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दिल टूटने पर दोस्ती कायम रखना जायज है?

Thu, 02 Oct 2014 04:53 PM IST
Updated Thu, 02 Oct 2014 04:53 PM IST
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 Being friends with your ex

रिश्ता ख़त्म हो जाने के बाद एक बड़ा सवाल अक्सर होता है कि क्या अपने पूर्व साथी के साथ अभी भी दोस्त रह सकते हैं?

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ये आप पर, आपके साथी पर और उन परस्थितियों पर निर्भर करता है जो संबंध विच्छेद का कारण बनी। जो आपके दोस्त के मामले में सही था ज़रूरी नहीं कि आपके मामले में भी सही हो।

इसलिए, क्यूंकि इस निर्णय का कोई निश्चित फोर्मुला नहीं है। अपने दिल कि सुनिये।

जिन कारणों की वजह से आप अपने पूर्व साथी से दोस्ती न रखना चाहें

 Being friends with your ex

आपके साथी के साथ आपका सम्बन्ध हिंसापूर्ण था और आप उनसे कोई सम्बन्ध नहीं रखना चाहते। आपको शंका है कि वो आपका पीछा कर सकते हैं और आप उसी वेदना से फिर से गुजरने से बचना चाहते हैं।

आपके साथी ने कुछ अक्षम्य किया था। शायद आपसे बहुत बड़ा झूठ बोला या आपको धोखा दिया और आपका भरोसा हमेशा के लिए खो दिया।

आप अभी भी टूटे हुए रिश्ते के दर्द से उबार रहे हैं और उनसे कोई भी संपर्क आपके इस मिशन को नुकसान पहुंचाएगा।

आपको अपने आप पर भरोसा नहीं है और आपको लगता है कि फिर से मिलने पर आप शायद कमज़ोर होकर रिश्ते को एक और मौका दे बैठेंगे और फिर से दुःख पहुंचेगा।

आपके मन में अभी भी अपने पूर्व साथी के लिए प्यार है और आप उन्हें दोस्त के रूप में देखकर दुखी होंगे।

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पूर्व साथी को अपना दोस्त बनाये रखने पर टिप्स

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सम्बन्ध विछेद के बाद खुद को कुछ समय दें। अपने पूर्व साथी से दोस्ती कि जल्दबाज़ी न करें। सम्भव है कि रिश्ते कि कड़वाहट अभी भी आपके दिमाग से निकली नहीं हो और वो कड़वाहट इस दोस्ती को पनपने नहीं देगी। दोस्ती कि पहल तभी करिये जब आपके मन से साडी कड़वाहट निकल चुकी हो।

ज़यादा प्रयास मत करिये। यदि आपका पूर्व साथी इस दोस्ती का इच्छुक नहीं है तो उसे उसके हाल पर छोड़ दें।

अपनी अपेक्षा को समझ लें। आपके दिमाग में ये बात साफ़ होनी चाहिए कि आपका अपने पूर्व साथी से दोस्ती करने का उद्देश्य क्या है। क्या आप सचमुच दोस्ती कर रहे हैं या दोस्ती के बहाने फिर से उनके करीब आकर उन्हें रिझाने के लिए ऐसा कर रहे                हैं।

जल्दबाज़ी न करें। जिस व्यक्ति से आप का गहरा सम्बन्ध रहा हो अचानक उसका दोस्त बन जाना इतना आसान भी नहीं है। शुरुवात उनके जन्मदिन पर फोन कर या मोबाइल सन्देश भेजकर करें। और धीरे धीरी जब आप सहज हो जाएं तो दोस्ती कि पहल करें।

अपने प्यार या शारीरक सम्बन्ध का विषय सामने न लाएं। यदि आप किसी के साथ रिश्ते में हैं या किसी को पसंद करते हैं तो इस बारे में भी बात न करें। अपनी ज़िन्दगी कि हर जानकारी देना उचित नहीं है।

अपने पूर्व साथी से अपनी दोस्ती कि चर्चा किसी अच्छे दोस्त से ज़रूर करें।

अपने पूर्व साथी के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने से बचें। ये आप दोनों के लिए सही नहीं होगा क्यूंकि ये स्थिति को और उलझा देगा। ऐसा करने से पहले अपने आप को उन कारणों कि याद दिलाएं जिनकी वजह से आपका सम्बन्ध टूटा था।

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