फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Relationship ›   I am in love from mujhe chand chahiye

'हर्ष तो मुझे दूसरी दुनिया में ले गया'

Mon, 22 Dec 2014 05:00 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 22 Dec 2014 05:00 PM IST
I am in love from mujhe chand chahiye

सुरेन्द्र वर्मा द्वारा रचित उपन्यास 'मुझे चांद चाहिए' के दूसरे खंड के भाग दो 'आइ एम इन लव!' से लिया गया ये अंश-



तन्मय चुंबन के दौरान सिलबिल ने महसूस किया कि उसकी कमीज के बटन खोले जा रहे हैं।

'घर आए अतिथि का वस्त्राहरण आपको शोभा नहीं देता श्रीमान।' सिलबिल ने कृत्रिम प्रतिरोध किया।

'जो प्रेमी चुंबन-श्रृंखला तोड़ता है, वह गौवध के पाप का भागी बनता है।' हर्ष गंभीरता से बोला।

'भूल गई। 'कामसूत्र' का मेरा अध्ययन आपके जैसा गहन नहीं।' मुस्कान दबाते हुए सिलबिल ने कहा।

हर्ष ने उसके एक कान की लौ अपने होंठों में ली, चुभलायी और हल्के से काट ली।

'तुम कैसे भारतवासी हो?' सिलबिल कराही, 'गणतंत्र दिवस पर नवनिर्माण के बजाय ऐसी हासोन्मुख हरकत...'

अब दृढ़ आलिंगन में वर्षा की नग्न पीठ पर हर्ष के चपल हाथ का स्पर्श था। जहां-जहां हाथ फिसलता, त्वचा रोमांचित होती जाती।

स्टीरियो पर धीमे सुरों में सितार की रागिनी चल रही थी। एक खिड़की बंद थी, एक खुली। पर्दे खिंचे हुए थे। बड़े लॉन का बड़ा बंगला बिल्कुल खामोश था। (परिवार कलकत्ते गया हुआ था)। बिस्तर के बगल की दीवार पर चैपलिन का ब्लोअप लगा था और सामने ऑथेलो के रूप में हर्ष की तस्वीर।


सहसा हुक खुला और उसकी ब्रा निकाल ली गई (अंतर्वस्त्रों का यह जोड़ा हर्ष की भेंट था)।

'मेरी भोलीभाली कंचुकी ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?'

हर्ष मोहाविष्ट-सा उसके वक्ष को देख रहा था (सिलबिल को खुशी हुई कि कुछ वर्ष पहले दिव्या की सलाह पर उसने रात को सोते समय ब्रा पहने रहना बंद कर दिया था। आकार एवं पुष्टि की दृष्टि से परिणाम बहुत सुंदर निकले।(उसने अगले ही दिन दिव्या को पत्र लिखकर आभार व्यक्त किया था)।
विज्ञापन


'चैपलिन जी क्या सोचेंगे? वरिष्ठ अभिनेता का लिहाज करना हमारा....'

सिलबिल की बात पूरी नहीं हो पायी। हर्ष ने उसके बायें उरोज को चुंबनों की लड़ी से बांधते हुए चूचुक को होंठो में भर लिया। सीत्कार के साथ सिलबिल की सांस रूक गई। तलवों से झुनझुनी उठी और पूरे जिस्म को स्पंदित कर गयी...

उसकी जींस का बटन काज से निकला और जिप खुली।

'कुमारी कन्या के नीवि-बंधन को न छेड़ों आर्यपुत्र!'

उन्मादी चुंबनों की श्रृंखला से उसका मुंह बंद करते हुए हर्ष ने एक आतुर हाथ से लेस की पेंटी के पार उसके नितंबो को सहलाया...

अपने वक्ष पर हर्ष के नग्न सीने का स्पर्श हुआ, तो सिलबिल का गला सूखने लगा। हर्ष की पीठ पर उसकी हथेलियों का दबाव अपने-आप बढ़ गया। मेरे शरीर में ऐसी उन्मत्त बयार बंदी थी, हर्ष ने अपने स्पर्श से ये झरोखे खोले हैं, उसने सोचा।

... हर्ष ने बिस्तर पर उसे उलटा और सीधा लिटाकर स्पर्शों और चुंबनों से पूरे शरीर में थरथराहट भर दी। सिलबिल ने अपने भीतर ऐसी तप्त नमी कभी महसूस नहीं की थी। जब हर्ष उसके भीतर प्रविष्ट हुआ, तो सिलबिल की सांस रूक गयी। बंद आंखों वाले चेहरे पर आशंका की छाया तैरी। नवचुंबन से हर्ष ने उसे आश्वस्त किया... कामना और अपनत्व की सिहरन के साथ सिलबिल ने अपने को ढीला छोड़ दिया...


समागम से पहले सिलबिल जितनी मुखर थी, बाद में उतनी ही मौन हो गयी। हर्ष ने एक हाथ उसकी गर्दन के नीचे रख, दूसरे हाथ से उसकी कमर को घेरे हुए उसे अपने से सटा रखा था। उसका मुंह हर्ष ने सीने में छिपा हुआ था। हर्ष की अंगुलियां उसके बालों में उलझी थी।

सिलबिल ने धीरे-धीरे सांस छोड़ी। तन-मन आह्लाद और तृप्ति से शिथिल था। अपनत्व एवं सुरक्षा की ऐसी अनुभूति पहले कभी नहीं हुई थी-जैसे वह हर्ष के साथ दुर्गम पर्वत के शिखर पर पहुंच गयी हो, जहां सिर्फ मौन, शांति और सुकून था।

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed