण में उम्र का फासला तो 10 साल का ही है लेकिन कई बार ऐसे रिश्तों में उम्र का पड़ाव ज़्यादा अहम हो जाता है।''
शिवानी कहती हैं कि जब हम जवान होते हैं तो हमारी उम्मीदें, महत्वाकांक्षाएं अलग होती हैं, उस समय उम्र में पांच साल का फासला भी ज़्यादा नज़र आता है जबकि उम्र दराज होने पर यही फासला अनुभव में बदलकर सहमति की ओर ले जाता है।
अमरीका की इमोरी यूनिवर्सिटी की एक स्टडी बताती है कि अगर उम्र का फासला बहुत अधिक होता है तो उनके बीच तलाक के आंकड़े बढ़ जाते हैं। रैंडल ओल्सन ने इमोरी यूनिवर्सिटी की इस स्टडी पर What makes for a stable marriage? नाम से दो हिस्सों में रिपोर्ट जारी की थी, इन दोनों हिस्सों में बताया गया था कि किसी कपल के बीच उम्र का फासला जितना बढ़ता जाता है तलाक की संभावनाएं उतनी अधिक बढ़ जाती हैं। हालांकि ये रिपोर्ट अमरीकी जोड़ो पर आधारित है।
क्या रहती है सोच?
इसके विपरीत एक लड़का खुद से बड़ी उम्र की लड़की के साथ रिश्ता कायम करते वक्त किन बातों का ख्याल रखता है? इसके बारे में शिवानी कहती हैं कि लड़कों के लिए ये रिश्ते एक तरह से कम जिम्मेदारी भरे होते हैं, वो एक अनुभवी साथी का साथ पाकर बहुत सी जिम्मेदारियों से बच जाते हैं।
शिवानी कहती हैं, ''ये रिश्ते दोनों के लिए ही WIN-WIN स्थिति हैं, अगर दोनों की आपसी समझ बेहतर है तो लड़का और लड़की एक दूसरे की जरूरतों को पूरा कर देते हैं। बड़ी उम्र की लड़कियां आत्मनिर्भर होती हैं, ऐसी लड़कियों के साथ लड़कों को बहुत अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ती।''
शिवानी यह भी कहती हैं कि इस तरह के रिश्तों में आमतौर पर पहले से ही बच्चों के होने या न होने की संभावनाओं पर विचार कर लिया जाता है। अगर एक 20 साल का लड़का 30 साल की लड़की को डेट कर रहा है तो शायद वे फैमिली प्लानिंग के संबंध में बहुत स्पष्ट ना हों लेकिन अगर एक 30 साल का लड़का और 40 साल की लड़की डेट कर रहे हैं तो उनके बीच फैमिली प्लानिंग की सहमतियां बन जाती हैं।
उम्र में फासलों के सफल असफल दोनों ही तरह के ढेरों उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां सैफ अली खान और उनकी पहली पत्नी अमृता सिंह के बीच उम्र का बड़ा फासला था और उनकी शादी कामयाब नहीं रही। बाद में सैफ ने खुद से उम्र में काफी छोटी करीना कपूर से शादी की।
वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी कई उदाहरण हैं जहां पत्नी के बड़ी उम्र के होने के बाद शादियां कामयाब रहीं, जैसे क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और अंजली तेंदुलकर की जोड़ी।