सांप के जहर से रोका जा सकता है एचआईवी संक्रमण, जानिए कैसे
एचआईवी संक्रमण की रोकथाम की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। होम्योपैथी दवा के जरिए सांप के जहर का इस्तेमाल करके इसे रोका जा सकता है।
यह दावा विश्व होम्योपैथी समिट में शोधकर्ताओं ने किया है जिन्होंने एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए सांप के जहर से तैयार दवा का दावा किया है।
हैदराबाद स्थित जेएसपीएस राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में यह सफलता पाई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, रैटलस्नेक नामक प्रजाति के सांपों के जहर से निकले वाला तत्व क्रोतालस हॉरिडस एचआईवी को बढ़ने से रोक सकता है।
जहर से उपचार?
प्रमुख शोधकर्ता डॉ. प्रवीण कुमार के अनुसार, ''रैटलस्नेक में पाया जाने वाला क्रोटालस हॉरिडस में रिवर्स ट्रांस्कपिटेज़ नामक इन्जाइम है जो एचआईवी या हेपेटाइइटस बी जैसे वायरों को खरबों में बंटने से रोकन सकता है।''
इसके अलावा, इस शोध में विशेषझों ने यह भी माना कि पिछले कुछ सालों से सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीवों के अध्ययन से कई तरह के उपचार खोजे गए हैं और उन्हें रोगियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि एचआईवी संक्रमण जैसे लाइलाज संक्रमण को रोकने की दिशा में यह कमद मील का पत्थर हो सकती है।