चीन में चमगादड़ और सांपों से इंसानों में फैला खतरनाक कोरोना वायरस, इनको खाना बना बीमारी की वजह!
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जानलेवा कोरोना वायरस फैलने की जिन दो वजहों को वैज्ञानिक बता रहे हैं उनको जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल, वैज्ञानिकों का कहना है कि चीन से दुनियाभर में फैल रहे कोरोना वायरस की असल वजह चमगादड़ और सांप हो सकते हैं। इसके साथ ही वुहान में प्रयोगशाला से रिसाव हुआ खतरनाक वायरस भी कोरोना वायरस के पीछे की वजह हो सकती है। यह खतरनाक वायरस सार्स और मेर्स सांस की बीमारी से ताल्लुक रखता है। साल 2004 में वैज्ञानिकों ने सिवियर एक्यूट रेस्परेटरी सिंड्रोम और मिडिल इस्टर्न रेस्परटॉरी सिंड्रोम के लिए चमगादड़ों को जिम्मेदार ठहराया था।कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए चीन और हॉगकॉग में स्वास्थ्य आपातकाल लगा दिया गया है।
ये है कोरोना वायरस के फैलने की असल वजह
वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस फैलने की दो वजह बताई हैं। चीन के वुहान में इस वायरस के फैलने की वजह चमगादड़ और एक प्रयोगशाला से वायरस का रिसाव बताया गया है। कोरोना वायरस की ही वजह से सार्स और मेर्स नाम की दो गंभीर सांस की बीमारियां होती हैं। इन दोनों बीमारियों की असल वजह भी चमकादड़ ही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वुहान में कोरोना वायरस फैलने की वजह चमगादड़ खाना है। क्योंकि वुहान में अनियमित पशु व्यापार काफी ज्यादा होता है। इसी वजह से यह वायरस इस इलाके में फैला है। बता दें कि चीन में चमगादड़ खाया जाता है और इसके कई वीडियो भी आपको मिल जाएंगे।
चमकादड़ खाने का वीडियो हुआ था वायरल
हाल ही में चीन में चमगादड़ खाने का वीडियो वायरल हुआ था। इसकी काफी आलोचना भी हुई थी। 'सीएनएन' में प्रकाशित एक लेख में बताया गया है कि चमगाड़ और सांपों के साथ ही वायरस का रिसाव भी इस खतरनाक वायरस की एक संभावित वजह हो सकती है। साल 2017 में एक चाइनीज सेलिब्रिटी ने चमगादड़ खाने वाला वीडियो वायरल करने के लिए माफी भी मांगी थी। यह वीडियो तब काफी वायरल हुआ था। ऐसे में कहा जा रहा है कि वुहान में चमगादड़ों का सेवन भी इस वायरस की असल वजह हो सकती है।
2017 में प्रयोगशाला से हुआ था दुनिया की सबसे खतरनाक गैस का रिसाव
इसके अलावा साल 2017 में ही चीन की एक प्रयोगशाला से वायरस का रिसाव हुआ था। ऐसे में इसे भी इस खतरनाक वायरस की वजह बताया जा रहा है। तीन साल पहले वुहान के राष्ट्रीय जैव सुरक्षा प्रयोगशाला से दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायरस एवं विषाणु में शामिल वायरस रिसाव हुआ था। उस वक्त इसके रिसाव के कई दुष्परिणाम सामने आने की बात कही गई थी। गौरतलब है कि इस खतरनाक वायरस की वजह से चीन में 80 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,744 संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें से 461 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।कोरोना वायरस पिछले साल दिसंबर महीने में सबसे पहले चीन के वुहान शहर में फैला। यहां से यह वायरस तेजी से पूरे चीन में फैलने लगा और लोगों को चपेट में लेने लगा।
वुहान के बाद यह वायरस बीजिंग, शंघाई, मकाओ और हांगकांग पहुंचा और लोग इससे संक्रमित होने लगे। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग का कहना है कि इस वायरस का संक्रमण काल 10 दिन होता है और इन दिनों में इससे बचाव के लिए विशेष ख्याल रखना पड़ता है। जापान में पहले ही इस वायरस से संक्रमित दो मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। दरअसल, चीन या फिर वहां के वुहान शहर से दूसरे देशों में आने वाले यात्रियों के जरिए ही यह वायरस अन्य देशों में कदम रख रहा है। हॉगकॉग और भारत में चीन से लौटे यात्रियों के जरिए ही इस वायरस ने कदम रखा है। इसी वजह से चीन पहले ही अपने 12 शहरों के 3.5 करोड़ से ज्यादा निवासियों के यात्रा पर प्रतिबंध लगा चुका है। भारत में भी कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीज मिले हैं। मुंबई के बाद राजस्थान और बिहार में कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों की बात सामने आई है। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है चीन से आने वाले ये लोग कोरोना वायरस से ही संक्रमित हैं।