गर्भनिरोधक दवाएं बढ़ाती हैं महिलाओं में यह खतरा!
महिलाओं के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स परेशानी खड़ी कर सकती हैं। इस दवा के इस्तेमाल से मस्तिष्क के सिकुड़न जैसी समस्या हो सकती है।
न्यूरो-वैज्ञनिकों के अनुसार इमोशन्स एवं निर्णय लेने वाले दिमाग के दो प्रमुख हिस्से बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने वाले लोगों में सिकुड़ जाते हैं। इन पिल्स में पाए जाने वाले सिंथेटिक हार्मोन से नेचुरल हार्मोन्स का दमन दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों की टीम 90 महिलाओं पर किए गए अध्ययन के बाद इस नतीजे पर पहुंची है।
और भी हैं नुकसान
शोध में यह भी पाया गया कि इनके सेवन से दिमाग का लेटरल ऑर्बिटोफ्रंटल कोर्टेक्स प्रभावित होता है जिससे अवसाद और तनाव जैसी समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है। मस्तिष्क का यह हिस्सा भावनाओं को नियंत्रित करता है और दिमाग को नकारात्मक भावों से दूर रखता है।
शोधकर्ता निकोल पीटरसन के अनुसार, ''कुछ महिलाओं को गर्भनिरोधक दवाओं का साइड इफेक्ट भावनात्मक उद्वेलन के रूप में उठाना पड़ता है जो उनकी मानसिक सेहत के लिए ठीक नहीं है।''
हालांकि अभी यह पता किया जाना बाकी है कि दिमाग के अंदर ये बदलाव स्थायी हैं या फिर पिल्स लेने के दौरान ही ऐसा देखने को मिलता है।